हर साल मनाया जाएगा जनजातीय महोत्सव : रघुवर

हर साल मनाया जाएगा जनजातीय महोत्सव :  रघुवर

हर साल मनाया जाएगा जनजातीय महोत्सव : रघुवरआगामी वर्ष से प्रत्येक वर्ष जनजातीय महोत्सव मनाया जाएगा। #झारखंड की संस्कृति, मांदर की संस्कृति हमेशा गुंजायमान रहेगी। हमारे देश की संस्कृति, राज्य की संस्कृति आदिकाल से ही इतनी मजबूत है कि कोई इसे विखंडित नहीं कर सका। उक्त बातें मुख्यमंत्री #रघुवर_दास ने धुर्वा में आयोजित कार्तिक उरांव जयंती समारोह सह जतरा के अवसर पर कही।

कुछ लोग झारखंड को लूटखंड बनाया, अब झूठखंड बनाना चाह रहे हैं
उन्होंने कहा- स्व॰ कार्तिक उरांव के सपनों को हम साकार करेंगे। जात-पात, वर्ग, समुदाय से उपर उठकर एक समरस, स्वाबलंबी एवं समृद्धशाली राज्य बनाएंगे। आदिवासी भाई-बहन विकास यात्रा में विकास के हकदार बन रहे हैं। तेजी से उड़ान भरना चाह रहे हैं। कुछ लोग समाज को गुमराह करना चाहते हैं। उन्होंने झारखंड को लूटखंड बनाया, अब झूठखंड बनाना चाह रहे हैं। न लूटखंड चलेेगा, न झूठखंड चलेगा, चलेगा तो सिर्फ विकास चलेगा।
हमने सीएनटी/एसपीटी का सरलीकरण किया
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले लोगों ने कमीशन खाकर गरीब आदिवासियों की जमीन को हड़पने का काम किया। हमारी सरकार ने एसएआर कोर्ट के माध्यम से जमीन हड़पने पर पाबंदी लगाने का काम किया है। स्थानीय नीति के परिभाषित नहीं होने से आदिवासी समुदाय के बच्चों को नौकरी नहीं मिल पा रही थी। हमारी सरकार ने अधिसूचित क्षेत्रों के जिलों में भी पद चिन्ह्ति किए तथा अब उन्हें नौकरी मिल रही है। हमने सीएनटी/एसपीटी का सरलीकरण किया है, इस सरलीकरण से मात्र रैयतधारी ही लाभान्वित होंगे, दूसरे नहीं। पहले उनकी जमीन सिर्फ कृषि योग्य हुआ करती थी। सरलीकरण से रैयत अपनी दुकान बना सकते हैं, व्यवसाय कर सकते हैं। आज सड़कें बन रही हैं। सड़क किनारे उनकी जमीन यदि कृषि योग्य है तो क्या उस जमीन पर अपनी दुकान करने, व्यवसाय करने का हक उन्हें नहीं है? क्या वे बेरोजगार ही बने रहें? सीएनटी/एसपीटी के सरलीकरण से अब वे अपनी भूमि पर कृषि के साथ-साथ व्यवसाय भी कर सकेंगे और स्वामित्व भी उन्हीं का रहेगा।

बिजली के लिए 257 सबस्टेशन का निर्माण करना है
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के 68 लाख घरों में से बचे 30 लाख घरों में बिजली के लिए 257 सबस्टेशन का निर्माण करना है। क्या सब स्टेशन नहीं बनना चाहिए? क्या उनके घरों में बिजली नहीं पहुंचनी चाहिए? क्या उनके बच्चों को बिजली की रोशनी में नहीं पढ़ना चाहिए? क्या कार्तिक बाबू के सपने साकार नहीं होने चाहिए? उनका सपना था कि आदिवासी समाज शिक्षित हो। आज सरकार उन्हें शिक्षित करने के लिए गांव में बिजली लाना चाहती है। सड़क बनाना चाहती है, सिंचाई के लिए नहर बनाना चाहती है, 12 हजार अतिरिक्त आंगनबाड़ी केन्द्रों का निर्माण करना चाहती है तो कुछ लोग उसमें व्यवधान उत्पन्न कर रहे हैं। मैं व्यवधान उत्पन्न करने नहीं दूंगा। मैं एक मामूली व्यक्ति हूं, मैंने गरीबी देखी है, मैं मजदूर हूं और राज्य का एक नंबर मजदूर बनकर राज्य की गरीबी को समाप्त करना चाहता हूं। गरीबों का भी स्वाभिमान होता है, उनको भी शिक्षा का हक है तथा बुनियादी सुविधाओं का भी। सरकार उच्च शिक्षा यथा आईआईटी, आईआईएम इत्यादि में शिक्षा ग्रहण करने वाले गरीब बच्चों को आर्थिक मदद देने के लिये एक कोष बनाएगी।

राज्य में ही रोजगार देने की व्यवस्था होगी
रघुवर दास ने कहा कि जब तक हाथ बेकार रहेंगे तब तक विकास नहीं होगा, गरीबी के कारण जो बच्चे-बच्चियां काॅलेज का मुंह नहीं देख सके और पलायन कर गए, उनके लिए सरकार राज्य में ही रोजगार देने की व्यवस्था कर रही है। हमारी बहनें सखी मंडल शामिल होकर झारक्राफ्ट के लिए दरी, कंबल, बेडशीट, तौलिया आदि बनाएंगी। इनकी आपूर्ति विद्यालयों, अस्पतालों एवं अन्य संस्थानों में की जाएगी। अब झारक्राफ्ट के लिये मुंबई से डिजाइनर भी आ रहीं हैं जो विभिन्न उत्पादों को मांग के अनुरूप डिजाईन करेंगी। गरीब बहनों को सरकार मुर्गीपालन के लिए 400 चूजा एवं आधारभूत संरचना भी निःशुल्क देगी। वे अपने गांव के विद्यालयों में अंडा की आपूर्ति कर 4000 रुपए मासिक कमा सकती हैं। सरकार ने राज्य के बाहर काम कर रही बच्चियों को वापस लाने के लिए अन्य राज्यों में समाचार पत्रों में विज्ञापन भी दिया है। सरकार राज्य में वस्त्र उद्योग भी लगाने जा रही है, जिससे रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।

ये थे उपस्थित
इस अवसर पर गुमला विधायक शिवशंकर उरांव, खिजरी विधायक राम कुमार पाहन, पूर्व विधायक समीर उरांव, झारखंड आंदोलनकारी चयन आयोग के सुनील फकीरा कश्यप, केन्द्रीय सरना समिति के अध्यक्ष फुलचंद तिर्की, झारखंड आदिवासी विकास समिति धुर्वा के अध्यक्ष मेघा उरांव, वार्ड पार्षद आषोक बराईक, पाहन पुजार महतो एवं बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

अन्य खबरों के लिए पढ़ें : National | International | Bollywood | Bihar | Jharkhand | Bhagalpur | Business | Gadgets |

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे! हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App

You must be logged in to post a comment Login