आज देश के 14वें राष्ट्रपति का मतदान आज, रामनाथ कोविंद का पलड़ा भारी

आज देश के 14वें राष्ट्रपति का मतदान आज, रामनाथ कोविंद का पलड़ा भारी

मतदान संसद भवन और प्रत्येक राज्य की विधानसभाओं में सुबह 10.0 बजे से शाम 5.00 बजे तक होगा। चुनाव में सांसद और विधायक अपनी पेन का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे, बल्कि मतदान के लिए वे खास तौर पर डिजाइन किए गए पेन का इस्तेमाल करेंगे। निर्वाचन आयोग ने रविवार को कहा कि किसी अन्य पेन से डाला गया मत अवैध करार दिया जाएगा।

कुल मतों की संख्या 10,98,903 है 
निर्वाचक मंडल के कुल मतों की संख्या 10,98,903 है और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के उम्मीदवार को 63 फीसदी से अधिक मत मिलने की संभावना है। इस चुनाव में कुल 776 सांसदों और 4,120 विधायकों को मतदान का अधिकार है। मतों की गणना 20 जुलाई को होगी।

संसद भवन में मतदान के लिए लोकसभा के महासचिव अनूप मिश्रा को निर्वाचन अधिकारी नियुक्त किया गया है। राष्ट्रपति चुनाव में प्रत्येक सांसद के मतों का मूल्य 708 है, जबकि विधायकों के मतों का मूल्य उनके राज्यों की आबादी के अनुसार निर्धारित होता है।

निर्वाचन आयोग ने तैयार कराए पोस्टर
निर्वाचन आयोग ने राष्ट्रपति चुनाव के लिए खास तौर पर जागरूकता फैलाने वाले पोस्टर तैयार करवाए हैं, जिनमें बताया गया है कि मतदान के दौरान क्या करें और क्या न करें। इन पोस्टरों का उद्देश्य शांतिपूर्वक मतदान संपन्न कराना है।

32 मतदान केंद्र स्थापित
राष्ट्रपति चुनाव के लिए कुल 32 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। इनमें से एक मतदान केंद्र संसद भवन के कमरा संख्या-62 में बनाया गया है, जबकि हर राज्य की विधानसभा में एक-एक मतदान केंद्र स्थापित किया गया है।

दो रंग में होंगे मतपत्र

मतदान में इस्तेमाल होने वाले मतपत्र दो रंगों में होंगे। हरे रंग के मतपत्रों का इस्तेमाल सांसदों के लिए और गुलाबी रंग के मतपत्रों का इस्तेमाल विधायकों के लिए होगा।

33 पर्यवेक्षक होंगे
निर्वाचन आयोग ने राष्ट्रपति चुनाव कराने के लिए 33 पर्यवेक्षकों को नियुक्त किया है। इनमें से दो पर्यवेक्षक संसद में और प्रत्येक राज्य की विधानसभा में एक-एक पर्यवेक्षक तैनात रहेंगे।

इन्हें भी मिली मतदान की इजाजत

निर्वाचन आयोग ने गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर, तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन तथा मुकुल रॉय सहित राज्यसभा के 14 सदस्यों को भी मतदान की इजाजत दी है।

ये अपनी-अपनी विधानसभा में करेंगे मतदान
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित 41 लोकसभा सदस्य अपने-अपने राज्यों की विधानसभा में मतदान करेंगे। इसी तरह आयोग ने पांच विधायकों को संसद में तथा पांच अन्य विधायकों को दूसरे राज्यों की विधानसभा में मतदान करने की इजाजत दी है।

निर्वाचित सदस्य करेंगे मतदान
संसद के दोनों सदनों तथा राज्य विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य राष्ट्रपति चुनाव में मतदान करेंगे, जिनमें राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) और केंद्र शासित पुदुचेरी के सांसद/ विधायक भी शामिल हैं।

20 जुलाई को होगी मतगणना
मतों की गणना 20 जुलाई को राष्ट्रीय राजधानी में होगी और उसी दिन शाम तक परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल 24 जुलाई को समाप्त हो रहा है और नए राष्ट्रपति 25 जुलाई को पदभार ग्रहण करेंगे।

सांसद कमरा नंबर 62 में करेंगे मतदान
अधिकारियों ने बताया कि संसद भवन के कमरा संख्या-62 में मतदान केंद्र बनाया गया है तथा सांसद जिन राज्यों से चुनकर आए हैं, उसे आवंटित मेज संख्या के अनुसार मतदान करेंगे।

पीएम मोदी कमरा नंबर 06 में करेंगे वोटिंग
अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी मेज संख्या-6 पर मतदान करेंगे, क्योंकि तीनों उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हैं।

कुल छह मेजों पर मतदान होगा
संसद भवन में कुल छह मेजों पर मतदान होगा। जिन विधायकों ने दिल्ली में मतदान करने का विकल्प चुना है, वे मेज संख्या-1 पर अपना मत डालेंगे।

रामनाथ कोविंद और मीरा कुमार के बीच मुकाबला
राष्ट्रपति चुनाव की दौड़ में दोनों सशक्त उम्मीदवार कोविंद और कुमार दलित समुदाय से आते हैं और चुनाव के लिए उन्होंने देशभर में घूम-घूम कर विधायकों का समर्थन हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत की है। बीजेपी के सदस्य कोविंद को कुछ क्षेत्रीय पार्टियों को छोड़कर राजग के करीब सभी घटक दलों का समर्थन प्राप्त है। वहीं मीरा कुमार को कांग्रेस सहित 17 मुख्य विपक्षी दलों का समर्थन हासिल है।

कोविंद का पलड़ा भारी, विपक्षी दल भी कर रहे हैं समर्थन
आंकड़ों की बात की जाए तो बिहार के पूर्व राज्यपाल कोविंद की दावेदारी मजबूत नजर आ रही है, क्योंकि उन्हें जनता दल (युनाइटेड) और बीजू जनता दल (बीजद) जैसे विपक्षी दलों का भी समर्थन हासिल है।

जद (यू) के पास निर्वाचक मंडल का कुल 1.91 फीसदी मत है, जबकि बीजद के पास 2.99 फीसदी। इसके अलावा तेलंगाना में सत्तारूढ़ तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के पास दो फीसदी, ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) का एक गुट (5.39 फीसदी) और वाईएसआर कांग्रेस (1.53 फीसदी) ने भी कोविंद के पक्ष में मतदान करने की घोषणा की है।

कोविंद के नाम पर विपक्ष में मतभेद
कोविंद को उम्मीदवार बनाए जाने के साथ ही विपक्षी दलों के बीच मतभेद उजागर हो गए, क्योंकि जद (यू) ने बिहार में अपने घटक दलों – कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) – के उलट जाकर कोविंद के समर्थन की घोषणा कर दी।

आप ने मीरा कुमार को दिया समर्थन
दिल्ली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) ने विपक्ष की संयुक्त उम्मीदवार मीरा कुमार के समर्थन की घोषणा की है, लेकिन आप के वरिष्ठ नेता एच. एस. फुल्का ने किसी भी कांग्रेस उम्मीदवार का समर्थन न करने की घोषणा करते हुए खुद को राष्ट्रपति चुनाव से ही अलग कर लिया है।

किसी पार्टी ने व्हिप जारी नहीं किया 
राष्ट्रपति चुनाव के लिए अब तक किसी पार्टी ने व्हिप जारी नहीं किया है। विपक्ष की उम्मीदवार लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष मीरा कुमार ने मतदाताओं से ‘अपनी अंतरात्मा की आवाज’ सुनकर मतदान करने की अपील की है।

2012 में पिछले राष्ट्रपति चुनाव में प्रणब मुखर्जी ने पीए संगमा को मात दी थी और कुल 69 फीसदी मत हासिल करने में सफल रहे थे।

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