सांसद सुदीप की गिरफ्तारी, भड़की तृणमूल का भाजपा कार्यालय पर हमला

सांसद सुदीप की गिरफ्तारी, भड़की तृणमूल का भाजपा कार्यालय पर हमला

पश्चिम बंगाल में करोड़ों रुपये के रोज वैली चिट फंड घोटाले के सिलसिले में तृणमूल कांग्रेस के सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय को मंगलवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने गिरफ्तार कर लिया।

पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी ने इसे केंद्र सरकार की ‘बदले की राजनीति’ करार देते हुए इसके खिलाफ राष्ट्रव्यापी आंदोलन की घोषणा की। सांसद की गिरफ्तारी की खबर फैलने के बाद तृणमूल समर्थकों ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यालय पर हमला कर दिया, जिसमें 15 कार्यकर्ता घायल हो गए।

ममता ने कहा, “हम मोदी और अमित शाह की राजनीतिक बदले की भावना की घोर निंदा करते हैं। उन्होंने हमारे संसदीय दल के नेता सुदीप बंद्योपाध्याय को गिरफ्तार कर लिया। वह दिग्गज राजनेता हैं और हमारी पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं।” उन्होंने इसके बदले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष अमित शाह की गिरफ्तारी की मांग की।

सांसद सुदीप की गिरफ्तारी, भड़की तृणमूल का भाजपा कार्यालय पर हमला ममता ने कहा, “यह सब केवल नोटबंदी के खिलाफ हमारी लड़ाई को लेकर हो रहा है। हम जनता के साथ हैं और रहेंगे। जनता के साथ रहने से हमें कोई नहीं रोक सकता। नोटबंदी के खिलाफ हम अपना प्रदर्शन जारी रखेंगे।”

उन्होंने फेसबुक पोस्ट में कहा, “हम इसकी निंदा और घोर निंदा करते हैं।”

तृणमूल सांसद के गिरफ्तारी की खबर जैसे ही फैली, सैकड़ों तृणमूल कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए। भीड़ ने कोलकाता स्थित भाजपा कार्यालय पर पथराव किया और वहां खड़ी कीमती गाड़ियों को क्षतिग्रस्त कर दिया।

भाजपा ने कहा कि उसके 15 कार्यकर्ता घायल हुए हैं। कुछ लोगों के सिर पर गहरी चोट लगी है।

ममता ने कहा कि उनकी पार्टी केंद्र सरकार के प्रतिशोधात्मक रवैये के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन करेंगी।

उन्होंने कहा, “हम नौ जनवरी को कोलकाता स्थित भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के सामने विरोध-प्रदर्शन करेंगे और दिल्ली, असम, ओडिशा व त्रिपुरा सहित 10 विभिन्न राज्यों में धरना दिया जाएगा।”

ममता ने कहा, “मैं भी सरकार चलाती हूं और मेरे पास भी चोरों, गुंडों व लुटेरों को गिरफ्तार करने का अधिकार है। यह गिरफ्तारी प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के दबाव में की गई है।”

ममता ने लोगों को केंद्र के खिलाफ सड़क पर उतरने की अपील की।

उन्होंने कहा, “आपातकाल जैसे हालात हैं। लोग नोटबंदी के खिलाफ सड़कों पर उतरेंगे और उन्हें सबक सिखाएंगे।”

उधर, ममता के आरोपों को खारिज करते हुए भाजपा नेता पीयूष गोयल ने कहा कि किसी भी जांच प्रक्रिया में केंद्र सरकार दखलंदाजी नहीं करती। उन्होंने ने कहा, “हमने किसी भी जांच प्रक्रिया में कभी हस्तक्षेप नहीं किया।”

नोटबंदी के खिलाफ विपक्ष के विरोध के बारे में पूछे जाने पर गोयल ने कहा, “यह विपक्ष की राजनीति है। भारत की जनता ने सरकार के इस कदम का समर्थन किया है।”

तृणमूल सांसद की गिरफ्तारी का कांग्रेस ने भी विरोध किया। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, “मोदी सरकार केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल केंद्र द्वारा आठ नवंबर को की गई नोटबंदी का विरोध करने वाले विपक्ष के खिलाफ कर रही है।”

उन्होंने कहा, “बंद्योपाध्याय की गिरफ्तारी और कुछ नहीं, बस बदले की राजनीति और विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश है।”

सुरजेवाला ने कहा, “जिस दिन से ममता बनर्जी ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन किया है, उसी दिन से मोदी की बदले की राजनीति का एक नया दौर शुरू हो गया है।”

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि रोज वैली चिटफंड घोटाले में कथित तौर पर शामिल केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो को क्यों नहीं गिरफ्तार किया गया या पूछताछ की गई?

कांग्रेस नेता ने कहा, “तापस पॉल ने गिरफ्तारी के दूसरे दिन इस घोटाले में बाबुल सुप्रियो की भूमिका के बारे में कहा था। क्या मोदी बाबुल सुप्रियो को गिरफ्तार कराएंगे? क्या सीबीआई उन्हें पूछताछ के लिए भी बुलाएगी?”

वहीं, केंद्रीय मंत्री सुप्रियो ने पॉल के आरोप को बकवास करार दिया और उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा करने की धमकी दी।

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