बिहार में हाइ और प्लस टू स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति पर रोक

बिहार में हाइ और प्लस टू स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति पर रोक

बिहार में हाइ और प्लस टू स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति पर रोकराज्य के हाइ व प्लस टू स्कूलों में चल रही #शिक्षकों की बहाली पर शिक्षा विभाग ने रोक लगा दी है. 13 जिलों से मेधा सूची प्रकाशित नहीं होने और कई मामलों के आने के बाद शिक्षा विभाग ने इस पर रोक लगायी है. छठ पूजा के बाद फिर से शेड्यूल जारी किया जायेगा. शेड्यूल के साथ-साथ फिर से गाइडलाइन भी दिया जायेगा. राज्य हाइ स्कूलों के करीब 5500 और प्लस टू स्कूलों के 12,500 पदों पर नियुक्ति लिए पहले ही आवेदन लिए जा चुके हैं. मेधा सूची तैयार करने और काउंसेलिंग कर नियुक्ति पत्र देने के लिए भी दो बार शेड्यूल निकल चुका है, लेकिन साइंस व मैथ विषय के शिक्षक की बहाली को लेकर मामला फंस गया.

विभाग उसका निदान  निकालने की तैयारी कर रहा है. विभाग ने निर्णय लिया है कि हाइ स्कूल में साइंस कोटि में शिक्षकों की बहाली होती है. इसमें अगर भौतिकी के शिक्षक का पद स्कूल में खाली होगा तो भौतिकी ऑनर्स वाले अभ्यर्थियों को पांच अंक ग्रेस के रूप में दिये जायेंगे. वहीं, अगर किसी का रसायनशास्त्र ऑनर्स है और भौतिकी सब्सिडरी विषय रहती है तो उसे भी बहाली का मौका मिलेगा, लेकिन पांच ग्रेस अंक नहीं मिलेगा. वहीं, बॉटनी और जूलॉजी विषय के अभ्यर्थियों के लिए भी विभाग रास्ता निकाल रहा है. छठ के बाद गाइडलाइन तैयार कर जिलों को दे
दिया जायेगा.
माध्यमिक शिक्षा निदेशक राजीव प्रसाद सिंह रंजन ने सभी जिलों के डीएम, नगर आयुक्त, डीडीसी, कार्यपालक पदाधिकारी व आरडीडीइ को इस संबंध में निर्देश दे दिया है. उन्होंने स्पष्ट किया है कि जिन जिलों ने मेधा सूची तैयार नहीं किया है उनसे स्पष्टीकरण पूछा गया है. जिलों में काउंसेलिंग और नियोजन की प्रक्रिया गुरुवार से ही शुरू होनी थी. इसलिए नियोजन की प्रक्रिया को तत्काल स्थगित किया जाता है और नयी गाइडलाइन के साथ नया शेड्यूल जारी किया जायेगा.
प्रारंभिक स्कूलों के 2.19 करोड़ बच्चों को मिलेगी पोशाक की राशि
राज्य के साढ़े 72 हजार प्रारंभिक स्कूलों में 2.19 करोड़ छात्र-छात्राओं इस साल पोशाक योजना की राशि दी जायेगी. इसकी तैयारी शुरू कर दी है. बिहार शिक्षा परियोजना परिषद् ने सभी जिलों से बच्चों के नामांकन और उनकी उपस्थिति का आंकड़ा मांगा है. बीइपी के राज्य परियोजना निदेशक संजय सिंह ने सभी जिलों के डीइओ व डीपीओ को निर्देश दिया है कि साल 2016-17 के लिए स्कूली बच्चों को मुख्यमंत्री पोशाक योजना की राशि दी जानी है.
इस योजना का लाभ राज्य के राजकीय, राजकीयकृत, अल्पसंख्यक सहित गैर सरकारी सहायता प्राप्त प्रारंभिक स्कूलों के बच्चों को दिया जायेगा. पोशाक योजना के लाभ के लिए बच्चों की स्कूलों में उपस्थिति 75 फीसदी होनी आवश्यक है और उसी आधार पर राज्य सरकार राशि जारी करेगी. इसलिए सभी जिले 11 नवंबर तक नामांकित छात्र-छात्राओं और उनकी  75 फीसदी उपस्थिति का आंकड़ा प्राथमिक शिक्षा निदेशालय और बीइपी को उपलब्ध करा दें, ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके. उधर, हाइ व प्लस टू स्कूलों की छात्राओं के लिए पोशाक और नौंवी के छात्र-छात्राओं को साइकिल की राशि देने के लिए छात्र-छात्राओं की उपस्थिति मंगा ली गयी है. माध्यमिक शिक्षा निदेशालय उसे कंपाइल्ड कर रहा है और बच्चों की 75 फीसदी उपस्थिति के आधार पर राशि आकलन कर उसे कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजेगा.
मुख्यमंत्री पोशाक, मुख्यमंत्री साइकिल योजना की राशि का वितरण दिसंबर महीने में किया जायेगा. इस साल से पहली बार यह राशि बच्चों के सीधे बैंक एकाउंट में जायेगी. लगभग सभी बच्चों का आधार कार्ड बन गया है और उसे बैंक एकाउंट से भी लिंक कर दिया गया है. जिन बच्चों का बैंक एकाउंट अंतिम समय तक भी नहीं खुल पायेगा तो उनके अभिभावक के खाते में राशि दी जा सकती है.
इस साल भी करीब 14 लाख छात्र-छात्राओं को साइकिल योजना का लाभ और क्लास सात से 12 क्लास की करीब 40 लाख छात्राओं को सेनेटरी नैपकिन की राशि दी जा सकेगी.

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