पत्रकार राजदेव रंजन हत्याकांड: शहाबुद्दीन के करीबी से CBI कर रही पूछताक्ष

पत्रकार राजदेव रंजन हत्याकांड: शहाबुद्दीन के करीबी से CBI कर रही पूछताक्ष

पत्रकार राजदेव रंजन हत्याकांड: शहाबुद्दीन के करीबी से CBI कर रही पूछताक्षसीबीआइ ने #सीवान के पत्रकार #राजदेव_रंजन हत्याकांड मामले में गुरुवार को #हमीद_रजा_खान उर्फ #डब्ल्यू_खान को पूछताछ करने के लिए तलब किया, लेकिन वह सीबीआइ के बुलावे पर नहीं पहुंचा. सीबीआइ अधिकारियों का कहना है कि वे पत्रकार हत्याकांड मामले में कुछ बेहद खास  बिंदुओं पर उससे पूछताछ करना चाहते हैं. इसमें कई महत्वपूर्ण  जानकारी प्राप्त होने की संभावना है. इस बीच सीवान से उसके घर से लापता होने की सूचना भी मिल रही है. घरवालों का इस मामले में कहना है कि वह पिछले चार दिनों से कहीं बाहर गया हुआ है.

लेकिन, विश्वस्त सूत्रों का कहना है कि बुधवार की शाम को जब उसे सीबीआइ का नोटिस मिला है, तब से वह लापता हो गया है. डब्ल्यू खान मो शहाबुद्दीन का बेहद करीबी है और अगर इससे पूछताछ होती है, तो यह भी माना जा रहा है कि अब सीबीआइ मो शहाबुद्दीन से भी पूछताछ करने के लिए उन्हें रिमांड पर ले सकता है. पत्रकार हत्याकांड मामले में मास्टरमाइंड या मुख्य सूत्रधार  तक पहुंचने में डब्ल्यू खान अहम कड़ी साबित हो सकता है.
वहीं, दूसरी तरफ गुरुवार को सीवान में इस बात की चर्चा बहुत जोरों पर थी कि सीबीआइ बुधवार की देर शाम को ही पूछताछ करने के लिए अपने साथ ले गया है और किसी अनजान जगह पर उससे छानबीन चल रहा है. हालांकि, सीबीआइ आधिकारिक रूप से इस तरह की किसी बात से पूरी तरह से इनकार कर रहा है. सीबीआइ अधिकारियों का कहना है कि नोटिस जारी करने के बाद भी जब डब्ल्यू खान नहीं आया, तो अब दूसरी बार उसके खिलाफ नोटिस जारी किया जायेगा. इसके बाद भी अगर वह नहीं आता है, तो सीबीआइ उसे गिरफ्तार कर पूछताछ करने की अनुमति विशेष कोर्ट से प्राप्त कर सकता है. पत्रकार हत्याकांड मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआइ को तीन महीने के अंदर अपनी जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है.
महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकता हमीद
डब्ल्यू खान पूर्व सांसद मो शहाबुद्दीन का बेहद करीबी है. वह राजद के टिकट पर वर्ष 2010 में विधानसभा चुनाव भी लड़ चुका है. वह सीवान में जकारिया एजुकेशन ट्रस्ट का सचिव है. इस ट्रस्ट के अंतर्गत कई कॉलेज चलते हैं, जिनमें पूर्व सांसद मो शहाबुद्दीन का सीवान इंजीनियरिंग  कॉलेज भी शामिल है. शहाबुद्दीन जब सांसद हुआ करते थे, उस दौरान नयी दिल्ली स्थित उनके आवास से दिल्ली पुलिस ने डब्ल्यू खान को एक आपराधिक मामले में संलिप्त होने के आरोप में गिरफ्तार भी किया था. वह करीब छह महीने नयी दिल्ली के तिहाड़ जेल में रहने के बाद रिहा हुआ था. बताया जाता है कि पूर्व सांसद के सभी लेन-देन का हिसाब-किताब यही रखता है.
शहाबुद्दीन के केस की सुनवाई एडीजे विनोद कुमार शुक्ला करेंगे
पूर्व सांसद शहाबुद्दीन के मामलों की सुनवाई के लिए एडीजे विनोद कुमार शुक्ला नियुक्त किये गये हैं. सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि शहाबुद्दीन के विरुद्ध लंबित वादों की सुनवाई के लिए एडीजे विनोद कुमार शुक्ला को सीवान जेल के पीठासीन पदाधिकारी सह विशेष कोर्ट के लिए नामित किया गया है. सुप्रीम कोर्ट ने इन मामलों की सुनवाई तेजी से करने का निर्देश दिया है.

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