मोदी को मांझी की चुनौती, झाडू छोड़ो, दलित संग भोजन करो

मोदी को मांझी की चुनौती, झाडू छोड़ो, दलित संग भोजन करो
download (1)
बिहार के मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनौती दी है. कहा है कि अगर आप महात्मा गांधी के समाज की सफाई के सपने को साकार करना चाहते हैं, तो महादलित व आदिवासी परिवारों के साथ बैठ कर चावल व मछली जैसे उनके भोजन को ग्रहण करें. बुधवार को पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के अपने पहले दौरे पर आये श्री मांझी ने स्वच्छ भारत अभियान पर कटाक्ष किया.
कहा- झाड़ू चलाने से क्या होगा?  उन्होंने कहा कि जाति आधारित भेदभाव व छुआछूत को समाप्त करने के लिए माइंडसेट की सफाई करना आज अधिक जरूरी है.
बिहार की राजनीति के संबंध में श्री मांझी ने कहा कि अपने कमरे में पूर्व सीएम व जदयू के वरिष्ठ नेता नीतीश कुमार की तसवीर रखने का कोई अन्य अर्थ नहीं निकालना चाहिए. उन्होंने कहा, नीतीश हमारे आदर्श हैं. उन्होंने कानून-व्यवस्था की खराब स्थिति और पिछड़ापन से बिहार को उबारा है. उन्होंने कहा कि मैंने यह कभी भी सोचा था कि जनप्रतिनिधि बनूंगा, लेकिन आज मैं बिहार का मुख्यमंत्री हूं. अपने बेहद छोटे कार्यकाल में कई कल्याणकारी योजनाएं शुरू कर मैंने नीतीश से कई बड़ी रेखाएं खींची हैं.
पूर्व में जदयू द्वारा बिहार में खराब कानून-व्यवस्था व पिछड़ापन के लिए राजद को जिम्मेदार ठहराने के बाद अब उसी से गंठबंधन करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि हम किसी की गोद में नहीं बैठे हैं. अपने भविष्य के संबंध में श्री मांझी ने कहा कि विधानसभा चुनाव में जदयू, राजद व कांग्रेस के बीच गंठबंधन होने की संभावना है. अगर हमें बहुमत मिला, तो विधायक दल सीएम का चुनाव करेगा. मोदी लहर की चुनौतियों के बारे में उन्होंने कहा कि लोग बहुत ही परिपक्व हैं और वे बार-बार झूठे वादों से गुमराह होनेवाले नहीं हैं. इसलिए बिहार में अब मोदी का जादू नहीं चलनेवाला है. फिर भी उन्होंने स्पष्ट किया कि भारी-भरकम प्रचार अभियान चलाने के लिए हमारे पास भाजपा जैसा संसाधन नहीं हैं. केवल आदिवासियों को यहां का मूल निवासी बताने संबंधी अपने विवादास्पद बयान पर श्री मांझी ने कहा कि मेरे शब्दों को गलत तरीके से परोसा गया. मैंने कभी नहीं कहा कि अन्य बाहरी हैं.

You must be logged in to post a comment Login