काला ताज महल नहीं बनने के पीछे ये है रहस्य

काला ताज महल नहीं बनने के पीछे ये है रहस्य

मशूर ताज की कहानी तो बच्चे बच्चे ने सुनी है पर आपने काले ताज की कहानी ना ही सुनी होगी न ही देखीं होगी। काल ताज जो आज तक सिर्फ एक रहस्य बनके रह गया , जी हाँ आपको बता दें की ये राज़ है मशूर बादशाह शाहजहाँ का जिन्होंने 7 अजूबों में से एक […]

दुखों को हरती मां छिन्नमस्तिका

दुखों को हरती मां छिन्नमस्तिका

झारखण्ड की राजधानी रांची से लगभग 80 किलोमीटर दूर मां छिन्नमस्तिका का मंदिर है, जिसका शक्तिपीठ के रूप में बड़ा महत्व है। यह रजरप्पा नामक स्थान पर स्थित है। इस मंदिर को महाभारत कालीन माना जाता है, वहीं कुछ विद्वान इसके छह हजार वर्ष पुराना होने के संकेत देते हैं। आदिवासियों में इस मंदिर का […]

भागलपुर का इतिहास

भागलपुर का इतिहास

भागलपुर बिहार प्रान्त का एक शहर है। गंगा के तट पर बसा यह एक अत्यंत प्राचीन शहर है। पुराणों में और महाभारत में इस क्षेत्र को अंग प्रदेश का हिस्सा माना गया है। भागलपुर के निकट स्थित चम्पानगर महान पराक्रमी शूरवीर कर्ण की राजधानी मानी जाती रही है। यह बिहार के मैदानी क्षेत्र का आखिरी […]

स्वर्ण मंदिर का इतिहास

स्वर्ण मंदिर का इतिहास

स्वर्ण मंदिर सिखों का सबसे पवित्र स्थल माना जाता है। जिस तरह हिंदुओं के लिए अमरनाथ जी और मुस्लिमों के लिए काबा पवित्र है उसी तरह सिखों के लिए स्वर्ण मंदिर महत्त्व रखता है। सिक्खों के लिए स्वर्ण मंदिर बहुत ही महत्वपूर्ण है। इसे “अथ सत तीरथ” के नाम से भी जाना जाता है। सिखों […]

गुप्त वृंदावन

गुप्त वृंदावन

राजमहल से 13 कि0मी0 पर अवस्थित कन्हैया स्थान भगवान कृष्ण के मंदिर के लिए विखयात है। यह माना जाता है कि बंगाल से लौटते समय श्री चैतन्य महाप्रभु यहाँ रूके थे तथा यहीं उन्हें भगवान के दर्शन भी हुए थे। श्री चैतन्य महाप्रभु के पद चिन्ह् इस जगह मौजूद हैं। बहुत कम लोग जानते हैं […]

मां योगिनी मंदिर

मां योगिनी मंदिर

मां योगिनी मंदिर झारखंड में गोड्डा जिले के पथरगामा प्रखंड में स्थित है। यह जिला मुख्यालय से मात्र 15 किलोमीटर दूर बारकोपा में स्थित है। मां योगिनी का यह प्राचीन मंदिर तंत्र साधकों के बीच बेहद लोकप्रिय है। इसका इतिहास काफी पुराना है। ऐतिहासिक और धार्मिक पुस्तकों के अनुसार, यह मंदिर द्वापर युग का ही […]

मंदार पर्वत

मंदार पर्वत

मंदार पर्वत का उल्लेख पौराणिक धर्म ग्रंथों में हुआ है। समुद्र मंथन की जिस घटना का उल्लेख हिन्दू धार्मिक ग्रंथों में हुआ है, उनके अनुसार देवताओं और असुरों ने मंदार पर्वत पर वासुकी नाग को लपेट कर मंथन के समय मथानी की तरह प्रयोग किया गया था। सदियों से खड़ा मंदार पर्वत आज भी लोगों […]

नालंदा विश्वविद्यालय- शिक्षा का प्राचीन अधिष्ठान

नालंदा विश्वविद्यालय- शिक्षा का प्राचीन अधिष्ठान

बिहार के नालंदा जिले में बना नालंदा विश्वविद्यालय दुनिया का सबसे प्राचीन विश्वविद्यालय है। 450 ई. में इसकी स्थापना हुई थी। उस जमाने में यहाँ विभिन्न देशों के 10 हजार से अधिक विद्यार्थी निवास और अध्ययन करते थे। नालंदा विश्वविद्यालय की स्थापना गुप्त वंश के शासक कुमारगुप्त ने की। स्थापना के बाद इसे सभी शासक वंशों का समर्थन […]

दर्शनीय स्थल तारापीठ

दर्शनीय स्थल तारापीठ

तारापीठ, पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में स्थित है और इस स्‍थान को यहां स्थित तांत्रिक मंदिर के कारण जाना जाता है जो यहां की स्‍थानीय देवी तारा को समर्पित है जिन्‍हे शक्ति की एक मिसाल के रूप में पूजा जाता है। यह देवी हिंदू धर्म की प्रमुख देवी है। तारापीठ का शाब्दिक अर्थ होता […]

1 18 19 20