एटीएम की हालात सामान्‍य होने में दो सप्ताह का समय लगेगा: अरुण जेटली

एटीएम की हालात सामान्‍य होने में दो सप्ताह का समय लगेगा: अरुण जेटली

एटीएम की हालात सामान्‍य होने में दो सप्ताह का समय लगेगा: अरुण जेटलीवित्त मंत्री #अरुण_जेटली ने नोटबंदी के बाद एटीएम के बाहर लगी लंबी लाइन और लोगों को नहीं मिल पा रहे कैश पर बोलते हुए कहा कि अभी इसे सुधरने में दो सप्ताह का समय लग जाएगा. उन्होंने कहा कि हमें सभी जानकारियां मिल रही है और हम इसपर नजर बनाए हुए हैं. हम जानते हैं कि बैंक और एटीएम के बाहर लंबी कतार है, लेकिन यह व्यवस्थित कतार हैं. इसमें कोई अराजकता नहीं है.

नोटबंदी व नोटबदली मामले पर देश भर में जारी अफरा-तफरी के बीच वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज बैंक प्रमुखों के साथ बैठक के बाद प्रेस कान्फ्रेंस की. जेटली ने स्वीकार किया कि नये नोटों को नयी साइज व डिजाइन के कारण एटीएम मशीन को पहचान करने में दिक्कत हो रही है. उन्होंने कहा कि इसके लिए एटीएम मशीनों का रि-केलिब्रेशन पुनर्व्यवस्थित करना होगा, जिसमें दो सप्ताह का समय लगेगा.

वित्तमंत्री के इस बयान से साफ है कि नये बड़े नोटों का मशीनों से सुचारु प्रवाह कम से कम दो सप्ताह बाद ही हो सकेगा. उन्होंने कहा कि इस पूरी कवायद की गोपनीयता बनाये रखनी थी, इसलिए हम यह काम बड़ी संख्या में पहले नहीं करवा सकते थे. जेटली ने यह भी कहा कि सोमवार को जिन राज्यों में गुरुपर्व की छुट्टी नहीं है, वहां बैंक खुले रहेंगे. उन्होंने इस सवाल पर कि कोई आदमी चार हजार रुपये कितनी बार बदल सकता है, कहा कि इस बारे में सरकार की कोई गाइडलाइन नहीं है.

देश भर में आम लोगों को हो रही परेशानी को लेकर जेटली ने बताया कि आज नोट बदली का तीसरा दिन है. बैंकों में जो भीड़ है वो सामान्य बिजनेस से सौ गुना ज्यादा है, लेकिन लोगों का आभार जताऊंगा कि वो पूर्ण रूप से सहयोग कर रहे हैं. बैंक के अधिकारी भी सुबह से लेकर देर रात तक बहुत काम कर रहे हैं. सरकार ने जब यह निर्णय लिया था कि 500 व 1000 का नोट वैध नहीं रहेगा तो यह स्वभाविक था कि 86 प्रतिशत कुल करेंसी को बदलवाने के लिए भीड़ होगी. अभी यह ऑपरेशन शुरू हुआ है कितना बड़ा होगा, इसकी कल्पना नहीं की जा सकती है.

पिछले दो दिन से बैंकों में जमा हुई राशि के बारे में बताते हुए जेटली ने कहा कि हमलोग बैंक के अधिकारी से डेटा मंगवाते हैं, लेकिन अभी उनकी व्यस्तता के चलते बारबार आंकड़ा नहीं मंगवा रहे हैं. हालांकि उन्होंने आज सवा बारह बजे तक के उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर कई अहम बातें कहीं. उन्होंने कहा कि देश के 25 प्रतिशत बैंकों का कारोबार स्टेट बैंक से होता है. स्टेट बैंक ने अभी तक 2 करोड़ 28 लाख ट्रांजेक्शन किया है. बहुत कम लोग होंगे दो बार आये होंगे. इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कुल मिलाकर कितनी मात्रा में लोगों को बैंक सर्विस दे रहे हैं. स्टेट बैंक का मॉनिटरी ट्रांजेक्शन 54 हजार 370 करोड़ हुआ है. डिपॉजिट कैश 47 हजार करोड़ रुपये है.

जेटली ने कहा कि योजना का मुख्य उद्देश्य था कि कैश बैंकों से जुड़े. अभी तक स्टेट बैंक से 58 लाख लोगों ने एक्सचेंज किया. 33 लाख लोगों ने पैसा निकाला है. करोड़ों की संख्या में पिछले दो दिनों में लोग पैसा डिपोजिट कर रहे हैं, निकाल भी रहे हैं. इतना बड़ा करेंसी रिप्लेसमेंट रातों-रात नहीं होता है. उन्होंने कहा कि इसमें चुनौतियां भी हैं. पहला चैलेंज है कि इतनी बड़ी संख्या में लोग आये है, कुछ और दिन तक लोगों इस तरह आयेंगे. मेरी इतनी अपील है कि अभी 30 दिसंबर तक नोट रिप्लेसमेंट किया जा सकता है, इसलिए सबसे पहले आना कोई जरूरी नहीं है, थोड़े दिन बाद आयेंगे तो परेशानी कम होगी.

उन्होंने कहा कि एटीएम में नये नोट निकल नहीं पा रहे हैं. मशीन में बदलाव करने की जरूरत है. यह पहले किया नहीं जा सकता था क्योंकि इसकी गोपनीयता बनी रहनी चाहिए. तरह-तरह की राजनीतिक प्रतिक्रिया आती हैं कुछ लोग गैरजिम्मेदराना बात करते हैं. इस तरह का सुझाव देना कि एक सप्ताह का समय देना चाहिए. खुली छूट एक सप्ताह तक नहीं दिया जा सकता है. उन्होंने कहा कि एक और गैरजिम्मेदाराना बयान दिया गया है कि बैंकों में डिपॉजिट बढ़ गयी इसलिए इस तरह का कदम उठाया गया. सिर्फ एक महीने सितंबर के लिए डिपॉजिट बढ़ गयी है क्योंकि पे कमीशन का एरियर आया था. उन्होंने केजरीवाल का नाम लिये बिना कहा कि 31 अगस्त से 15 सितंबर तक बैंक में बढ़े डिपॉजिट को आधार बना कर मनगढंत बातें कही जा रही है. ध्यान रहे कि केजरीवाल ने आरोप लगाया था कि पीएम नरेंद्र मोदी ने पहले ही अपने दोस्तों को इस बारे में आगाह कर दिया था, इसलिए पिछले क्वार्टर में बैंक डिपॉजिट बढ़ गया.

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