18,000 उर्दू शिक्षकों की नियुक्ति होगी. झारखंड हाइकोर्ट

18,000 उर्दू शिक्षकों की नियुक्ति होगी. झारखंड हाइकोर्ट
राज्य के प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों पर नियुक्ति का मार्ग प्रशस्त हो गया है. झारखंड हाइकोर्ट ने बुधवार को राज्य सरकार की अपील याचिका पर सुनवाई के दौरान एकल पीठ के आदेश पर स्थगनादेश (स्टे ऑर्डर) पारित कर दिया. जस्टिस डीएन पटेल व जस्टिस प्रमाथ पटनायक की खंडपीठ ने मामले में प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब देने का निर्देश दिया है.
 हाइकोर्ट के स्टे के बाद राज्य के प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया फिर से शुरू होगी. सरकार ने सभी उपायुक्त व जिला शिक्षा अधीक्षकों को नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है. राज्य में करीब 18 हजार प्राथमिक सहायक और उर्दू शिक्षकों की नियुक्ति होनी है.
सरकार ने मजबूती से रखा पक्ष
हाइकोर्ट में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता अजीत कुमार ने खंडपीठ को बताया कि कुछ अभ्यर्थियों के कारण नियुक्ति बाधित है. शिक्षकों की कमी की वजह से पढ़ाई प्रभावित हो रही है. एकल पीठ के आदेश को स्टे कर दिया जाये, ताकि नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की जा सके. भविष्य में मुकदमा का फैसला अभ्यर्थियों (प्रतिवादियों) के पक्ष में जाता है, तो उनकी नियुक्ति की जायेगी.
क्या था मामला
नियुक्ति प्रक्रिया नवंबर 2013 में शुरू हुई थी. जिलों में मेरिट लिस्ट जारी करने की प्रक्रिया शुरू की गयी थी. रांची और पलामू में नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी भी कर ली गयी.
 इस दौरान वर्ष 2011 में हुई शिक्षक पात्रता परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों ने हाइकोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि कोर्ट के पूर्व के आदेश के अनुरूप एक वर्ष में नियुक्ति प्रक्रिया पूरी नहीं की गयी. इस कारण उनकी उम्र अधिक हो गयी और वे नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पाये. हाइकोर्ट की एकल पीठ ने आदेश दिया कि सरकार इन अभ्यर्थियों को भी नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल करे और इनके लिए फिर से विज्ञापन निकाले. एकल पीठ के आदेश के बाद  2014 में विभाग ने नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगा दी. सरकार के इसके खिलाफ डबल बेंच में अपील की थी.
क्या था एकल पीठ का आदेश
जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की अदालत ने 17 सितंबर 2014 को रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए शिक्षक नियुक्ति के लिए निर्धारित 1.8.2013 के कट ऑफ डेट को 1.7.2011 करने का आदेश दिया था. साथ ही शुद्धि पत्र और आवेदन लेने का विज्ञापन निकालने का निर्देश दिया था. आवेदन देने के लिए अभ्यर्थियों को दो सप्ताह का समय देने को कहा गया था.

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