स्वाइन फ्लू, इबोला के बाद अब कांगो फीवर का खतरा

स्वाइन फ्लू, इबोला के बाद अब कांगो फीवर का खतरा

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स्वाइन फ्लू और इबोला के बाद अब  देश में एक और नए खूनी संक्रमण का खतरा पैदा हो गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार रात देश में क्रीमियन-कांगो हेमोरेजिक फीवर (सीसीएचएफ) के संक्रमण की आशंका व्यक्त की है। इसके मद्देनजर राज्यों को संक्रमण की जांच एवं उपचार के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। एम्स में संदिग्ध मौत से सनसनी: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार जोधपुर के एक अस्पताल में पांच लोगों के खूनी बुखार से संक्रमित होने की सूचना मिली। इनमें से एक 35 वषीय व्यक्ति को गत दिनों एम्स लाया गया। बुधवार सुबह तेज बुखार और अत्यधिक रक्तस्रव के कारण उसकी मौत हो गई। 18 जनवरी को जोधपुर के अस्पताल में ऐसे ही एक मरीज मौत हो हुई। इनकी मौत का कारण यही कांगो संक्रमण बताया जा रहा है। पहले इबोला की थी आशंका: पहले आशंका जताई जा रही थी कि एम्स में भर्ती मरीज इबोला से संक्रमित हो सकता है लेकिन उसकी इबोला जांच नकारात्मक  निकली। दूसरा, वह इबोला प्रभावित देशों में भी नहीं गया था। बीमारी के लक्षणों के आधार पर स्वास्थ्य अधिकारियों ने क्रीमियन-कांगो फीवर के संक्रमण की आशंका जाहिर की है। जांच के लिए टीम गठित: स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि इसके साथ जोधपुर में संक्रमित चारों मरीजों की जांच के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेबल डिजीज (एनसीडीसी) के तीन विशेषज्ञों की एक टीम बनाई गई है। यह टीम जोधपुर जाकर जांच करेगी। इनके खून की जांच नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी  पुणे और एनसीडीसी में करवाई जा रही है। यदि मरीज की सीसीएचएफ जांच सकारात्मक पाई जाती है तो यह दिल्ली में इस बीमारी का पहला मामला होगा। –क्या होता है इसमें — यह संक्रमण पशुओं के करीब रहकर काम करने वाले लोगों में फैलता है। इसमें तेज बुखार, सिर, पेट और मांसपेशियों में दर्द, डायरिया, उल्टी के साथ आंतरिक एवं बाहरी रक्तस्राव होता है। संक्रमण के दौरान रक्त में तेजी से प्लेटलेट्स घटने लगते हैं।

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