साइबरफोर्ट ने एन.आई.सी. के कर्मचारियों को दिया साइबर प्रषिक्षण

साइबरफोर्ट ने एन.आई.सी. के कर्मचारियों को दिया साइबर प्रषिक्षण

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राष्ट्रीय सूचना-विज्ञान केन्द्र (एन.आई.सी.), लखनऊ में चल रहे दो दिवसीय साइबर प्रशिक्षण कार्यशाला का कल समापन किया गया। 15 से 16 सितंबर तक आयोजित किये गए इस प्रशिक्षण कार्यशाला में वेबसाइट को किस तरह हैकरों की पहुंच से दूर कर सुरक्षित किया जाए समेत साइबर सुरक्षा से जुड़े अन्य विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन साइबरफोर्ट टेक्नोलाॅजी एवं सहयोगी संस्था दिव्यम दिव्यसक्षम इंफ्राटेक प्रा0 लि0 द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। 25 से अधिक एन.आई.सी. के कर्मियों एवं अधिकारियों ने इस प्रशिक्षण कार्यशाला में भाग लिया।
यहां बताते चलें कि संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन राष्ट्रीय सूचना-विज्ञान केन्द्र, लखनऊ द्वारा साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में कर्मियों को जागरूक करने के लिए साइबरफोर्ट टेक्नोलाॅजी को आमंत्रित किया गया था। इस आयोजन के लिए साइबरफोर्ट टेक्नोलाॅजी की सहयोगी संस्था दिव्यम दिव्यसक्षम इंफ्राटेक प्रा0 लि0 द्वारा सफल प्रयास किया गया।
मीडिया को प्रशिक्षण के संदर्भ में जानकारी देते हुए साइबरफोर्ट के निदेशक अमित कुमार ने बताया कि हमारी सहयोगी संस्था दिव्यसक्षम इंफ्राटेक प्रा0 लि0 के निदेशक दिव्यम श्रीवास्तव ने इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है। दो दिवसीय यह कार्यशाला कई मायनों में सफल रही। एन.आई.सी. के प्रतिभागी कर्मियों एवं अधिकारियों ने काफी उत्साह के साथ भाग लिया। यह एक नया अनुभव था जब साइबर क्राइम को रोकने के लिए इन्हें प्रशिक्षित किया गया। साइबर सुरक्षा एक्सपर्ट कुमार गौरव ने साइबरफोर्ट की ओर से प्रतिभागियों को कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी जिससे आने वाले दिनों में सरकारी वेबसाईटों के साथ होने वाले साइबर हैकिंग को रोका जा सके। हाल के दिनों में साइबर क्षेत्र में रोजगार की असीम संभावनाओं को लेकर देशभर में चर्चाएं हो रही है। वर्तमान प्रधानमंत्री की निजी दिलचस्पी भी देश को डिजिटल साक्षर बनाने में है। डिजिटल इंडिया के उनके स्वप्न को साकार करने में छोटे स्तर पर ही सही पर एक सार्थक प्रयास है। सरकारी संस्थान भी इस दिशा में जागरूक हो रहे हैं।
इस क्षेत्र में 10 लाख से अधिक एवं डिजिटल इंडिया की नई अवधारणा से तकरीबन 1 करोड़ युवाओं को निकट भविष्य में इस क्षेत्र में रोजगार मिलने की संभावना है। इसलिए भी यह काफी अहम हो जाता है कि हम किस तरह अपने छात्रों एवं बेरोजगार युवाओं को तकनीकी परिपेक्ष्य में इस रोजगारपरक शिक्षा से जोड़ पाते हैं। पड़ोसी राज्य में सूचना एवं तकनीकी के क्षेत्र में सरकार की जागरूता की सराहना की जानी चाहिए।
साइबरफोर्ट के उपनिदेशक डा0 राजेश कुमार ने अपेक्षा जताई कि हम अपने प्रदेश में भी इस तरह के प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यशाला को आयोजित करने में राज्य सरकार की पहल चाहते हैं। हमारा लक्ष्य अपने बिहार को आईटी के क्षेत्र में अग्रणी बनाना है। जिसमें राज्य सरकार का सहयोग काफी अहम है। उत्तर प्रदेश में इस कार्यशाला के जरिये साइबर सुरक्षा के प्रति सजग रहने का प्रसार पड़ोसी राज्यों में भी होना चाहिए। साइबर सुरक्षा, वेबसाइट आॅडिटिंग तथा इथिकल हैकिंग इन विषयों पर इन दो दिनों में प्रशिक्षण दिया गया। हम अपने संस्थान की ओर से दिव्यम दिव्यसक्षम इंफ्राटेक प्रा0 लि0 के निदेशक दिव्यम श्रीवास्तव के प्रति आभार प्रकट करते हैं तथा उनके प्रयासों की सराहना करते हैं।
प्रशिक्षण कार्यशाला में एन.आई.सी. के पवन राठौड़, विकास सिंह, प्रज्ञा अग्रवाल, आशीष कुमार रस्तोगी, सुनील शर्मा, प्रवीण कुमार सिंह, राजीव द्विवेदी, शरद गुप्ता, रितेश दयाल, सुधा यादव समेत अन्य प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

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