सरकार की सबसे सफल योजना बनी जन-धन

सरकार की सबसे सफल योजना बनी जन-धन

25_11_2014-24jandhan1a

युद्धस्तर पर चल रही मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री जन धन योजना (पीएमजेडीवाई) सरकारी कार्यक्रमों की नई परिभाषा गढ़ रही है। देश के हर घर को बैंक खाते से जोडऩे के उद्देश्य से शुरू की गई यह योजना अपने हर लक्ष्य समय से पहले पूरे कर रही है। नतीजन भारत आज दुनिया में सबसे ज्यादा बैंक खाते वाले देशों में शुमार हो गया है। महज तीन माह में देश के 80 फीसद घरों के बैंक खाते खोलकर इस योजना ने करोड़ों परिवारों को वित्तीय क्षेत्र से जोड़ दिया है।इसे सरकार का प्रबंधन कहें या कुछ और। हकीकत यह है कि अभी तक बैंक ब्रांच खोलने की योजना में फिसड्डी रहे बिहार, ओडिशा व असम जैसे राज्यों में भी जन धन योजना शानदार तरीके से आगे बढ़ रही है। 11 नवंबर, 2014 तक बिहार के 74 फीसद परिवारों के खाते खुल चुके हैं। ओडिशा में 79, असम में 81 फीसद घरों में बैंक खाते हो चुके हैं। एक वर्ष पहले तक इन राज्यों में 40 से 50 फीसद परिवारों के पास ही बैंक खाता था। छह राज्यों में तो 90 फीसद घरों को बैंकों से जोड़ा जा चुका है। वित्त मंत्रालय को भरोसा है कि हर घर को बैंक खाते से जोडऩे का लक्ष्य मार्च, 2015 तक नहीं, बल्कि उसके तीन महीने पहले दिसंबर, 2014 तक ही पूरा हो जाएगा।

निजी बैंक साबित हुए फिसड्डी

सरकारी क्षेत्र के बैंक जन धन योजना को सफल बनाने में जोर-शोर से लगे हैं, वहीं निजी क्षेत्र के बैंक फिसड्डी साबित हो रहे हैं। 14 नवंबर, 2015 तक कुल 7.46 करोड़ खाते खोले गए हैं। इनमें महज दो लाख खाते ही निजी बैंकों ने खोले हैं। यस बैंक को 63 वार्ड आवंटित किए गए। यह अभी तक सिर्फ एक वार्ड में शाखा खोल पाया है। आइसीआइसीआइ लक्ष्य का महज 28 फीसद और कोटक मङ्क्षहद्रा बैंक महज 0.98 फीसद ब्रांच खोल पाया है।

योजना अभी तक

राज्य — कुल परिवार — बैंक खाते वाले परिवार — अनुपात (फीसद में)

आंध्र प्रदेश — 1,17,42,913 — 84,70,619 — 72

असम — 22,42,168 — 18,23,096 — 81

बिहार — 73,91,308 — 54,65,272 — 74

चंडीगढ — 1,88,628 — 1,88,796 — 100

हरियाणा — 84,44,538 — 67,65,407 — 80

हिमाचल — 10,92,272 — 9,21,282 — 84

झारखंड — 32,21,608 — 25,68,246 — 80

उत्तर प्रदेश — 2,52,91,765 — 2,10,79,381 — 83

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