सरकार आज सुप्रीम कोर्ट को काला धन रखने वालों की सूची सौंपेगी

सरकार आज सुप्रीम कोर्ट को काला धन रखने वालों की सूची सौंपेगी

supreme court

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने विदेशों में कालाधन रखने वालों के नाम न बताने पर मंगलवार को केंद्र सरकार को जमकर फटकार लगाई। सरकार की दलील थी कि विदेशों से संधि है। नाम बताने पर रिश्ते बिगड़ेंगे। इस पर कोर्ट ने कहा- ‘आपको विदेश और वहां कालाधन रखने वालों की चिंता ज्यादा है, देश की कम।’ अदालत ने सरकार की सभी दलीलें खारिज कर दीं। निर्देश दिया कि विदेशों से मिले सभी खाताधारकों के नाम बुधवार सुबह तक बंद लिफाफे में सौंप दे।

सोमवार को सरकार ने कोर्ट को विदेशों में खाता रखने वाले आठ नाम बताए थे। सरकार ने दलील दी थी कि सभी खाताधारकों के नाम 27 जून को एसआईटी को दे दिए गए थे। हालांकि कोर्ट की सख्ती के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि सरकार बुधवार सुबह सभी खाताधारकों के नाम अदालत को सौंप देगी। मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस एचएल दत्तू की बेंच ने की। सरकार की ओर से पैरवी अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने की।
नाम न बताने का हर बहाना कोर्ट ने नकारा
केंद्र सरकार की दलील
1. विदेशों में पैसे रखना अपराध नहीं है। संविधान में सभी को निजता का अधिकार दिया गया है। हम सबके बारे में नहीं बता सकते।
2. आयकर विभाग सभी खातों की जांच कर रहा है। टैक्स चोरी का केस बनने पर नाम सामने लाएंगे। एसआईटी वैधानिक संस्था नहीं है।
3. हमारी कई देशों से संधि है। सभी लोगों के नाम बताने से भारत के कूटनीतिक संबंध उन देशों से खराब हो सकते हैं। सूचना गोपनीय रखना जरूरी है।
4. अदालत कृपया अपना पुराना आदेश संशोधित करे। उसमें विदेश में पैसा रखने वाले सभी लोगों के नाम जाहिर करने के निर्देश दिए गए थे।

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