संयुक्त राष्ट्र में आज हिंदी में भाषण देंगे मोदी

संयुक्त राष्ट्र में आज हिंदी में भाषण देंगे मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज संयुक्त राष्ट्र में भाषण देंगे। भारतीय विदेश मंत्रालय ने बताया कि पीएम मोदी संयुक्त राष्ट्र में हिंदी में भाषण देंगे। साथ ही कहा कि पीएम संयुक्त राष्ट्र महासभा में कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान को करारा जवाब दे सकते देंगे। प्रधानमंत्री शुक्रवार को ही अमेरिका की 5 दिवसीय यात्रा पर न्यूयॉर्क पहुंच गए हैं। मोदी का संयुक्त राष्ट्र महासभा में पहला संबोधन है।भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में जम्मू कश्मीर पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ द्वारा की गईं अस्वीकार्य टिप्पणियों को यह कहते हुए आज सिरे से खारिज कर दिया कि राज्य के लोगों ने सार्वभौमिक तौर पर स्वीकार किए गए लोकतांत्रिक सिद्धांतों के मुताबिक शांतिपूर्वक अपने प्रारब्ध का चयन किया है।महासभा के पटल पर शरीफ द्वारा की गई टिप्पणियों पर जवाब देने के अपने अधिकार (राइट ऑफ रिप्लाई) का उपयोग करते हुए भारत ने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कल (शुक्रवार) संयुक्त राष्ट्र के सत्र में अपने संबोधन में अवांछित संदर्भ दिया था। संयुक्त राष्ट्र में भारतीय मिशन में प्रथम सचिव अभिषेक सिंह ने महासभा में कहा, मैं इस सम्माननीय सदन के ध्यान में लाना चाहूंगा कि जम्मू कश्मीर के लोगों ने सार्वभौमिक तौर पर स्वीकार किए गए लोकतांत्रिक सिद्धांतों और प्रथाओं के मुताबिक शांतिपूर्वक अपने प्रारब्ध का चयन किया है तथा यह सिलसिला जारी है। इसलिए हम पाकिस्तान के प्रतिष्ठित प्रतिनिधि की अस्वीकार्य टिप्पणियां सिरे से खारिज करते हैं।प्रधानमंत्री के तौर पर अमेरिका की अपनी पहली यात्रा पर मोदी एयर इंडिया के विशेष बोइंग विमान से न्यूयॉर्क के जेकेएफ हवाई अड्डे पर उतरे। 64 वर्षीय मोदी फ्रैंकफर्ट में रातभर आराम करने के बाद करीब नौ घंटे की उड़ान भरकर यहां पहुंचे। पिछले साल तीखे राजनयिक विवाद के बाद मोदी की चाहत भारत को निवेश के अनुकूल स्थान के तौर पर पेश करने और दोनों देशों के संबंधों में सुधार लाने की है। मोदी ने जोर देकर कहा कि दोनों देशों का एकदूसरे की सफलता में बुनियादी हिस्सेदारी और साझा हित है।मोदी ने यहां पहुंचने से पहले कहा कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा से वाशिंगटन में मुलाकात का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। मोदी अपनी अमेरिका यात्रा के दूसरे और अंतिम चरण में 29 और 30 सितम्बर को दो दिन ओबामा से मुलाकात करेंगे। विश्व के दो सबसे बड़े लोकतांत्रिक देशों के नेताओं के बीच यह पहली मुलाकात होगी। प्रधानमंत्री मोदी का न्यूयॉर्क और वाशिंगटन दोनों ही जगहों पर बहुत व्यस्त कार्यक्रम हैं।मोदी ने संयुक्त राष्ट्र में अपने संबोधन के बारे में संकेत देते हुए कहा कि वह कमजोर वैश्विक अर्थव्यवस्था, विश्व के कई हिस्सों में अशांति, तनाव एवं आतंकवाद के प्रसार की चुनौतियों के समाधान के लिए मजबूत वैश्विक प्रतिबद्धता तथा अधिक ठोस बहुपक्षीय कार्रवाई का आह्वान करेंगे। उन्होंने कहा कि वह ओबामा के साथ चर्चा करेंगे कि भारत और अमेरिका के संबंधों को किस तरह से दोनों देशों तथा विश्व के हितों के अनुरूप ‘नये स्तर तक’ ले जाया जा सकता है। उन्होंने अमेरिका को भारत के राष्ट्रीय विकास के लिए अपने देश का ‘महत्वपूर्ण साझेदार’ बताया।ओबामा 29 सितम्बर को मोदी के लिए व्हाइट हाउस में मोदी के लिए निजी भोज का आयोजन करेंगे ताकि वह अगले दिन शिखर बैठक से पहले मोदी के साथ एक निजी संबंध स्थापित कर सकें। उम्मीद की जा रही है कि मोदी रात्रिभोज में केवल चाय और नींबू पानी लेंगे क्योंकि उनकी अमेरिका यात्रा नवरात्र के समय हो रही है जिस दौरान वह प्रत्येक वर्ष उपवास रखते हैं।मोदी ने समाचार पत्र ‘वाल स्ट्रीट जर्नल’ के संपादकीय पृष्ठ पर ‘अनलिशिंग इंडियाज एनर्जी एंड ड्राइव’ शीर्षक वाले अपने लेख में लिखा कि भारत और अमेरिका की ‘एक दूसरे की सफलता में हमारे मूल्यों और कई साझा हितों के चलते मूलभूत भागीदारी है।’ मोदी ने कहा, ‘अमेरिका हमारा स्वाभाविक वैश्विक साझेदार है। भारत और अमेरिका अपने साझा मूल्यों तथा टिकाउ प्रासंगिकता के प्रतीक रहे हैं।’उन्होंने कहा, ‘भारत व्यापार, योजनाओं, अनुसंधान, नवोन्मेषों और यात्रा के लिए खुला और दोस्ताना है। आने वाले महीनों में आप भारत की अपनी यात्रा शुरू करने से पहले अंतर महसूस करेंगे।’ गत वर्ष भारतीय राजनयिक देवयानी खोबरागड़े के मामले ने भारत और अमेरिका के बीच एक राजनयिक विवाद खड़ा हो गया था। इसका दोनों के संबंधों पर असर पड़ा था।खोबरागड़े को कथित तौर पर अपनी घरेलू नौकरानी से दुर्व्यवहार करने के लिए पहले न्यूयॉर्क में गिरफ्तार किया गया था और उसके बाद कपड़े उतारकर तलाशी ली गई थी। देवयानी ने कुछ भी गलत करने से इनकार किया और वह उसके बाद स्वदेश लौट आयीं। मोदी जब न्यूयार्क के मेडिसन स्क्वायर गार्डेन में जब लोगों को संबोधित करेंगे तो उम्मीद है कि वह अमेरिका की धरती पर सबसे अधिक भीड़ एकत्रित करने वाले दूसरे देश के नेता बन जाएंगे। कार्यक्रम में करीब 20 हजार लोगों के हिस्सा लेने की उम्मीद है जिसमें अधिकतर संख्या अनिवासी भारतीयों की होगी।

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