शिक्षित, ईमानदार, कर्मठ लोगों को मुख्यमंत्री मौका दें

शिक्षित, ईमानदार, कर्मठ लोगों को मुख्यमंत्री मौका दें

Hemant_Soren

रांची, झारखंड राज्य हज कमेटी और वक्फ बोर्ड के हाल ही में किये गये गठन का मुस्लिम संगठनों द्वारा विरोध जारी है। कई मुस्लिम संगठनों ने तो मुख्यमंत्री से मांग भी की है कि राज्य हज कमेटी और वक्फ बोर्ड के सदस्यों का चयन गलत ढंग से किया गया है। मुस्लिम संगठनों का कहना है कि शिक्षित ईमानदार और कर्मठ मुस्लिम समाज के लोगों को न तो हज कमेटी में जगह दी गयी है और ना ही वक्फ बोर्ड में कहा जा रहा है कि जब से रांची से सीधे जेद्दा (सऊदी अरब) के लिये हजयात्रियों का काफिला बिरसा मुंडा हवाई अड्डे से रवाना होना शुरू हुआ तब से हजयात्रियों की नि:स्वार्थ सेवा में लगे लोगों में से एक भी सदस्य को दोनों कमेटियों में कहीं नहीं जगह दी गयी है। कई मुस्लिम संगठनों का कहना है कि प्रसिध्द समाजसेवी हाजी मुख्तार अहमद ने वर्षों से हजयात्रियों के फार्म भरने से लेकर हजयात्रियों की रवानगी तक हरसंभव नि:स्वार्थ सेवा में हमेशा लगे रहते हैं। इतना ही नहीं रांची से हजयात्रियों को सीधे जेद्दा तक विमान उपलब्ध कराने में हाजी मुख्तार अहमद का बहुत बड़ा योगदान रहा है। लेकिन हाजी अहमद को हज कमेटी के सदस्यों के चयन से दूध मेंमक्खी की तरह समझ कर निकाल फेंक दिया गया है। दूसरा नाम खान बहादुर हबीबउर्रहमान के पोते युवा डा.असलम परवेज का कमेटी में शामिल नहीं किये जाने का दर्द मुस्लिम युवकों के दिल में टीस रहा है। युवाओं का मानना है कि डा.असलम परवेज (शिशु रोग विशेषज्ञ) अपने (मेनरोड स्थित आवास तसलीम महल में मुसलमानों के मसायल पर हमेशा चिंतन के लिये शिक्षाविदों, ओलमाओ और युवकों से सलाह मशविरा के लिये बैठक और सेमिनार का आयोजन कर मुसलमानों के शैक्षणिक और सामाजिक उत्थान का समाधन करने का प्रयास करते हैं। हजयात्रियों की खिदमत में हमेशा हज टर्मिनल में मौजूद रहते हैं। ऐसे ईमानदार, शिक्षित और समाज के हम दर्द युवा डा.असलम परवेज को राज्य हज कमेटी या वक्फ बोर्ड के गठन में शामिल किया जाना चाहिये था। मुस्लिम समाज के प्रतिष्ठित लोगों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मांग की है कि हाजी मुख्तार अहमद, डा.असलम परवेज, मौलाना कुतुबुद्दीन रिजवी (नाजिमे आला एदार-ए-शरिया), शहर काजी कारी जान मुहम्मद मुस्तफी, मारवाड़ी महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य डा.जावेद अहमद, रांची विश्वविद्यालय के प्रो.शाहिद हसन, प्रसिध्द सर्जन डा.मजीद आलम, युवा समाज सेवी अखिल भारतीय कौमी एकता कमेटी जफर शाह, पूर्वमहाधिवक्ता मो.सोहैल अनवर जैसे शिक्षित ईमानदार और कर्मठ लोगों को राज्य हज कमेटी और वक्फबोर्ड में उचित पद दिया जाये। ताकि दोनों कमेटियों द्वारा सही माने में मुसलमान की समस्याओं का समधान हो और झारखंड राज्य की इन दोनों कमेटियों की कार्यशैली देश के दूसरे राज्यों के लिये मिसाल बने। आरोप है कि राज्य हज कमेटी और वक्फ बोर्ड के सदस्यों के चयन में नियमों की अनदेखी और भारी अनियमितता बरती गयी है। साथ ही कुछ ऐसे लोगों को कमिटी और बोर्ड में लिया गया है जो नेताओं के प्रिय हैं और उनकी पहुंच रसूख्दारों से काफी करीब है।

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