वॉलमार्ट ने बनाया बी2बी प्लेटफॉर्म के विस्तार का प्लान

वॉलमार्ट ने बनाया बी2बी प्लेटफॉर्म के विस्तार का प्लान
वॉलमार्ट ने बनाया B2B प्लेटफॉर्म के विस्तार का प्लान
नई दिल्ली। अमेरिकी दिग्गज रिटेल कंपनी वॉलमार्ट की इंडियन सब्सिडियरी छोटे कारोबारियों से जुड़े ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस का विस्तार कर रही है। वॉलमार्ट इंडिया जल्द ही बी2बी ई-कॉमर्स- बेस्ट प्राइस मॉडर्न होलसेल स्टोर प्लेटफॉर्म को आंध्र प्रदेश के गुंटूर और विजयवाड़ा में उतारेगी। एक अक्टूबर को इन दो शहरों में उतारे जाने के बाद ई-कॉमर्स के तहत शुरू किए जाने वाले स्टोर्स की संख्या 4 हो जाएगी। इससे पहले कंपनी ने जुलाई में लखनऊ और हैदराबाद में बेस्ट प्राइस स्टोर शुरू किए थे।
बेस्ट प्राइस ऐसा प्लेटफॉर्म है, जिससे कारोबारी घर बैठे बस एक ‘क्लिक’ पर अपना ऑर्डर बुक कर सकते हैं। यह ई-कॉमर्स सुविधा केवल वॉलमार्ट के ट्रेडर सदस्यों को ही दी जाती। कंपनी के मुताबिक, अगले साल जनवरी तक यह सुविधा सभी स्टोर्स पर शुरू कर दी जाएगी।
कंपनी के प्रेसिडेंट और चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर कृष अय्यर के मुताबिक, कंपनी अगले छह माह तक बचे हुए 18 स्टोर्स पर छोटे दुकानदारों को सामान बेचने के लिए ऑनलाइन सुविधा शुरू कर देगी। अय्यर ने बताया कि यह ई-कॉमर्स सुविधा केवल वॉलमार्ट के ट्रेडर सदस्यों को ही दी जाएगी। गौरतलब है कि भारत में ग्लोबल ऑनलाइन ट्रेडर्स सीधे उपभोक्ताओं को सामान नहीं बेच सकते। अय्यर ने कहा कि हम अभी केवल बिजनेस टू बिजनेस पर ही ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम रिटेल पर ध्यान नहीं देंगे। कृष अय्यर के मुताबिक, पायलेट प्रोजेक्ट के तहत इसे हैदराबाद और लखनऊ में आजमाया गया था। व्यापारियों का रिस्पॉन्स देखकर अब इसे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।
छोटे कारोबारियों को क्या है फायदा
कृष अय्यर के मुताबिक, अभी तक वॉलमार्ट से जुड़े किराना कारोबारियों ने हमारी ट्रान्सपेरेंसी, कीमतों, प्रोडक्ट्स की उपलब्धता और ईजी पेमेंट डिलीवरी के साथ बेहतर डिलीवरी सॉल्यूशंस का फायदा उठाया है। कृष के मुताबिक, ऑनलाइन शॉपिंग की सुविधा की वजह से किराना कारोबारी अपनी दुकान में कस्टमर्स को ज्यादा समय दे सकते हैं।
इससे उन्हें बचत होती है। दरअसल, मेंबर्स वर्चुअल स्टोर्स में नेविगेट करके 24/7 ऑर्डर दे सकते हैं। प्रोडक्ट्स की डिलीवरी उनके दरवाजे पर होती है। यानी समय और पैसे दोनों की बचत।
कन्वीनियंट पेमेंट सॉल्यूशंस की वजह से उन्हें बिजनेस से जुड़ी डिसीजन तेजी से करने में मदद मिलती है।
लेकिन छोटे कारोबारियों को यह सुविधा लेने के लिए रजिस्टर्ड मेंबर होना जरूरी है। एक अक्टूबर से यह सुविधा लखनऊ, हैदराबाद, गुंटूर और विजयवाड़ा में उपलब्ध होगी।
0 स्टोर्स खोलने की योजना
वॉलमार्ट इंडिया की अगले पांच सालों में 50 और स्टोर्स खोलने की योजना है। इन 50 स्टोर्स को ऑनलाइन ऑप्शन के साथ शुरू किया जाएगा। इसके अलावा कंपनी अपने मोबाइल एप्लीकेशन भी शुरू करने जा रही है, जिससे कस्टमर को बेहतर सुविधा मुहैया कराई जा सके। अक्टूबर में वॉलमार्ट भारत में अपनी लॉन्ग टाइम पार्टनर भारती एंटरप्राइजेज से अलग हो गई थी। अलग होने के बाद से वॉलमार्ट थोक विक्रेताओं के लिए कैश एंड कैरी बिजनस चला रही थी। जबकि भारती ईजीडे सुपर मार्केट चेन चलाती है।
अमेजन और ईबे की तर्ज पर है बिजनेस मॉडल
यह अमेजन और ईबे का बिजनेस मॉडल है। भारत फॉरन रिटेलर्स को सीधे ऑनलाइन सामान बेचने की इजाजत नहीं देता है, इसलिए अमेजन और ईबे, दोनों इंटरनेट बेस्ड कॉमर्स दिग्गज तथाकथित मार्केट प्लेस मॉडल ऑपरेट करते हैं। इस मॉडल के तहत अमेजन और ईबे दूसरे वेंडर्स को अपना प्लेटफॉर्म मुहैया कराते हैं और बदले में कमीशन लेते हैं। इसी को देखते हुए वॉलमार्ट भी अपने ट्रेडर्स को ये सुविधा देने जा रहा है। जनवरी तक देशभर के हर स्टोर पर ये सुविधा शुरू कर दी जाएगी।
400 अरब डॉलर के साथ सबसे बड़ी रिटेल कंपनी है वॉलमार्ट
वॉलमार्ट लगभग 400 अरब डॉलर के वैश्विक राजस्व के साथ विश्व की सबसे बड़ी रिटेल कंपनी है। अमेजन सहित अन्य ऑनलाइन कंपनियों से मिल रही तगड़ी प्रतिस्पर्धा को भांपते हुए वॉलमार्ट इस समय अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपने ई-कॉमर्स कारोबार को और मजबूत करने की कोशिश कर रही है। हाल के महीनों में वॉलमार्ट ने चीन सहित अंतरराष्ट्रीय बाजारों में वेब आधारित कंपनियों का अधिग्रहण किया है। भारत में ई-कॉमर्स कारोबार काफी फलफूल रहा है और इस क्षेत्र में कई प्रमुख कंपनियां सक्रिय हैं।
भारत में 554 अरब डॉलर का है ई-कॉमर्स कारोबार

भारत में ई-कॉमर्स में जबरदस्त कारोबारी क्षमता मौजूद है। भारत में लोगों के जीवन शैली में तेजी से बदलाव हो रहा है और इससे ई-कॉमर्स कारोबार को फलने-फूलने का मौका मिल रहा है। साथ ही इंटरनेट, स्मार्ट फोन और टैबलेट के विकास से भी इसे बल मिला है। आधुनिक रिटेल की बाजार में हिस्सेदारी अभी भी कम है। भारत एक तेजी से उभरती अर्थव्यवस्था है, इसलिए अधिकांश कंपनियां यहां अपना पांव जमाना चाहती हैं।’ क्रिसिल की रिपोर्ट के अनुसार, भारत का सालाना रिटेल कारोबार लगभग 554 अरब डॉलर का है।वॉलमार्ट ने बनाया B2B प्लेटफॉर्म के विस्तार का प्लान

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