विपक्ष ने मोदी के भाषण को निष्प्रभावी करार दिया

विपक्ष ने मोदी के भाषण को निष्प्रभावी करार दिया

15_08_2014-ManishT

नई दिल्ली। कांग्रेस और वामपंथी दलों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पहला स्वतंत्रता दिवस संबोधन जरा भी रास नहीं आया। दोनों दलों ने मोदी के प्रेरणादायक भाषण को निष्प्रभावी करार दिया। विपक्षी दलों ने पीएम के संबोधन को पूरी तरह से विचार शून्य कहा। उनके अनुसार मोदी के भाषण में कुछ भी नया नहीं था। इसमें किसी भी नई योजना या किसी महत्वपूर्ण पहल का एलान नहीं था।

कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी का कहना था, ‘मोदी बतौर प्रधानमंत्री पहली बार राष्ट्र को संबोधित कर रहे थे, उम्मीद थी कि वह देश के विकास के लिए अगले पांच वर्षो का खाका पेश करेंगे। लेकिन उन्होंने पूरी तरह से निराश कर दिया।’ तिवारी के अनुसार पीएम के भाषण से महंगाई, पाकिस्तान द्वारा युद्ध विराम का लगातार उल्लंघन और चीनी सेना द्वारा घुसपैठ जैसे मुद्दों का जानबूझ कर उल्लेख नहीं था। पार्टी महासचिव शकील अहमद ने कहा कि मोदी का भाषण पूरी तरह निष्प्रभावी रहा। जबकि माकपा नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि पीएम के भाषण से उनकी कथनी और करनी में फर्क दिखा। मोदी ने योजना आयोग खत्म करने की बात की, लेकिन यह नहीं बताया कि अब योजनाओं को कौन लागू करेगा और उनकी निगरानी के लिए कौन उत्तरदायी होगा। भाकपा महासचिव डी राजा के अनुसार मोदी के भाषण में कुछ भी नहीं था, वह केवल शब्दों से बाजीगरी करते रहे।

‘कुल मिलाकर ऐसा लग रहा था मानो वह (मोदी) राष्ट्र के नाम संबोधन की बजाय चुनावी भाषण दे रहे हों।’

-मनीष तिवारी, कांग्रेस प्रवक्ता

‘महंगाई का कैसे मुकाबला करेंगे। विदेशों में जमा काला धन किस तरह से वापस लाएंगे, पीएम के भाषण से ये मुद्दे गायब रहे। उन्होंने गरीबी पर चिंता तो व्यक्त की, लेकिन लोगों को किस तरह अधिकार संपन्न करेंगे, इस पर मोदी मौन रहे।’

-डी राजा, महासचिव भाकपा

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