लड़कियों को मिस्ड कॉल कर परेशान किया तो जेल तय

लड़कियों को मिस्ड कॉल कर परेशान किया तो जेल तय

arvind pandey ips

पटना, अमूमन देखा जाता है कि महिलाएं और लड़कियां मिस्ड कॉल से परेशान रहतीं हैं। बिहार में इस प्रकार की हरकत के खिलाफ एक अभियान चलाया जायेगा। ऐसी हरकत को वहां छेड़खानी की श्रेणी में रखे जाने का निर्णय लिया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पुलिस लड़कियों को बार-बार मिस्ड कॉल करना छेड़खानी की श्रेणी में मानेगी। इस प्रकार की हरकत करने वाले पर कानूनी कार्रवाई की जायेगी। बिहार के पुलिस महानिरीक्षक (कमजोर वर्ग) अरविंद पांडेय ने बताया कि मिस्ड कॉल के जरिए महिलाओं को परेशान करने वालों के खिलाफ सख्त कारवाई की जाएगी। अगर किसी खास नंबर से किसी महिला को बार-बार फोन आता है, तो महिला इसकी शिकायत महिला थाने में कर सकती है। उन्होंने राज्य के सभी महिला थाना प्रभारियों से ऐसी शिकायतों को गंभीरता से लेने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों से निपटने के लिये उनके खिलाफ विधि के संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कराया जायेगा जिसमें दोषी पाये जाने पर अधिकतम पांच वर्ष की सजा हो सकती है। पांडेय ने कहा कि इस तरह के अपराध लड़कियों को पीछा करने स्टॉकिंग की श्रेणी में लाया गया है और इसके लिये अधिकतम पांच वर्ष की सजा का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि महिला पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि अपने-अपने क्षेत्रों में कार्यशाला आयोजन कर लड़कियों को खास कर विद्यालय और महाविद्यालय में पढ़ने वाली छात्राओं को एसे प्रावधान से अवगत कराये। उन्होंने बताया कि ऐसी घटनाएं छेड़खानी मानी जाएगी और कानूनी प्रावधानों के तहत पुलिस कारवाई करेगी। उन्होंने बताया कि मिस्ड कॉल करने वाले टेलीफोन नंबर की पहचान कर उसका कॉल डिटेल रिकार्ड निकाला जाएगा और अगर आरोप साबित होता है, तो उस नंबर को इस्तेमाल करने वाले पर महिला थाना में मामला दर्ज कराया जाएगा। कमजोर वर्ग (महिला कोषांग) की पुलिस अधीक्षक हरप्रीत कौर ने बताया कि इसे लेकर राज्य के सभी महिला कॉलेजों में महिला सशक्तीकरण के लिये प्रस्तुति देने और कार्यशाला आयोजित करने का निर्देश महिला थाना प्रभारियों को दिया गया है। उन्होंने बताया कि पटना में महिला थाना प्रभारियों की एक कार्यशाला आयोजित की गयी थी, जिसमें मोबाइल फोन से महिला और लड़कियों के साथ होने वाली छेड़छाड़ की रोकथाम पर चर्चा की गयी थी। बिहार के पुलिस महानिरीक्षक (कमजोर वर्ग) अरविंद पांडेय ने बताया कि यदि कोई इस प्रकार की हरकत बार बार करता है तो महिलाएं इसकी शिकायत थाने में कर सकतीं हैं. थाना इस प्रकार की घटना को गंभीरता से लेगा। बिहार में इस प्रकार की शिकायत मिलने के बाद पुलिस कुछ खास नहीं कर पाती थी। ऐसा माना जा रहा है कि बिहार पुलिस के इस फैसले से इस प्रकार की हरकत से कुछ हद तक महिलाओं को निजात मिल जायेगा।

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