लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम के जरिये कर सकते हैं निःषुल्क पढ़ाई- अमित

लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम के जरिये कर सकते हैं निःषुल्क पढ़ाई- अमित

डा0 ए.कुमार इंस्टीट्यूट आॅफ एजुकेषन की अनूठी पहल
अब मंहगे किताबों को पढ़ना हुआ निःषुल्क। भागलपुर शहर के प्रतिष्ठित आईटी षिक्षण संस्थान ने छात्रों को उसके पसंद के राईटर की पुस्तक से जोड़ने की दिषा में एक नई पहल की है। इसके जरिये छात्र विष्व स्तरीय लेखकों की पुस्तकों से रूबरू हो सकेंगे। अमेरिकन कम्पनी से हुए करार के तहत संस्था पूरे विष्व में इस आॅनलाइन प्लेटफार्म से लोगों को जोड़ने का कार्य कर रही है।
एकेआई के निदेषक अमित कुमार ने बताया कि तेजी से बदलते दौर में हर कोई अपने व्यस्त समय में खुद को सूचना के क्षेत्र में अपडेट करना चाहता है। लेकिन रोजगार एवं अन्य गतिविधियों में व्यस्तता की वजह से अपनी इच्छानुसार ज्ञान अर्जित करने से वंचित रहना पड़ता है। एक सर्वे में यह पाया गया कि पारंपरिक षिक्षा से हट कर लोगों का रूझान दूरस्थ षिक्षा प्रणाली की तरफ काफी तेजी से हुआ है। इसका सबसे महत्वपूर्ण कारण अभ्यर्थियों द्वारा अपने खाली समय का उपयोग अध्यापन के लिये करने की आजादी है। दूरस्थ षिक्षा से एक कदम आगे लोगों को आॅनलाइन षिक्षा से जोड़ने की प्रक्रिया है। संस्था इसी आॅनलाइन प्लेटफार्म के जरिये लोगों तक अध्यापन सामग्री उपलब्ध कराने का कार्य कर रही है। लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम के जरिये इच्छुक छात्र, व्यवसायी, कर्मचारी, गृहणी एवं अन्य पेषों से जुड़े लोग भी मोबाइल के जरिये ज्ञान अर्जन का कार्य जारी रख सकते हैं। यह पूरी तरह निःषुल्क है।
वहीं संस्थान के उपनिदेषक डा0 राजेष कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि 1000 से अधिक पुस्तकों को इस सिस्टम पर लाया गया है। लगातार संस्थान एवं अमेरिकन कंपनी के तकनीकी विषषज्ञों द्वारा इस दिषा में कार्य किया जा रहा है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर की पुस्तकों के साथ ही पै्रजेंटेषन एवं वायस वीडियो को अपलोड किया गया है जिससे छात्र अपनी रूचि के हिसाब से माध्यम का चयन कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त लाइव लेक्चर में भी शामिल हो सकते हैं। वायस वीडियो के जरिये विषेषज्ञों द्वारा जारी किये गए लेक्चर को सुन सकते हैं वहीं पै्रजेंटेषन की सहायता से विषयों को ग्राफिक्स के जरिये समझा जा सकता है। भागलपुर जैसे छोटे शहर से लेकर लंदन की चकाचैंध तक सभी छात्र समान षिक्षा के हकदार हैं। संस्थान का यह प्रयास निष्चित ही तकनीकी षिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगी।
सोषल मीडिया, इंटरनेट, छात्रों से सीधे संपर्क स्थापित कर, सेमिनार एवं अन्य माध्यमों के जरिये लोगों को जागरूक करने का प्रयास संस्थान द्वारा किया जा रहा है। अबतक कई देषों के छात्र इस सिस्टम से जुड़ चुके हैं और उनसे मिलने वाले प्रतिक्रियाओं से संस्थान के प्रबंधन से जुड़े लोग काफी उत्साहित हैंै।
इस सिस्टम से जुड़े छात्र वेद प्रकाष ने बताया कि यह बिल्कुल ही नया प्रयोग है जो 2ळ इंटरनेट पर भी आसानी से कार्य कर रहा है। इसपर आईटी से जुड़ी कई अहम जानकारियों को पाने का अवसर मिला इसके लिये मैं एकेआई के प्रति आभार व्यक्त करता हूँ।

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