रैगिंग मामलाः बिहार के मंत्री के पुत्र की हालत नाजुक, बिहार

रैगिंग मामलाः बिहार के मंत्री के पुत्र की हालत नाजुक, बिहार

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पटना/नयी दिल्ली /ग्वालियर: देश के प्रतिष्ठित पब्लिक स्कूलों मे शुमार ग्वालियर के सिंधिया स्कूल में बिहार के सहकारिता मंत्री जय कुमार सिंह के बेटे आदर्श साथ रैगिंग की गयी है. उसकी हालत गंभीर है.

आदर्श को दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भरती कराया गया है, जहां उसे न्यूरो आइसीयू में वेंटिलेटर पर रखा गया है. उसके पिता जय कुमार सिंह ने आरोप लगाया है कि स्कूल में मेरे बेटे को जान से मारने की कोशिश की गयी. पूरे प्रकरण पर स्कूल प्रबंधन से लेकर स्थानीय प्रशासन तक चुप्पी साधे हुए है. स्कूल प्रबंधन ने इस घटना की कोई जानकारी परिजनों को नहीं दी. मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने शुक्रवार को इस मामले की जानकारी ली. इस संबंध में दिल्ली में रिपोर्ट दर्ज कराने की तैयारी चल रही है.

मंत्री जय कुमार सिंह का बेटा आदर्श ग्वालियर के ऐतिहासिक किले पर स्थित सिंधिया स्कूल में नौवीं कक्षा में पढ़ता है. 20 अगस्त को वह हॉस्टल के कमरे में था. रात को आठ बजे के रोल कॉल में होनेवाले मेडीटेशन के लिए वह बाहर नहीं आया. जब वह नहीं दिखा, तो स्कूल स्टाफ उसके रूम में पहुंचा. यहां देखा, तो आदर्श फांसी के फंदे पर झूल रहा था. यह देख स्कूल प्रबंधन के हाथ पैर फूल गये. उसे तुरंत फंदे से

उतारा गया और स्थानीय निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत नाजुक देख कर उसे एंबुलेंस से ले जाकर गुरुवार की सुबह 8:30 बजे दिल्ली के अपोलो हॉस्पिटल में भरती कराया गया. वहां उसे न्यूरो आइसीयू में वेंटिलेंटर पर रखा गया है.

घटना की खबर मिलने पर सहकारिता मंत्री जय कुमार सिंह परिजनों के साथ दिल्ली पहुंच गये हैं. आदर्श जय कुमार सिंह के दो बेटों में छोटा है. आदर्श की गंभीर स्थिति की जानकारी मिलते ही सिंधिया स्कूल के संचालक और पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया अपोलो अस्पताल पहुंचे और हालचाल लिया. जयकुमार सिंह ने बताया कि 20 अगस्त की रात को खाने के समय मेज में 9-10 सीनियर लड़कों ने मेरे बेटे को मेस में रोका था. मेरा बेटा हॉस्टल के जिस कमरे में रहता है, उसमें दरभंगा का भी एक लड़का रहता है. सीनियर लड़कों ने उसे जाने दिया और मेरे बेटे को रोक लिया. उसके साथ मारपीट की और जान लेने की कोशिश की. वह कभी आत्महत्या का प्रयास नहीं कर सकता था. यदि ऐसी भी कोई बात थी, तो परिवार के लोगों  को क्यों नहीं खबर की गयी. सड़क मार्ग से उसे ग्वालियर से दिल्ली भेजा गया. स्कूल प्रबंधन ने रैगिंग करनेवाले लड़कों के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट भी दर्ज नहीं करवायी. मुङो शुक्रवार की सुबह पता चला, जब उसे दिल्ली में भरती कराया गया. आदर्श के मामा व उसके स्थानीय अभिभावक छोटे ने भी इसे हत्या की साजिश करार दिया है. जबकि स्कूल प्रबंधन आदर्श के बीमार होने की बात कह रहा है. बताया गया है कि आदर्श के सिर, पीठ और गले पर चोट के निशान मिले हैं, जो अनहोनी का इशारा करते हैं. देर रात पीड़ित बच्चे को देखने दिल्ली के डीसीपी भी अपोलो अस्पताल गये.

मां से कहा था, साथी परेशान करते हैं

बताया जाता है कि आदर्श कुमार सिंह ने इस घटना से तीन रोज पहले ही अपनी मां को फोन पर बताया था कि उसे कुछ साथी परेशान करते हैं उसने कहा था कि मैं रूम बदलना चाहता हूं. मां के ज्यादा पूछने पर उसने कहा था कि बाद में बताऊंगा.

परिजनों को नहीं दी सूचना: स्कूल प्रबंधन ने घटना की जानकारी न तो छात्र के स्थानीय अभिभावक उसके मामा और न ही माता-पिता को दी. प्रबंधन ने उसे चुपचाप इलाज के लिए अस्पताल में भरती करवा दिया.

ब्रेन में ऑक्सीजन की कमी

अपोलो हॉस्पिटल नई दिल्ली के मेडीसीन विभाग के सीनियर कंसल्टेंट डॉ एम एस चौधरी ने बताया कि आदर्श को वेंटिलेटर पर रखा गया है. ब्रेन में ऑक्सीजन की कमी के कारण उसे सेरिब्रल हाइपोक्सिया है. डॉ. चौधरी के अलावा एम्स के न्यूरोसजर्री  विभाग के रिटायर्ड एचओडी डॉ बनर्जी की देखरेख में आदर्श का इलाज चल रहा है. उसकी हालत चिंताजनक है.

देश का नंबर टू स्कूल

सिंधिया स्कूल ग्वालियर को एजुकेशन वर्ल्ड इंडिया स्कूल रैंकिंग, 2014 में देश भर के ब्वॉज बोर्डिग स्कूलों में दूसरे स्थान पर रखा गया था और दून स्कूल, देहरादून तीसरे रैंक पर रह कर उसके पीछे था. इतने प्रतिष्ठित स्कूल में इतने हाइप्रोफाइल बच्चे के साथ रैगिंग ने सबको हैरान कर दिया है.

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