मेक इन इंडिया पर भारत में प्रधानमंत्री की चर्चा

मेक इन इंडिया पर भारत में प्रधानमंत्री की चर्चा

चीन

भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ की चर्चा थी तो चीनी मीडिया में प्रधानमंत्री ली कचियांग के ‘मेड इन चाइना’ को बढ़ावा देने के लिए कंपनियों को छूट देने वाले नए फ़ैसले की चर्चा रही.

इसके तहत सरकारी उद्योगों के आधुनिकीकरण में अपनी तकनीक उन्नत करने या शोध और विकास में निवेश करने वाली कंपनियों को टैक्स में छूट दी जाएगी.

लेकिन इन सारी चर्चाओं के बीच चीनी कंपनियों ने भारत में निवेश करने को लेकर उत्साह दिखाया.

भारत की तरफ़ से उनको भरोसा दिया गया कि निवेश से जुड़ी उनकी परेशानियों को कम समय में हल किया जाएगा

चीनी प्रधानमंत्री ली ने कहा कि उड्डयन, बायो-मेडिसिन के उत्पादन, रेलवे, जहाज़, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के उत्पादन और विनिर्माण के लिए उच्च-तकनीक वाले उपकरणों का आयात करने वाली कंपनियां भी टैक्स में कमी की हक़दार होगी.

इनमें कंप्यूटर, आईटी उत्पाद और सॉफ़्टवेयर को भी शामिल किया गया है.

मगर गुरुवार को फॉर्च्यून ग्लोबल 500 की सूची में शामिल कंपनियों ने भारत में निवेश के लिए भारी उत्साह दिखाया था.

वे भारतीय दूतावास की तरफ़ से आयोजित एक सेमिनार में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ वाले दिन अपनी बात रख रहे थे.

उन्होंने कहा कि भारत और चीन में काम करने वाली कंपनियों की जरूरतें एक दूसरे की पूरक हैं.

भारत निवेश की दृष्टि से चीनी कंपनियों के लिए काफ़ी उपयुक्त है, जो चीन में बढ़ती उत्पादन लागत के कारण विदेश में निवेश की संभावनाएं तलाश रही हैं. इसके साथ-साथ अपने उत्पादन की तकनीक को भी बेहतर बनाना चाहती हैं.

चीनी निवेशकों को दिया ‘भरोसा’

इस मौके पर चीनी कंपनियों के करीब 200 कार्यकारी अधिकारियों ने हिस्सा लिया. इसमें फॉर्च्यून 500 की सूची में शामिल स्टेट ग्रिड, बैंक ऑफ़ चाइना, डोंगफ़ॉंग इलेक्ट्रिक कॉर्पोरेशन, एवीआईसी इंटरनेशनल जैसी कंपनियां शामिल हैं.

‘हमारे पास बड़ा मौका है’

चीन के शीर्ष 500 ट्रेड इंटरप्राइजेज के कार्यकारी प्रमुख झाओ येन ने कहा, “हमें भरोसा है कि मेक इन इंडिया अभियान से हमारे पास बड़ा मौका है.”

भारतीय राजदूत अशोक के कांता ने कहा कि आधारभूत सरंचना और विनिर्माण के क्षेत्र में चीनी और भारतीय कंपनियों के बीच स्वाभाविक रूप से सहयोग करने की संभावनाएं हैं और प्रधानमंत्री मोदी का नया अभियान इस लक्ष्य पर ध्यान देता है.

काउंसलर नामाग्या खांपा ने चीनी निवेशकों को चीनी में बोलते हुए निवेश से जुड़ी उनकी दिक्कतों को कम समय में हल करने का आश्वासन दिया.

सभार : बी बी क हिंदी

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