मुख्यमंत्री ग्रामीण स्ट्रीट लाइट निश्चय योजना एक अप्रैल से शुरू होगी

मुख्यमंत्री ग्रामीण स्ट्रीट लाइट निश्चय योजना एक अप्रैल से शुरू होगी

imageमुखिया जी अपने पंचायत के हर वार्ड में तीन स्ट्रीट लाइट लगाएंगे। राज्य के सभी सवा आठ हजार पंचायतों को जगमग करने के कार्यक्रम के तहत अगले 4 वर्षों में प्रति पंचायत 21 लाख रुपए खर्च होंगे। जिन पंचायतों में पहले से सोलर लाइट लगे हैं और काम नहीं कर रहे हैं, उनकी बैट्री बदलने या मरम्मत आदि पर प्रति पंचायत 5.60 लाख रुपए खर्च करने होने का अनुमान है।राज्य सरकार पहली अप्रैल से मुख्यमंत्री ग्रामीण स्ट्रीट लाइट निश्चय योजना का शुभारंभ करने का एेलान कर चुकी है। इसके तहत गांव-टोलों की गलियों में रोशनी के लिए छोटी-छोटी स्ट्रीट लाईटिंग की योजना है। पंचायतों को राज्य योजना मद से राज्य सरकार सहायक अनुदान के रूप में राशि देगी। मानक इस्टीमेट की तैयारी के लिए ऊर्जा विभाग के ब्रेडा या केंद्र सरकार की विशेषज्ञ एजेंसियों की मदद ली जा रही है। रखरखाव व्यवस्था और उसके लिए भी एजेंसियों के चयन की योजना है। भविष्य में 14वें वित्त आयोग और पंचम राज्य वित्त आयोग की अनुशंसा पर मिलने वाली राशि से जिला परिषदों और पंचायत समितियों की स्तर से भी योजना का कार्यान्वयन होगा। राज्य में सोलर लाइट लगाने की पूर्व की योजनाओं पर सीएजी गंभीर सवाल उठा चुका है। ऐेसे में इस नई योजना के क्रियान्वयन में पूरी पारदर्शिता बरतनी होगी। इसी महीने विधानसभा में पेश सीएजी की रिपोर्ट में दरभंगा और खगड़िया जिले में सोलर स्ट्रीट लाइट की खरीद में 7.01 करोड़ रुपए अधिक खर्च करने की बात कही गई है। दोनों जिलों के योजना पदाधिकारी द्वारा ब्रेडा की निर्धारित दर की अवहेलना करते हुए यह खरीद की गई है। उन्होंने न तो निविदात्मक प्रक्रिया का अनुपालन किया और न ही खरीद में ब्रेडा द्वारा निर्धारित दरों को सुनिश्चित किया है।पहली अप्रैल से शुरू हो रहे वित्तीय वर्ष (2016-17) में मुख्यमंत्री ग्रामीण स्ट्रीट लाइट निश्चय योजना पर 419.85 करोड़ रुपए खर्च करने की योजना है। इसकी शुरुआत में जिन वार्डों में बिजली की आपूर्ति है और बिजली के खंभे लगे हैं, वहां सोलर स्ट्रीट लाइट योजना के स्थान पर ब्रैकेट-रिफ्लेक्टर-होल्डर की सहायता से सीएफएल/एलईडी बल्ब द्वारा स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था की जाएगी। ऐसी परिस्थिति में प्रति स्ट्रीट लाइट योजना का खर्च काफी कम होने का अनुमान है। ऐेसे में पंचायती राज विभाग ने आकलन किया है कि 5 लाख रुपए खर्च कर ही प्रति ग्राम पंचायत की आवश्यकता पूरी हो जाएगीसोलर लाइट घोटाले की हाईकोर्ट के निर्देश पर निगरानी विभाग अगल जांच कर रहा है। इस मामले में 200 से अधिक मुखिया पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। महालेखाकार की ताजा रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि मधुबनी के लौकही प्रखंड के सात पंचायतों झहुरी, अटारी, बनगांवा, धनछीहा, बरूआर और बड़ियार में सोलर लाइट लगाने में 17 लाख से अधिक भुगतान किया गया है।सौर प्रकाश के लिए निर्धारित तकनीकी मानक के सोलर लाइटों में 74 वाट के सोलर पैनल, 12 बोल्ट व व 75एएच की बैटरी तथा पोल की लंबाई 4.5 मीटर तथा सीएफएल 11 वाट का होना चाहिए। अगस्त, 2008-11 के दौरान सोलर लाइट की स्थानीय खरीद की गई, जिसमें 27 हजार से 31 हजार की सोलर लाइट 41 हजार में खरीदी गई। निगरानी विभाग द्वारा सोलर लाइट के भौतिक सत्यापन में कागज पर ही सोलर लाइट लगाने का मामला संज्ञान में आया है।

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