भारतीय गांवों, चौकियों पर गोलीबारी में तीन की मौत

भारतीय गांवों, चौकियों पर गोलीबारी में तीन की मौत

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पाकिस्तानी सैनिकों द्वारा जम्मू-कश्मीर में कई गांवों और सुरक्षा चौकियों को निशाना बनाकर बीती रात से की गई भारी गोलाबारी में सेना के दो जवान और एक महिला की मौत हो गई तथा 11 लोग घायल हो गए। इससे सीमा से लगे कुछ इलाकों से सैकड़ों लोग पलायन करने को विवश हुए हैं। सीमा पर गोलाबारी के जारी रहने की पृष्ठभूमि में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने अफसोस जताया कि भारत की ओर से दोस्ती का हाथ बढ़ाए जाने के बावजूद पाकिस्तान सीमावर्ती इलाकों को बार बार निशाना बना रहा है। पुलिस के अधिकारियों ने सेना की ओर से दर्ज कराई गई प्राथमिकी का हवाला देते हुए बताया कि पाकिस्तानी सैनिकों ने बीती रात कन्हैया चौकी के निकट नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम का उल्लंघन किया। पाकिस्तानी सैनिकों ने तंगधार इलाके में रॉकेट दागा। अधिकारियों ने बताया कि सेना ने कहा कि पाकिस्तान की इस करतूत में सेना के दो जवान मारे गए और एक अन्य घायल हुआ। निकट की एक चौकी पर तैनात बीएसएफ का एक जवान भी घायल हो गया। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कठुआ और सांबा जिले के गांवों और 13 सीमा चौकियों को निशाना बनाकर की गयी भारी गोलाबारी में आज एक महिला की मौत हो गयी और आठ अन्य नागरिक घायल हो गए। अधिकारियों ने बताया कि संघर्ष विराम उल्लंघन की ताजा घटनाओं की वजह से सीमांत गांवों से लोग पलायन कर गए और दोनों जिलों के गांवों से 1,400 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। बीएसएफ के महानिरीक्षक राकेश शर्मा ने पीटीआई-भाषा को बताया, पाकिस्तानी सैनिकों ने बीती रात साढ़े नौ बजे से सांबा और कठुआ जिलों में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित चौकियों तथा असैनिक इलाकों में बिना किसी उकसावे के भारी गोलीबारी की और मोर्टार दागने शुरू कर दिए। उन्होंने कहा कि बीएसएफ के जवानों ने माकूल जवाब दिया, जिससे दोनों ओर से गोलीबारी होने लगी जो आज तड़के तीन बजे बंद हुई। शर्मा ने बताया कि पाकिस्तान ने आज सुबह सात बजे से फिर असैनिक इलाकों को निशाना बनाते हुए गोलीबारी की और मोर्टार दागने शुरू कर दिए। शर्मा ने बताया कि कठुआ जिले के सांबा और हीरानगर उप सेक्टरों के सभी तीन बटालियन क्षेत्रों में स्थित चौकियों को निशाना बनाया गया। इसके साथ ही, बीएसएफ के महानिदेशक ने सीमांत इलाकों के लोगों को वहां से चले जाने के लिए परामर्श भी जारी किया है। सांबा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनिल मगरोत्रा ने कहा कि मंगू चक गांव की रहने वाली तोरी देवी नाम की एक महिला गोलाबारी में मारी गयी और चार अन्य नागरिक इस गोलीबारी और गोलाबारी में घायल हो गए। उन्होंने बताया कि गोलीबारी की वजह से बहुत सारे घर क्षतिग्रस्त हो गए और कुछ जानवर भी मारे गए। कठुआ के उपायुक्त शाहिद इकबाल ने बताया कि जिले के नौचक गांव में दो महिलाओं सहित चार लोग घायल हो गए। घायलों को सरकारी चिकित्सा कॉलेज में भर्ती कराया गया है। एसएसपी ने बताया कि लोगों को निकालने के लिए बसें तैयार रखी गई हैं और हम गोलीबारी तथा गोलाबारी रुकने का इंतजार कर रहे हैं, ताकि लोगों को सुरक्षित जगहों पर शिविरों में भेजा जा सके। उन्होंने कहा कि लोगों ने बंकरों में शरण ले रखी है और बाहर नहीं आ रहे हैं। 2014 में पाकिस्तान ने 550 बार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया जो 2003 में संघर्ष विराम शुरू होने के बाद से सबसे ज्यादा है। पिछले साल अगस्त से अक्टूबर के बीच संघर्ष विराम की घटनाएं अपने चरम पर थीं, जिनमें दो सुरक्षा कर्मियों समेत 13 लोग मारे गए थे। अगस्त और अक्टूबर में अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान की गोलीबारी और गोलाबारी की वजह से सीमांत इलाकों के 32,000 लोगों को घर छोड़कर जाना पड़ा और सरकारी शिविरों में शरण लेनी पड़ी। पिछले साल इस तरह की घटनाओं में पांच जवानों समेत कुल 19 लोग मारे गए और 150 से अधिक घायल हो गए थे।

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