बैंकों के योगदान से सफल होती हैं योजनाएं

बैंकों के योगदान से सफल होती हैं योजनाएं

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मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा है कि योजनाओं की सफलता में बैंकों का महत्वपूर्ण योगदान होता है। राज्य में युवाओं के रोजगार के लिए गाँव-गाँव में लघु और कुटीर उद्योगों का जाल बिछाया जाएगा। महिला स्व-सहायता समूहों का लक्ष्य हर साल बढ़ाकर दोगुना किया जाएगा। अभियान चला कर शत-प्रतिशत बुनकरों के क्रेडिट कार्ड बनाए जाएंगे तथा शेष बचे किसानों के भी क्रेडिट कार्ड बनेंगे। मुख्यमंत्री ने बैंकर्स से कहा है कि मध्यप्रदेश को देश का नंबर वन राज्य बनाने के लिए सकारात्मक तथा उत्साहजनक सहयोग दें। बड़े उद्योगों के साथ लघु और कुटीर उद्योगों को भी समान भाव से ऋण की सहूलियत दें। श्री चौहान आज यहाँ राज्य स्तरीय बैंकर्स सलाहकार समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मेक इन इंडिया के सपने को साकार करने के लिये मध्यप्रदेश को मेक इन एम.पी. का मेन्युफेक्चरिंग हब बनाया जायेगा। मध्यप्रदेश भारतीय अर्थव्यवस्था का ड्राइविंग फोर्स बनेगा। मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास मिशन के तहत अगले पाँच साल में गरीबों के लिए 10 लाख मकान बनाए जाएंगे। मध्यप्रदेश को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिये अब खेती के साथ उद्योगों पर भी ध्यान दिया जायेगा। श्री चौहान ने प्रदेश की महत्वाकांक्षी योजनाओं की सफलता मैं बैंकों से सहयोग की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से प्रदेश में निवेश का वातावरण बना है। प्रदेश में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, मुख्यमंत्री कारीगर स्व-रोजगार योजना जैसी योजनाएँ बनाई गई हैं। जिनके क्रियान्वयन से प्रदेश में क्रांति हो सकती है। राज्य शासन द्वारा वेंचर कैपिटल फंड स्थापित किया गया है जो नवाचारी उद्यमी विचारों को प्रोत्साहित करेगा। बैंकर्स प्रदेश के युवाओं में विश्वास रखें तथा उन्हें उच्च शिक्षा तथा उद्योगों के लिये ऋण उपलब्ध करवायें। बताया गया कि प्रधानमंत्री जन-धन योजना में देश में 38 लाख खाते खोले गये हैं जो देश में सर्वाधिक हैं। श्री चौहान ने जन-धन योजना में प्रदेश में सबसे पहले शत-प्रतिशत खाते खोलने के लिये बैंकों से सक्रियता की अपेक्षा व्यक्त की। श्री चौहान ने बैंकर्स से कहा कि ऋण स्वीकृति तथा योजनाओं की राशि आवंटन में मिलने वाली शिकायतों को गंभीरता से लिया जाय। जिन योजनाओं में लक्ष्य से अधिक आवेदन आते हैं उनकी स्वीकृति की पारदर्शी प्रक्रिया बनायी जाय। घर बनाने की योजनाओं की राशि एकमुश्त दिये जाने का भी उन्होंने सुझाव दिया। मुख्य सचिव एंटोनी डिसा ने कहा कि प्रदेश के वार्षिक क्रेडिट प्लान में 71 हजार करोड़ रुपये ऋण वितरण का लक्ष्य रखा गया है। इसमें कृषि क्षेत्र में 53 हजार करोड़ रूपये, सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों में 10 हजार करोड़ रूपये तथा अन्य क्षेत्रों में 7,600 करोड़ रूपये है। आगामी 31 दिसंबर तक विभिन्न हितग्राहीमूलक योजनाओं में ऋण स्वीकृति की कार्रवाई पूरी हो जाए। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के कार्यपालक निदेशक राजकुमार गोयल ने कहा कि मध्यप्रदेश की विकास के क्षेत्र में एक नई पहचान बनी है। राज्य के समग्र विकास में बैंक सम्पूर्ण योगदान देने के लिए तैयार हैं। वार्षिक कार्य-योजना के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिये सभी प्रयास किये जाएंगे। बैठक में मुख्यमंत्री ने नाबार्ड द्वारा प्रकाशित पुस्तक मॉडल स्कीम्स ऑन एग्रीकल्चर एंड एलाइड एक्टिविटीज़ का विमोचन किया। बैठक में अपर मुख्य सचिव वित्त अजयनाथ, अपर मुख्य सचिव ग्रामीण विकास अरुणा शर्मा सहित प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तथा बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। अंत में आभार प्रदर्शन बैंक ऑफ बड़ौदा के महाप्रबंधक नागेन्द्र श्रीवास्तव ने किया।

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