बराक ओबामा की भारत यात्रा पर 1000 करोड़ रुपए से भी ज्‍यादा खर्च होने का अनुमान

बराक ओबामा की भारत यात्रा पर 1000 करोड़ रुपए से भी ज्‍यादा खर्च होने का अनुमान

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अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की भारत यात्रा पर 1000 करोड़ रुपए (200 मिलियन डॉलर) से भी ज्‍यादा खर्च होने का अनुमान है। जब वह पिछली बार भारत आए थे, तभी उनकी यात्रा पर इतनी रकम खर्च हुई थी। माना जा रहा है कि इस बारअमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा की भारत यात्रा के दौरान यह खर्च बहुत ज्यादा बढ़ जाएगा। इसमें बड़ा हिस्‍सा उनकी सुरक्षा के लिए किए जाने वाला खर्च होगा। भारत सरकार भी उनकी सुरक्षा के लिए कोई कमी नहीं छोड़ रही है। गणतंत्र दिवस परेड के दौरान पहली बार अवॉक्‍स के जरिए सुरक्षा की जाएगी। 26 जनवरी को रिपब्लिक डे को लेकर जारी आईबी इनपुट के मद्देनजर देश के कई हिस्सों में हमले की आशंका व्यक्त की गई है। आईबी ने इस बात को लेकर आगाह किया है कि देश में ओबामा की मौजूदगी के दौरान आतंकवादी देश के कई हिस्सों में हमला कर सकते हैं। पिछले दिनों जम्मू के कठुआ इलाके से घुसे सात आतंकियों द्वारा इस घटना को अंजाम दिए जाने की आशंका ज्यादा है। सीमा पार से आए आतंकियों के बारे में सुरक्षा एजेंसियां फिलहाल पता नहीं लगा पा रही हैं। इसके अलावा राजपथ पर समारोह के दौरान हवाई हमले की संभावना को लेकर भी सुरक्षा एजेंसियों को गृहमंत्रालय की ओर से विशेष इनपुट भेजा गया है।गणतंत्र दिवस परेड के मौके पर अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की सुरक्षा के लिए एयरबॉर्न वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम (अवॉक्स) की तैनाती की जाएगी। यह पहला मौका होगा, जब गणतंत्र दिवस में सुरक्षा के मद्देनजर अवॉक्स का प्रयोग किया जाएगा। राजपथ पर होने वाली परेड के दौरान अवॉक्स आसमान की निगरानी करेगा। इस्राइली तकनीक से लैस अवॉक्स को विमान आईएल-76 पर लगाया जाएगा। गणतंत्र दिवस पर यह विमान तब तक राजधानी पर चक्कर काटता रहेगा, जब तक अमेरिकी राष्ट्रपति परेड स्थल पर मौजूद रहेंगे। याद रहे कि अवॉक्स किसी भी मौसम में खतरे के रूप में आने वाली क्रूज मिसाइलों और विमानों का आसमान में तकरीबन 400 किलोमीटर दूर से ही पता लगाने में सक्षम है। वह काफी नीचे से उड़ रही किसी चीज के बारे में भी पता लगा सकता है।अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की भारत यात्रा के मद्देनजर नेपाल सीमा पर सुरक्षा तंत्र को विदेशी एजेंसी के अल्टीमेटम पर अलर्ट किया गया है, जबकि देसी एजेंसियां खुद कई बार नेपाल के रास्ते आतंकियों के भारत में प्रवेश का खतरा जताने के लिए रिपोर्ट जारी कर चुकी हैं। लेकिन ओबामा के आगमन से पहले नेपाल सीमा पर उनका ध्यान ही नहीं गया। जबकि आगरा से यह सीमा करीब छह सौ किलोमीटर की दूरी पर है। नेपाल के रास्ते भारत में आतंकियों प्रवेश की आंशका विदेशी खुफिया एजेंसी की ओर से जताए जाने के बाद देशी खुफिया व सुरक्षा एजेंसियों के होश उड़ गए। इसके अगले ही दिन गृह मंत्रालय की ओर से नेपाल सीमा पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। खुफिया विभाग के सूत्रों के मुताबिक भारत से लगी नेपाल की सीमा करीब 1750 किलोमीटर तक खुली है और यह आतंकियों के लिए देश में प्रवेश करने का आसान रास्ता हो सकता है। सोनोली के पास सात संदिग्‍ध लोगों की गिरफ्तारी भी की गई है।

गृहमंत्री अब लेंगे रोजाना सुरक्षा पर रिपोर्ट
गृह मंत्रालय के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक गृह मंत्री राजनाथ सिंह को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से रोजाना सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों से रिपोर्ट लेने का निर्देश दिया गया है, ताकि मेहमान राष्ट्रपति ओबामा की यात्रा के दौरान की सुरक्षा को लेकर भारतीय एजेंसियों पर सवाल न खड़े हों। 

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