पहली बार अरनिया कस्बे के लोगों को भी जान बचाने के लिए घर छोड़ना पड़ा

पहली बार अरनिया कस्बे के लोगों को भी जान बचाने के लिए घर छोड़ना पड़ा

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अब तक सीमांत इलाकों के गांवों से ही पलायन होता था। पहली बार अरनिया कस्बे के लोगों को भी जान बचाने के लिए घर छोड़ना पड़ा। सरपंच सुभाष सैनी ने बताया कि 1965 और 1971 की लड़ाई में भी अरनिया कस्बे में गोले नहीं गिरे थे। लेकिन रविवार से अरनिया भी टारगेट पर गया है।पुलिस ने सांबा और कठुआ जिलों में अलर्ट जारी किया है। सरहद पर रहने वालों को घरों में रहने की सलाह दी गई है। कठुआ के एसएसपी मोहन लाल ने बताया कि लोगों को खुले में घूमने, मवेशियों को सुरक्षित रखने तथा चौकस रहने की सलाह दी गई है

इस बीच, बीएसएफ और खुफिया एजेंसी की ओर से एक रिपोर्ट मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय को सौंपी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान की बॉर्डर एक्शन टीम को भारत के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इस टीम में 12वीं मुजाहिदीन बटालियन, पाकिस्तान रेंजर्स और सेना के लोग शामिल हैं। लश्कर के आतंकियों को नियंत्रण रेखा पर रेंजर्स की वर्दी पहनाकर इकट्ठा किया जा रहा है, ताकि बीएसएफ की चौकियों को तहस-नहस करते हुए रिहायशी इलाकों पर मोर्टार दागे जा सकें। रिपोर्ट में चारवा सेक्टर में पाक की ओर से 12वीं मुजाहिदीन बटालियन की चार टुकड़ियां तैनात करने की भी सूचना है। गौरतलब है कि 12वीं मुजाहिदीन बटालियन भारत के खिलाफ पहले भी गोलीबारी में सबसे आगे रही है। इस कवायद के पीछे पाक की मंशा गोलीबारी को अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बनाने के साथ-साथ इसकी आड़ में आतंकियों की भारत में घुसपैठ की सुनिश्चित कराना है। बीएसएफ और खुफिया एजेंसी ने सबूत के तौर पर वीडियो इंटरसेप्टेड मैसेज भी केंद्रीय गृह मंत्रालय को दिए गए हैं।

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