पटना में जाली डिग्री देने वाले गिरोह का सरगना गिरफ्तार.

पटना में जाली डिग्री देने वाले गिरोह का सरगना गिरफ्तार.

14_08_2014-arrested

पटना : रूपसपुर पुलिस ने बुधवार को गोला रोड के रामजयपाल नगर स्थित एक मकान में छापेमारी कर जाली डिग्री देने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरोह का सरगना संजीत कुमार उर्फ महेश पुलिस के हत्थे चढ़ गया। संजीत खुद को लोजपा के क्रीड़ा मंच का अध्यक्ष बताता है। पुलिस ने मौके से भारी संख्या में जाली अंकपत्र, प्रश्नपत्र, उत्तर पुस्तिका, आवेदन फार्म सहित अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं।

थाना पुलिस के मुताबिक संजीत बड़े गिरोह का संचालन कर रहा था। गिरोह के एजेंट प्रदेश के विभिन्न जिलों से भोले-भाले लोगों को फांसते हैं। उनसे बिना पढ़े मनचाहे कोर्स की डिग्री दिलाने के नाम पर मोटी रकम ऐंठी जाती है। गोरखधंधे में उसका भाई नित्यानंद भी शामिल है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी चल रही है। संजीत के मोबाइल

का कॉल डिटेल खंगाला जा रहा है। कई सफेदपोशों की संलिप्तता भी उजागर हो सकती है।

9 पंडितों को एकमुश्त लगाया चूना

वर्ष 2012 में रूपसपुर में रहने वाले एक प्रतिष्ठित व्यक्ति के घर शांति पूजा कराने के लिए भोजपुर के विभिन्न गांव से नौ पंडित आए थे। उस समारोह में संजीत में शरीक हुआ था। उसी दौरान संजीत की बातचीत पूजा कराने आए दुगौली निवासी कुंदन पांडेय, ठेलवा के रीतेश पांडेय, कोचस के अमोल पांडेय, संतोष पांडेय, समेत अन्य से हुई थी। पंडितों ने बीएड करने की इच्छा जताई थी। इसपर रीतेश ने बताया था कि उसके पास अनेकों यूनिवर्सिटी की फ्रेंचाइजी है। वह बिना पढ़े परीक्षा में पास करवा देगा। उसके झांसे में फंसकर सभी पंडितों ने एकमुश्त साढ़े तीन लाख रुपए दे दिए। इसके बाद पंडितों को पेसिफिक यूनिवर्सिटी का आई-कार्ड दिया गया। डेढ़ साल बाद जब उन्होंने परीक्षा के बाबत पूछा तो संजीत ने कहा कि बिना परीक्षा दिए ही उन्हें डिग्री मिल जाएगी। कुछ दिन बाद उसने संतोष को बीएड का अंकपत्र दिया। जब संतोष ने इंटरनेट पर अंकपत्र का मिलान किया, तब उसे फर्जीवाड़ा की जानकारी हुई।

हंगामा करने पर दिया था चेक

जब ठगी का शिकार हुए पंडित पैसे लौटाने के लिए बवाल काटने लगे, तब संजीत ने उन्हें चेक दिया था। खाते में रुपए नहीं होने के कारण चेक बाउंस कर गया। इसके बाद वे दुबारा संजीत से मिलने गए तो उसने पैसे लौटाने के लिए पंद्रह दिन का वक्त मांगा। हालांकि वे राजी नहीं हुई और उन्होंने थाने में शिकायत कर दी। इसके बाद थानाध्यक्ष मृत्युंजय कुमार सिंह ने दलबल के साथ संजीत के कार्यालय में धावा बोल दिया।

एक कमरे में चल रही थी कई यूनिवर्सिटी की फ्रेंचाइजी

मूलरूप रूप से सहरसा का रहने वाला संजीत उर्फ महेश कइयों को लाखों रुपए का चूना लगा चुका है। वह रामजयपाल नगर स्थित मकान के एक कमरे में कई डीमड व सरकारी यूनिवर्सिटी की कथित फ्रेंचाइजी चला रहा था। वह दो सौ से अधिक कोर्स की डिग्री दिलाने का दावा करता था। कमरे में उसने तीन-चार यूनिवर्सिटी का बैनर लगा रखा था। एक अलमारी में वह सारे दस्तावेज रखता था। शिकार हुए लोगों की मानें तो संजीत इतना शातिर है कि उससे जो एक बार बात कर ले, वह आसानी से उसके झांसे में आ जाता है।

20 हजार ले घर पर दिलाया था परीक्षा

महेश छात्रों से पैसे ठगने का एक भी मौका नहीं छोड़ता था। जब छात्र उसपर परीक्षा दिलाने का दबाव बनाने लगते तो वह एक निर्धारित तिथि को छात्रों को अपने कार्यालय में बुलाता था। इसके बाद वह कहता था कि यूनिवर्सिटी के सेंटर में परीक्षा देना काफी कड़ा होगा, इसलिए आप मुझे बीस हजार रुपए दे दें तो मैं यहीं कॉपी मंगवा देता हूं। उसकी बातों फंसकर अक्सर छात्र परीक्षा के लिए अलग से पैसे दे देते थे।

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