‘नरेंद्र’ की तर्ज पर चलेगी ‘देवेंद्र’ की सरकार

‘नरेंद्र’ की तर्ज पर चलेगी ‘देवेंद्र’ की सरकार

devendra-Fadnavis

दिल्ली में नरेंद्र मोदी की तर्ज पर ही महाराष्ट्र में देवेंद्र फडनवीस की सरकार चलेगी। किसी भी मंत्री को अपने मन पसंद अधिकारी को तैनात करने की छूट नहीं मिलेगी। मंत्रियों के निजी सचिव, विशेष कार्यकारी अधिकारी (ओएसडी) और उस विभाग में काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्ति भी बिना मुख्यमंत्री की रजामंदी से नहीं होगी। माना जा रहा है कि किसी भी अधिकारी की नियुक्ति से पहले मुख्यमंत्री उस अधिकारी की बैक ग्राउंड रिपोर्ट इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) से लेंगे। उसके बाद ही अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी।नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री का पद ग्रहण करने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों की आईबी से जांच कराई थी। जांच में जिन अधिकारियों के का रिकॉर्ड साफ-सुथरा पाया गया था उन्हें प्रधानमंत्री कार्यालय सहित महत्वपूर्ण विभागों में तैनात किया गया और जिन अधिकारियों को आईबी ने नकारात्मक रिमार्क दिया उन्हें प्रधानमंत्री कार्यालय सहित महत्पूर्ण विभागों से दूर साइड पोस्टिंग कर दिया गया। ठीक उसी तर्ज पर फडनवीस भी महाराष्ट्र में काम करेंगे। बताया जा रहा है कि आईबी वरिष्ठ अधिकारियों की जांच के तहत उनके सर्विस रिकॉर्ड, उनका और उनके परिवार की संपत्ति, पारिवारिक पृष्ठभूमि, ठेकेदारों से उनके परिवारिक संबंध, करीबी रिश्तेदार, अधिकारी पर दर्ज मुकदमें, आरोप और उसकी जांच आदि पहलुओं की जांच करेंगा।मंत्री पद की शपथ लेने से पहले ही देवेंद्र फडनवीस ने मुख्य सचिव स्वाधीन क्षत्रिय और वित्त विभाग के प्रधान सचिव सुधीर श्रीवास्तव के साथ बैठक की। दोनों अधिकारियों ने फडनवीस को राज्य की खस्ता माली हालत की जानकारी दी। इसके अलावा शपथ ग्रहण की तैयारियों के सिलसिले में बताया।कई विभाग को एक किया जाएगाकेंद्र में मोदी ने जिस तरह से मंत्रालय में कई सारे विभाग को खत्म कर एक विभाग कर दिया ठीक उसी तरह से महाराष्ट्र में भी होगा। मंत्रियों की संख्या भी बेहद ही सीमित होगी। बताया जा रहा है कि हेल्थ, मेडिकल शिक्षा और अन्य खाद्य विभाग को एक छतरी के अंदर ला दिया जाएगा। एमएसआरडीएसी और सार्वजनिक निर्माण कार्य विभाग एक हो जाएगा। पर्यावरण, कामगार और उद्योग को एक छतरी के नीचे ला दिया जाएगा। कृषि और पशु संवर्धन विभाग को मिलाकर एक विभाग में कर दिया जाएगा। महिला बाल कल्याण और सामाजिक न्याय को एक छतरी के नीचे ला दिया जाएगा। इसी तरह से एक दूसरे से करीब से जुटे कई विभागों को एक कर दिया जाएगा।विशेष सत्र के बाद मंत्रिमंडल का विस्तारशुक्रवार को फडनवीस के शपथ लेने के बाद बहुत हद तक राजनीतिक तस्वीर साफ हो जाएगी। राज्यपाल ने फडनवीस को 15 दिन के अंदर बहुमत साबित करने के लिए समय दिया है। बताया जा रहा है कि 10 से 12 नवंबर तक विधानसभा की विशेष बैठक बुलाई जाएगी। उस सत्र में विधायक शपथ लेंगे और बीजेपी सरकार को बहुमत साबित करना होगा। उसके बाद ही मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाएगा। बीजेपी के एक पदाधिकारी ने बताया कि मंत्रिमंडल का विस्तार करने के बाद ज्यादा से ज्यादा 30 मंत्री ही होंगे।

You must be logged in to post a comment Login