तय कोटा से आधी बिजली नहीं मिलने से दजर्नभर ग्रिड रहे बंद

तय कोटा से आधी बिजली नहीं मिलने से दजर्नभर ग्रिड रहे बंद

 

बिहार को केंद्र सरकार से तय कोटा की आधी बिजली भी नहीं मिली। एनटीपीसी की सात यूनिट बंद होने के कारण बृहस्पतिवार को दिन में केंद्रीय सेक्टर से तय कोटे की एक तिहाई बिजली मिली। इस कारण दो दजर्न ग्रिडों को बंद करना पड़ा। देर शाम दो यूनिट से उत्पादन शुरू होने के कारण कोटा की आधी बिजली ही मिली। इसके बाद भी दजर्नभर ग्रिड को लोडशेडिंग में बंद कर रखा गया। यूनिट चालू होने तक बिहार में बिजली संकट कायम रहने की आशंका है।


केंद्र से कम बिजली मिलने के कारण बिहार सरकार ने 800 मेगावाट तक की खरीदारी की। बिजली खरीदे जाने के बावजूद औसतन उपलब्धता से लगभग 400 मेगावाट बिजली कम रही। इससे राज्य के आठ दजर्न ग्रिडों में से दजर्न भर से अधिक ग्रिड सब-स्टेशन को लोडशेडिंग में बंद रखा गया। कंपनी की ओर से दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार फरक्का-मालदा के बीच बिछे 400 किलोवाट के ट्रांसमिशन लाईन में खराबी आ गई। इस कारण फरक्का की यूनिट बंद हो गई। फरक्का की यूनिट संख्या पांच पहले से ही वार्षिक मरम्मत के नाम पर बंद थी। शेष चार यूनिट ट्रांसमिशन लाईन की खराबी के कारण बंद हो गई। देर शाम इसमें से यूनिट संख्या दो व तीन वापस लौटी पर तीन यूनिट बंद रही। जबकि, यूनिट संख्या एक, चार व पांच बंद रही। 

सूत्रों की मानें तो फरक्का की एक ही यूनिट चालू हो सकी और बमुश्किल 300 मेगावाट ही बिजली उत्पादित हुई। पर बिजली कंपनी को दो यूनिट चालू होने की जानकारी दी गई। वहीं, कहलगांव की यूनिट संख्या पांच व तालचर भी तकनीकी कारणों से बंद रही। कम बिजली मिलने के कारण कंपनी ने 600 मेगावाट बिजली खरीदी। ओवर ड्रॉवल के तहत कंपनी को एनटीपीसी ने दूसरी यूनिटों से 200 मेगावाट बिजली उपलब्ध कराई। कांटी की अपनी यूनिट से 100 मेगावाट और केंद्रीय सेक्टर से 900 मेगावाट को मिलाकर लगभग 1800 मेगावाट बिजली पूरे राज्य को दी गई। इसमें से पटना को लगभग 450 मेगावाट तक बिजली दी गई। 

कोट
बिजली खरीद कर राज्य में बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। कंपनी के आलाधिकारी स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर पर नजर बनाए हुए हैं ताकि बारी-बारी से सभी ग्रिड को बिजली मिले। बिजली कम मिलने पर एनटीपीसी से संपर्क साधा गया है। 
 हरेराम पांडेय, उप महाप्रबंधक (जनसंपर्क), बिहार स्टेट पावर (होल्डिंग) कंपनी लिमिटेड
बिजली की स्थिति (मेगावाट में)
आवश्यकता : लगभग 3500 
दैनिक औसतन उपलब्धता : लगभग 2200 
बृहस्पतिवार को : लगभग 1800 
केंद्रीय कोटा : 1950 
केंद्रीय कोटा से : 900 
कांटी से उत्पादन : 100 
हुई खरीद : 600-800 
बंद यूनिटों से बिजली उत्पादन व बिहार का हिस्सा
यूनिट                कुल क्षमता        बिहार का हिस्सा
फरक्का-स्टेज एक-दो         1600 मेगावाट        513 मेगावाट
फरक्का-तीन                500 मेगावाट        117 मेगावाट
कहलगांव-दो                1500 मेगावाट        97 मेगावाट
तालचर                1000 मेगावाट        427 मेगावाट

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