टायर कंपनियां बढ़ाएंगी सिंथेटिक रबर का इस्तेमाल

टायर कंपनियां बढ़ाएंगी सिंथेटिक रबर का इस्तेमाल

Winter-Tyres

रबर कीमतों में तेजी की वजह से टायर निर्माता अपना मार्जिन बनाए रखने के लिए प्राकृतिक रबर की जगह सिंथेटिक उत्पादों का इस्तेमाल बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं। अहमदाबाद स्थित नैशनल मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एनएमसीई) पर रबर की हाजिर कीमतें 14 अक्टूबर को 6 महीने का निचला स्तर छूने के बाद पिछले एक सप्ताह में लगभग 6 फीसदी बढ़ी हैं। एनएमसीई के आंकड़ों से पता चलता है कि रबर कीमतें 14 अक्टूबर को 118 रुपये प्रति किलोग्राम पर थीं जो 22 अक्टूबर को बढ़ कर 125 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गईं।रबर कीमतों में तेजी ऐसे समय में आई है जब सिंथेटिक रबर कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। कच्चे तेल की कीमतों में 26 फीसदी की बड़ी गिरावट की वजह से सिंथेटिक रबर में मौजूदा समय में प्राकृतिक रबर के मुकाबले लगभग 30-35 फीसदी कम पर कारोबार हो रहा है। भारत की एक प्रमुख टायर निर्माता कंपनी के वरिष्ठï अधिकारी ने कहा, ‘पिछले सप्ताह तक, सिंथेटिक रबर और प्राकृतिक रबर, दोनों की कीमतें स्थिर थीं। पिछले सप्ताह सिंथेटिक रबर कीमतों में समानुपात में वृद्घि के बगैर प्राकृतिक रबर की कीमतों में तेजी आनी शुरू हुई। यदियह रुझान बरकरार रहता है तो हमें प्राकृतिक रबर के बजाय सिंथेटिक रबर के इस्तेमाल पर विचार करना पड़ सकता है।’ एक ताजा बाजार अध्ययन से पता चला है कि टायर उद्योग के कारोबार में कच्चे माल का योगदान 65-70 फीसदी का है। टायर निर्माता कंपनियां मुख्य रूप से प्राकृतिक रबर, सिंथेटिक रबर, कार्बन ब्लैक और रबर केमिकल का कच्चे माल के तौर पर इस्तेमाल करती हैं। वित्त वर्ष 2012-13 में रबर उद्योग के कुल 60,000 करोड़ रुपये के कारोबार में टायर सेक्टर का योगदान 35,000 करोड़ रुपये का रहा जबकि बाकी योगदान गैर-टायर क्षेत्र का रहा। बालकृष्णा टायर्स के वरिष्ठï उपाध्यक्ष बी के बंसल (वित्त) हालांकि टायर उत्पादन में प्राकृतिक रबर के बजाय सिंथेटिक रबर के इस्तेमाल के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘इस तरह का बदलाव गुणवत्ता को ध्यान में रख कर ही किया जाएगा और अधिकतर प्रख्यात कंपनियां ऐसा करना पसंद नहीं करेंगी।

You must be logged in to post a comment Login