जी-20 सम्मेलन से पहले मोदी बोले- काला धन वापस लाना प्राथमिकता

जी-20 सम्मेलन से पहले मोदी बोले- काला धन वापस लाना प्राथमिकता

15_11_2014-15aus1

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी- 20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए सम्मेलन स्थल पर पहुंच गए हैं। दो दिवसीय जी- 20 शिखर सम्मेलन आज से शुरू हो रहा है। सम्मेलन में भाग लेने के लिए अमेरिका के राष्ट्रपित बराक ओबामा और रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन आज सुबह ही ब्रिसबेन पहुंचे।इससे पहले मोदी ने ब्रिक्स देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ काला धन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि विदेशों से काला धन वापस लाना उनकी पहली प्राथिमकता है। उन्होंने कहा कि वैश्विक सहयोग से इस लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।ऑस्ट्रेलिया के ब्रिसबेन में भारत, ब्राजील, रूस, चीन और दक्षिण अफ्रीका के नेताओं की अनौपचारिक बैठक हुई। ब्रिसबेन में दो दिवसीय जी-20 सम्मेलन आज से शुरू हो रहा है। नरेंद्र मोदी बैंक खातों की जानकारी साझा करने के लिए कई देशों से सहमति बनाने में जुट गए हैं। प्रधानमंत्री मोदी इस सम्मेलन में टैक्स चोरी और इससे जुड़े मुद्दों के खिलाफ अंतराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने के लिए दबाव डालेंगे।प्रधानमंत्री विश्व की सबसे विकसित और उभरती अर्थव्यवस्थाओं के दो दिन के नौवें जी-20 सम्मेलन का उपयोग भी इस मुद्दे को उठाने के लिए करेंगे। साथ ही वह इस मंच का इस्तेमाल देश की रोजगारविहीन वृद्घि की संभावनाओं के संबंध में भारत की चिंताओं को पेश करने के लिए भी करेंगे।ऐसा होगा जी-20 शिखर सम्मेलन ऑस्ट्रेलिया के ब्रिसबेन में आयोजित होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन में यूरोपीय संघ के सदस्य सहित 19 देश हिस्सा लेंगे। इसमें भारत, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण कोरिया, जापान, इटली, मेक्सिको, फ्रांस और जर्मनी जैसे देश भी शामिल होंगे। इस बार चार हजार प्रतिनिधि और लगभग ढाई हजार मीडियाकर्मी आने की संभावना है। विश्व के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी ) में जी-20 अर्थव्यवस्थाओं का योगदान करीब 85 फीसद है जबकि विश्व व्यापार में 80 फीसद है। विश्व की कुल आबादी में इन देशों की हिस्सेदारी दो तिहाई है।

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