जातिवादी बैरक और रसोई में बंटे पुलिस लाइन के चूल्हे,बिहार

जातिवादी बैरक और रसोई में बंटे पुलिस लाइन के चूल्हे,बिहार

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कानून जाति नहीं देखता, इसलिए उम्मीद की जाती है कि कानून का राज कायम रखने के लिए जिम्मेदार पुलिस भी जात-पात से ऊपर उठकर काम करें।
लेकिन, बिहार की राजधानी पटना में संसाधनों के घोर अभाव से जूझती पुलिस लाइन की हकीकत कुछ और ही है। यहां पुलिस के हजारों जवान अपनी-अपनी जाति के बैरक में रहना पसंद करते हैं। जाति विशेष के चूल्हे पर बना खाना ही पसंद करते हैं।
रहने और खानपान में भेदभाव और अस्वच्छ माहौल का असर ड्यूटी निभाने के तौर तरीके पर भी पड़ता है। मानवाधिकार उल्लंघन के भी कुछ मामले सामने आते हैं।
बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग (बीएचआरसी) ने पुलिस लाइन की जातिवादी बैरक और रसोई पर कड़ा ऐतराज किया है।

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