कोयला आधारित बिजली उत्पादन में सफलता

कोयला आधारित बिजली उत्पादन में सफलता

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बिजली एवं कोयला मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को यहां कहा है कि सरकार ने 100 दिनों में मशीनरी को गति दे कर कोयला आधारित बिजली उत्पादन में सफलता पाई है। बिजली घरों के पास कोयले की कमी की चर्चाओं को ज्यादा तवज्जो नहीं देकर उन्होंने कहा कि कोयला आधारित बिजली उत्पादन में करीब 22 प्रतिशत वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि अवैध कोयला खान आवंटन पर उच्चतम न्यायालय के निर्णय के बाद सरकार तेजी से कदम उठाएगी और 2019 तक कोयला उत्पादन बढ़ाकर एक अरब डालर टन तक किया जाएगा।
बिजली उत्पादन का स्थायी आधार
उन्होंने कहा कि केंद्र की नई सरकार पांच साल में ‘सातों दिन, चौबीसो घंटे’ बिजली उपलब्ध कराने पर काम कर रही है। बिजली घरों के लिए पर्याप्त घरेलू ईंधन की आपूर्ति की मौजूदा समस्याओं के लिए उन्होंने पिछली सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि बिजली घरों को समीपवर्ती खान से कोयला उपलब्ध कराकर बिजली उत्पादन के लिए इसे स्थायी आधार बनाना मेरा प्रयास है। खादानों की बेहतर निगरानी के लिए कार्यबल का गठन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार कोल इंडिया के प्रमुख के पद पर नियुक्ति की वर्तमान व्यवस्था में बदलाव की संभावना पर भी विचार करेगी। अभी यह नियुक्ति लोक उपक्रम चयन बोर्ड (पीएसईबी) के जरिए होती है। सरकार प्रस्तावित कोयला नियामक प्राधिकरण के स्थान पर मजबूत कोयला नियामक लाएगी।
गैस आधारित बिजली की योजना
गोयल ने यह भी कहा कि 24,148 मेगावॉट गैस आधारित उत्पादन क्षमता अभी अटकी हुई है, इससे जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए कई कदम उठाए गए हैं। व्यस्त समय में मांग को पूरा करने के लिये गैस के इस्तेमाल की योजना बनाई गई है। इसके आधार पर जरूरत के मुताबिक तेजी से उत्पादन बढ़ाया जा सकता है।

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