कोई जन्म से नक्सली नहीं होता : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन

कोई जन्म से नक्सली नहीं होता : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन
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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि नक्सली या अपराधी जन्म से नहीं होते, परिस्थितिवश  नक्सली या अपराधी बनते हैं. नौजवानों को डरा धमका कर नक्सली व उग्रवादी बनाया जाता है. स्वेच्छा या शौक से कोई अपराध के क्षेत्र में नहीं जाता है.
 हम सरेंडर कर चुके पूर्व नक्सली को सरकार का अंग बनाना चाहते हैं. यह सरकार का ऐतिहासिक निर्णय है कि हम उन्हें राज्य की सुरक्षा का जिम्मा सौंप रहे हैं. वे सभी अब पुलिस के रूप में जाने जायेंगे. हेमंत सोरेन ने ये बातें सरेंडर कर चुके पांच पूर्व नक्सलियों को नियुक्ति पत्र देने के दौरान कही. कार्यक्रम का आयोजन एटीआइ सभागार में हुआ था.इस दौरान मुख्यमंत्री ने पूर्व नक्सलियों के परिवारों को उपहार भी दिया. मौके पर स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र सिंह, प्रधान सचिव एनएन पांडेय सहित कई पुलिस अधिकारी उपस्थित थे. मुख्यमंत्री ने कहा: जेल के कैदियों को भी आम जीवन देने का भी प्रयास सरकार कर रही है. इसके तहत जेल में डेयरी फार्मिग बनाने के साथ अन्य व्यावसायिक शिक्षा भी दी जायेगी. ताकि जेल से निकलने के बाद कैदी समाज में अपना व्यवसाय कर सके.
 स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र सिंह ने कहा कि ओपन जेल से लेकर सरेंडर किये नक्सलियों को नियुक्ति पत्र देकर राज्य में एक इतिहास बना दिया गया है.
 इस अवसर पर प्रधान सचिव एनएन पांडेय ने कहा कि सरकार ने पूर्व नक्सलियों को नियुक्ति पत्र देकर अच्छी शुरुआत की एक नींव डाल दी है. नियुक्ति पत्र देने के साथ नक्सलियों के लिए ओपन जेल खोला गया. नियुक्ति पत्र देकर सरकार ने पूर्व नक्सलियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का प्रयास किया है. उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार की सरेंडर पॉलिसी अन्य राज्यों की तुलना में काफी अच्छी है. इस अवसर पर विशेष शाखा के एडीजी रेजी डुंगडुंग, केसएस मीणा, आइजी एमएस भाटिया, अनुराग गुप्ता, आरके मल्लिक, डीआइजी प्रवीण सिंह, एसएसपी प्रभात कुमार, सिटी एसपी अनूप बिरथरे सहित कई पुलिस अधिकारी उपस्थित थे.

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