कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए मैंने फंड दिया आदित्य वर्मा को : ललित मोदी

कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए मैंने फंड दिया आदित्य वर्मा को : ललित मोदी

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आईपीएल मैच फिक्सिंग मामले में सुप्रीम कोर्ट से बीसीसीआई को मिली फटकार के चंद घंटे बाद आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी ने खुलासा किया कि एन. श्रीनिवासन के खिलाफ कानूनी लड़ाई में वह बिहार क्रिकेट संघ के सचिव आदित्य वर्मा की मदद कर रहे हैं। ललित मोदी ने कहा कि कानूनी लड़ाई के लिए वह आदित्य को फंड एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं। मोदी ने कहा कि श्रीनिवासन ने क्रिकेट को बर्बाद कर दिया है। ललित मोदी ने कहा कि बात फंड देने की नहीं है। वह क्रिकेट की भलाई चाहते हैं। वह चाहते हैं कि क्रिकेट सेगंदगीसाफ हो। ललित ने कहा कि न्यायाधीश फिक्सिंग मामले की स्वतंत्र जांच कर रहे हैं और मामला सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में है। ऐसे में वह आदित्य वर्मा को केवल मदद पहुंचा रहे हैं।  उच्चतम न्यायालय ने इससे पहले दिन में श्रीनिवासन के बीसीसीआई अध्यक्ष और आईपीएल फ्रेंचाइजी चेन्नई सुपरकिंग्स का मालिक दोनों एक साथ होने पर हितों के टकराव पर सवाल उठाये थे। इसके बाद मोदी ने यह टिप्पणी की। मोदी ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय का हस्तक्षेप क्रिकेट को भ्रष्टाचार मुक्त करना है। उन्होंने कहा, ‘भारतीय क्रिकेट के इतिहास में यह दुखद दिन है। बीसीसीआई में पैसे और शक्ति का बोलबाला है। उच्चतम न्यायालय का हस्तक्षेप ही एकमात्र रास्ता है।मोदी ने कहा कि जब तक देश का क्रिकेट प्रशासन गलत लोग चला रहे हैं तब तक उन्हें इसका हिस्सा नहीं बन पाने का खेद नहीं होगा। उन्होंने कहा, ‘मैं प्रतिबंधित होकर खुश हूं। मैं गलत लोगों के साथ नहीं बैठ सकता।वर्मा गैर मान्यता प्राप्त क्रिकेट एसोसिएशन आफ बिहार के सचिव हैं और उन्होंने आईपीएल स्पाट फिक्सिंग के मामले में पिछले साल याचिका दायर की थी।  ललित मोदी के इस खुलासे से श्रीनिवासन और उनके बीच लड़ाई की बात खुलेआम हो गई है।स्पॉट फिक्सिंग मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सख्त रुख अपनाया। मुद्गल कमेटी की रिपोर्ट पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि फिक्सिंग जैसी घटना से भरोसा टूटता है। कोर्ट ने आईपीएल में एन श्रीनिवासन के होने पर कहा कि आईपीएल में श्रीनिवासन का हिस्सेदार होना अजीब बात है। वह बीसीसाईए के अध्यक्ष भी हैं और आईपीएल के हिस्सेदार भी।आईपीएल स्पाट फिक्सिंग प्रकरण पर कोर्ट ने बीसीसीआई से कहा कि यदि आप ये सब होने देंगे तो फिर आप क्रिकेट के खेल को खत्म कर रहे हैं। हम न्यायमूर्ति मुद्गल समिति की रिपोर्ट के निष्कर्ष को सही मानते हैं। कोर्ट ने कहा कि किसी व्यक्ति विशेष की बजाय खेल को संदेह का लाभ मिलना चाहिए। कोर्ट ने श्रीनिवासन से कहा कि आपको बीसीसीआई के मुखिया और आईपीएल टीम, जिसके अधिकारी सट्टेबाजी में लिप्त पाये गये, के मालिक के रूप में हितों के टकराव से जुड़े सवालों पर गौर करना होगा।सुप्रीम कोर्ट ने बीसीसीआई को जमकर फटकार लगाते हुए कहा कि बीसीसीआई खेल को तबाह कर रहा है। क्रिकेट को सच्ची भावना से खेला जाए। लेकिन फिक्सिंग से खेल खत्म हो जाता है। बीसीसीआई ने सुप्रीम कोर्ट में जवाब दिया कि वह मुद्गल कमेटी की रिपोर्ट पर कार्रवाई करेगी।सुप्रीम कोर्ट ने मुद्गल समिति का हवाला देते हुए कहा कि श्रीनिवासन पर कोई आरोप नहीं है, इसलिए उन्हें अध्यक्ष पद पर बहाल किया जा सकता है। जस्टिस मुद्गल समिति ने अपनी रिपोर्ट में श्रीनिवासन को आईपीएल फिक्सिंग के आरोपों से बरी कर दिया था। बीसीसीआई ने कोर्ट से कहा कि वह समिति की रिपोर्ट पर कदम उठाएगी।कोर्ट ने बीसीसीआई को फटकार लगाते हुए कहा कि भारत में क्रिकेट धर्म की तरह है, फिक्सिंग की वजह से यह खेल तबाह हो रहा है। अगर आप यह सब होने देते हैं, तो आप क्रिकेट की हत्या कर रहे हैं। कोर्ट ने बीसीसीआई से कहा कि दर्शकों को अगर मैच से पहले यह पता चल जाए कि वह फिक्स है तो क्या होगा?’गौर हो किएन. श्रीनिवासन ने सुप्रीम कोर्ट से शुक्रवार को अनुरोध किया कि उन्हें भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष पद पर बहाल किया जाए। श्रीनिवासन ने न्यायालय में दाखिल अर्जी में दावा किया कि आईपीएल-6 प्रकरण में न्यायमूर्ति मुकल मुद्गल समिति की रिपोर्ट में उनके खिलाफ कुछ भीआपत्तिजनकनहीं है।

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