ऑनलाइन बाज़ार का पारा किस प्वॉइंट पर?

ऑनलाइन बाज़ार का पारा किस प्वॉइंट पर?

पुरानी बात नहीं है जब भारत में ‘डॉटकॉम का गुब्बारा’ फूट गया था और इंटरनेट पर कारोबार के कई सपने परवान चढ़ने से पहले ही बिखर गए थे.

लेकिन वो वक्त और था. ये वक्त और है.

ई-कॉमर्स भले ही सुनने में एकबारगी समझ में न आए लेकिन फ़्लिपकार्ट, स्नैप-डील, अमेज़न जैसे नाम इंटरनेट पर आने वाला तकरीबन हर यूजर अब जानता है.

आए दिन अखबारों में इन कंपनियों के अरबों के सौदे की ख़बर सुर्खियां बटोरती रहती हैं.

छह अक्टूबर ने भारत के ई-कॉमर्स के इतिहास में एक तारीख के तौर पर उस वक्त दर्ज हो गया जब एक कंपनी ने दावा किया कि उसने दस घंटे में छह सौ करोड़ रुपये का कारोबार किया.

एक रुपये में मोबाइल फोन खरीदने की उम्मीद से सोमवार सवेरे 07:58 बजे मैंने अपना टैबलेट ऑन कर लिया था.

मैं अकेली नहीं थी. भारत भर से हज़ारों लोग लगे हुए थे. इसे भारत के ‘ब्लैक फ्राइडे’ के तौर पर देखा जा रहा था.

देश की सबसे बड़ी ऑनलाइन खुदरा विक्रेता ‘फ़्लिपकार्ट’ सभी तरह के सामान पर भारी छूट की पेशकश कर रही थी.

ये मेगा सेल सुबह आठ बजे शुरू हुई और कुछ ही मिनटों के भीतर ज्यादातर सामान ‘आउट ऑफ़ स्टॉक’ हो गए.

इस सेल में कई अच्छी पेशकश की गई थी. 2,499 रुपये का कॉर्बन मोबाइल फोन एक रुपये में मिल रहा था. 13,900 रुपये का सैमसंग टैब-2 महज 1,390 रुपये में था.

रसोईघर में इस्तेमाल आने वाले हैंड ब्लेंडर्स की भी कीमत एक रुपये रखी गई थी जबकि वास्तविक कीमत 1,995 रुपये थी और जेबीएल कंपनी के 5,490 रुपये का हेडफोन महज 90 रुपये का पड़ रहा था.

फ़्लिपकार्ट ने इस मेगा सेल को ‘बिग बिलियन डे’ के नाम से प्रचारित किया था और कंपनी के फाउंडर सचिन बंसल और बिन्नी बंसल ने ग्राहकों से ई-मेल के जरिए खरीदारी का न्यौता भेजा था.

उन्होंने लिखा था, “फ़्लिपकार्ट के सफर को सेलिब्रेट करने के लिए हम एक ऐसा सेल लगाने जा रहे हैं जिसे दुनिया याद रखेगी. ‘द बिग बिलियन डे’ 6-10-2014 को तय किया गया है… और यह तारीख कोई इत्तेफाक नहीं है. 6-10 की तारीख उस फ़्लैट का नंबर है जहां से हमने ये सिलसिला शुरू किया था.”

एरर मैसेज’

बेहद कड़ी प्रतिस्पर्द्धा वाले इस बाजार में ये ग्राहकों को जीतने की एक जंग थी जिसमें स्नैप-डील और अमेज़न जैसी कंपनियां तेजी से अपनी बाजार हिस्सेदारी में इजाफा कर रही हैं.

लेकिन सब कुछ योजना के मुताबिक नहीं हो पाया. ग्राहकों की जबर्दस्त भीड़ की वजह से फ़्लिपकार्ट के सर्वर क्रैश कर गए.

कई खरीदारों ने ‘एरर मैसेज’ और भुगतान वाले ऑनलाइन पन्ने के हैंग करने वाले स्क्रीन शॉट्स ट्वीटर और फ़ेसबुक पर शेयर किए.

हालांकि बाद में कंपनी ने ग्राहकों को हुई असुविधा के लिए अफसोस जाहिर किया.

इंटरनेट पर ऐसे भी कई नाराज खरीदार दिखे जो ये साबित करना चाहते थे कि फ़्लिपकार्ट पर छूट के साथ मिल रहे सामान दूसरी वेबसाइटों की तुलना में महंगे हैं.

उदाहरण के लिए 13 इंच का ‘मैकबुक एयर’ फ्लिपकार्ट पर 56,490 रुपये में मिल रहा था जबकि स्नैपडील पर ये 49,999 रुपये में उपलब्ध था.

कुछ ग्राहकों ने इस ओर भी इशारा किया कि सेल से पहले कुछ कपड़ों की कीमत बढ़ा दी गई और फिर छूट के साथ उनकी पेशकश की गई.

बड़ा कारोबार

दिन खत्म होने के साथ ही सोशल मीडिया पर #flopkart और #failkart जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे थे और असंतुष्ट ग्राहक इनका मजाक उड़ा रहे थे.

हालांकि इन तमाम आलोचनाओं के बावजूद भारी छूट के इस दिन पर मेरे जैसे कई लोगों ने फ़्लिपकार्ट का ऐप अपने मोबाइल फोन और डाउनलोड किया और नए एकाउंट्स खोले.

फ़्लिपकार्ट ने दावा किया कि सोमवार को उसे एक अरब हिट्स मिले और 600 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ.

कंपनी ने पिछले साल एक अरब डॉलर का कारोबार किया था, इस लिहाज से 600 करोड़ रुपये का एक दिन का बिज़नेस एक असाधारण बात है.

लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स में ये कहा जा रहा है कि फ़्लिपकार्ट पर सोमवार को निराश होने वाले ग्राहकों के एक बड़े हिस्से ने कंपनी के प्रतिद्वंदी अमेज़न और स्नैपडील की ओर भी रुख कर लिया.

सभार: बीबीसी

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