ई-कॉमर्स सेक्टर में नौकरियों की बहार

ई-कॉमर्स सेक्टर में नौकरियों की बहार

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नई दिल्ली। देश में तेजी से पैठ बनाते ई-कॉमर्स सेक्टर में नौकरियों की बहार आने वाली है। अगले दो से तीन साल में इस क्षेत्र के 20-25 फीसद की रफ्तार से बढ़ने का अनुमान है। इससे कम से कम डेढ़ लाख नौकरियों के अवसर तैयार होंगे।वर्तमान में यह इंडस्ट्री करीब 18 हजार करोड़ रुपये की है। विशेषज्ञ मानते हैं कि 2016 तक यह आंकड़ा 50 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। चूंकि यह सेक्टर नया है, इसलिए सभी स्तरों पर प्रतिभाशाली लोगों की आवश्यकता होगी। प्रमुख ई-कॉमर्स कंपनियां प्रतिभाओं को लुभाने और अपने यहां बनाए रखने के लिए आज भारी-भरकम वेतन देने को तैयार हैं।शानदार वेतनवृद्धि बिट्स पिलानी में प्लेसमेंट यूनिट के प्रमुख मणिशंकर दास गुप्ता ने बताया कि यह क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है। अमेजन, ईबे, फ्लिपकार्ट, मिंट्रा आदि इस क्षेत्र की प्रमुख कंपनियां हैं। 2013 से 2014 के बीच ज्यादातर कंपनियों ने 10 से 40 फीसद की वेतनवृद्धि की है। मिड मैनेजमेंट स्तर पर ये कंपनियां 10 से 23 लाख रुपये के बीच वार्षिक वेतन ऑफर कर रही हैं। बड़ी तादाद में ये प्रवेश स्तर के कर्मचारियों को नियुक्त करने में जुटी हैं।

वेतन के साथ इंसेंटिव भी

एक्सेंचर इंडिया में एमडी (टैलेंट एंड ऑर्गनाइजेशन) जयेश पांडे मानते हैं कि अन्य उद्योगों के मुकाबले ई-कॉमर्स क्षेत्र में प्रदर्शन के आधार पर इंसेंटिव और कर्मचारी स्टॉक विकल्प योजनाओं (ईएसओपी) का स्तर तेजी से बढ़ने की उम्मीद है। अर्बन लैडर में सीओओ व सह-संस्थापक राजीव श्रीवास्तव ने कहा कि ईएसओपी का विकल्प कर्मचारियों को बहुत अधिक आकर्षित करता है। वजह यह है कि यह क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है।

नियुक्ति गतिविधियों में तेजी

इंडियन स्टाफिंग फेडरेशन की एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर सुचिता दत्ता ने कहा कि सेक्टर में नियुक्ति गतिविधियों में जोरदार तेजी है। अगले पांच महीनों में ही यह सेक्टर 15 हजार नई नियुक्तियां करने को तैयार है। अंतल इंटरनेशनल नेटवर्क इंडिया के एमडी जोसेफ देवासिया मानते हैं कि दो से तीन साल में इस क्षेत्र में कम से कम डेढ़ लाख नौकरियां तैयार होंगी। जूनियर लेवल स्तर पर सालाना 1.45 लाख से तीन लाख रुपये तो मिड-मैनेजमेंट स्तर पर 12 लाख से 30 लाख रुपये के बीच औसत वेतन रहने के अनुमान हैं।

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