इंडिया के लिए अमेरिका है सबसे बड़ा बाजार, तो क्या बढ़ेगा कारोबार

इंडिया के लिए अमेरिका है सबसे बड़ा बाजार, तो क्या बढ़ेगा कारोबार
modiobama
नई दि‍ल्‍ली। चीन से 20 अरब डॉलर और जापान से 35 अरब डॉलर का निवेश सुनिश्चित करने के बाद मोदी अमेरिका जा रहे हैं। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी की पहली अमेरिकी यात्रा से दोनों देशों के बीच कारोबारी रिश्ते और मजबूत होंगे। वहां रहने वाले भारतीय हों या बड़े-छोटे इंडस्ट्रियलिस्ट, उनके बीच इस यात्रा को लेकर पहले से ही गर्मजोशी है। खास बात यह कि 25 तारीख को ‘मेक इन इंडिया’ प्रोग्राम लॉन्च करने के ठीक दूसरे दिन मोदी यूएस रवाना होंगे।
इस बीच, मंदी के दौर से गुजरने बाद अमेरिकी अर्थव्यवस्था वापस पटरी पर आ चुकी है। यही नहीं, दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था की तरक्की की रफ्तार इस साल दूसरी तिमाही के दौरान 4 फीसदी से ज्यादा हो गई। अब देखना यह है कि मोदी अमेरिका के कॉरपोरेट्स और इनवेस्टर्स को भारत में इनवेस्टमेंट करने के लिए कितना रिझा पाते हैं और अमेरिका, भारत की इकोनॉमिक ग्रोथ को मजबूत करने में कितना मददगार साबित होता है।
मोदी की यात्रा 27 से 30 सि‍तंबर के बीच होनी है। माना जा रहा है कि‍ मोदी और अमेरि‍का के राष्‍ट्रपति‍ बराक ओबामा के बीच डब्‍ल्‍यूटीओ, रि‍टेल सेक्‍टर में एफडीआई से लेकर न्‍यूक्‍लि‍यर डील तक बातचीत हो सकती है। यह भी कहा जा रहा है कि‍ मोदी के अमेरिकी दौर के दौरान कई बड़ी कंपनि‍यां अपने नि‍वेश प्‍लान पर बातचीत कर सकती हैं।
भारत के लिए अमेरिका सबसे बड़ा बाजार है। मोदी की यात्रा से पहले आइए नजर डालते हैं कि दोनों देशों के बीच व्यापार का मिजाज अभी कैसा हैः
दोनों देशों के बीच व्यापार
वर्ष 2013 के दौरान भारत और अमेरिका के बीच व्यापार  63.7 अरब डॉलर पर पहुंच गया जो अभी तक का उच्चतम स्तर है और 20 अरब डॉलर का व्यापार संतुलन भारत के पक्ष में हैं।
भारत ने जनवर-जुलाई 2013 के दौरान अमेरि‍का को 25.34 अरब डॉलर का एक्‍सपोर्ट कि‍या जो कि‍ इस साल की समान अवधि‍ में 3.8 फीसदी बढ़कर 26.31 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। वहीं, अमेरि‍का से भारत होने वाला इंपोर्ट 10.9 फीसदी गि‍रकर 11.57 अरब डॉलर पर पहुंच गया जबकि‍ पहले यह 12.99 अरब डॉलर था। जनवरी से जुलाई 2014 के बीच दोनों देशों में 37.88 अरब डॉलर का व्‍यापार हुआ है।
भारत अमेरि‍का को क्‍या एक्‍सपोर्ट करता है
  • टेक्सटाइल (15.9 फीसदी)
  • स्‍टोन एंड मेटल (19.6 फीसदी)
  • मि‍नरल फ्यूल, ऑयल (12 फीसदी)
  • फार्मा प्रोडक्‍ट्स (11.6 फीसदी)
  • ऑर्गेनि‍क कैमि‍कल्‍स (5.1 फीसदी)
  • मशीनरी (4.8 फीसदी)
  • इलेक्‍ट्रि‍कल मशीनरी (2.9 फीसदी)
  • लाख (लैस), गोंद (2.8 फीसदी)
अमेरिका से भारत में क्‍या इंपोर्ट होता है
  • जेम्‍स एंड ज्‍वैलरी (23.5 फीसदी) : 2.27 अरब डॉलर
  • एयरक्राफ्ट, स्‍पेसक्राफ्ट, पार्ट्स (11.9 फीसदी) : 1.38 अरब डॉलर
  • मशीनरी (10.4 फीसदी) : 12 अरब डॉलर
  • मि‍नरल फ्यूल, ऑयल आदि‍ (6.7 फीसदी) : 77 करोड़ डॉलर
  • ऑपटि‍कल इंस्‍ट्रूमेंट एंड इक्‍यूपमेंट (6.3 फीसदी)
  • ऑर्गेनि‍क कैमि‍कल्‍स (3.5 फीसदी)
  • प्‍लास्‍टि‍क प्रोडक्‍ट्स (3.3 फीसदी)
अमेरि‍का के बड़ी कंपनि‍यों के सीईओ से मि‍लेंगे
मोदी न्‍यूयॉर्क में आईबीएम के जि‍न्‍नी रोमेटी, जीई के जेफ इम्‍मेल्‍ट और लॉकहीड मार्टि‍न के मारि‍ल्‍न हेवसन भारत में नि‍वेश करने में रुचि‍ दि‍खा सकती हैं।
1 हजार अरब डॉलर तक हो सकता है व्‍यापार
मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के बीच इस महीने के आखिर में होने वाली बैठक से पहले एक प्रख्यात भारतीय थिंकटैंक ने कहा कि दोनों राष्ट्रों को अपना द्विपक्षीय व्यापार वर्ष 2030 तक बढ़ा कर 1 हजार अरब डॉलर करने के लिए कदम उठाने की जरूरत है।
‘भारत-अमेरिका साझेदारी : 2030 तक 1 हजार अरब डॉलर नाम से यह पेपर मुंबई आधारित गेटवे हाउस ने यहां जारी किया है। इसमें दलील दी गई है कि दोनों देशों को इसके लिए द्विपक्षीय व्यापार में एक अलग राह अख्तियार करने की जरूरत है।

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