“आप” पार्टी पर NGO आवाम का बड़ा आरोप

“आप” पार्टी पर NGO आवाम का बड़ा आरोप

विधानसभा चुनाव में जहां चंद दिन बचे हैं, वहीं आम आदमी पार्टी की मुश्किलें बढ़ती जी रही हैं। एनजीओ आवाम ने आम आदमी पार्टी पर बड़ा आरोप लगाया। आवाम ने आरोप लगाया कि आप पार्टी ने कैश चंदा लेकर फर्जी चेक लिए। बीते सोमवार को आवाम ने आप पर संदिग्ध कंपनियों से दो करोड़ रुपए लेने का आरोप लगाया।एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए आवाम के एक सदस्य ने कहा, ‘चेक से आया हर पैसा सही नहीं होता।’ एनजीओ ने संवाददाता सम्मेलन में 50-50 लाख रुपए के चेक की कॉपी दिखाई। एनजीओ का कहना है कि आप पार्टी ने कैश चंदा लेकर फर्जी चेक लिए। आवाम का कहना है कि वह इसकी शिकायत, ईडी, ईसी और आरबीआई से करेगी। एनजीओ ने कहा कि आप पार्टी ने कालेधन को सफेद किया। आवाम का आरोप है कि आप पार्टी हर कीमत पर पैसा चाहती है। आवाम का कहना है कि आप पार्टी ने उनके आरोपों का यदि जवाब नहीं दिया तो वह आप के खिलाफ देश भर में आंदोलन छेड़ेगी। सोमवार को एक समूह आप वालेंटियर एक्शन मंच (एवीएएम) की ओर से आरोप लगाया गया कि 50-50 लाख रुपये के चार चंदे (दो करोड़ रुपये) चार विभिन्न ‘संदिग्ध कंपनियों’ की ओर से पिछले साल 15 अप्रैल की रात में आम आदमी पार्टी के खाते में जमा कराए गए। आप की यह प्रतिक्रिया एवीएएम की ओर से आरोप लगाए जाने के बाद सामने आई है।केजरीवाल ने इस बात की पुष्टि की कि पार्टी के पांच नेता आशुतोष, कुमार विश्‍वास, संजय सिंह, आशीष खेतान और योगेंद्र यादव आज बीजेपी, कांग्रेस और आप को फंडिंग की एसआईटी जांच की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। ‘संदिग्ध’ कंपनियों से चंदा हासिल करने के आरोपों के बीच आम आदमी पार्टी ने सोमवार रात को ही मांग की थी कि दिल्ली चुनावों में सभी तीन प्रमुख राजनीतिक पार्टियों की फंडिंग की जांच उच्चतम न्यायालय की निगरानी में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) से कराई जाए। ‘आप’ ने कहा कि वह दोषी पाए जाने पर किसी भी कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार है।अपनी फंडिंग में ‘पूरी पारदर्शिता’ बरतने की बात पर जोर देते हुए ‘आप’ के वरिष्ठ नेता योगेंद्र यादव ने देर शाम आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में भाजपा पर आरोप लगाया कि वह सात फरवरी को होने वाले चुनावों से पहले फर्जी आरोप लगा-लगाकर वोटरों को गुमराह करने की कोशिश कर रही है। ‘आप’ वॉलंटियर एक्शन मंच (अवाम) की ओर से लगाए गए आरोपों पर केजरीवाल की पार्टी पर आरोप लगाए हैं कि उसने पिछले साल ‘संदिग्ध’ कंपनियों से दो करोड़ रुपये का चंदा लिया।राजनीतिक पार्टियों को अपनी फंडिंग सार्वजनिक करने की चुनौती देते हुए यादव ने कहा कि आप की मांग है कि सभी तीनों राजनीतिक पार्टियों (आप, कांग्रेस और भाजपा) की फंडिंग की जांच के लिए एसआईटी का गठन हो। एसआईटी की निगरानी उच्चतम न्यायालय द्वारा की जाए क्योंकि हम जानते हैं कि सरकार किसी जांच को कैेसे प्रभावित कर सकती है। यादव ने कहा कि अजीब बात ये है कि ‘आप’ के खिलाफ जांच के बजाय भाजपा के मंत्री आज गलत आरोप लगाए जा रहे हैं जबकि पिछले आठ महीने से फाइलें दबाकर बैठे हुए हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी ने भाजपा की ऐसी करतूतों का अंदेशा जाहिर किया था और केजरीवाल ने पिछले दिनों इसकी चेतावनी भी दी थी।

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