आनंद,कार्लसन के किले में सेंध लगाने उतरेंगे

आनंद,कार्लसन के किले में सेंध लगाने उतरेंगे

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शतरंज के दो बेहतरीन खिलाड़ियों भारत के विश्वनाथन आनंद और नॉर्वे के मैग्नस कार्लसन के बीच वर्ल्ड चैंपियन बनने की जंग आज से रूस के सोचि शहर में शुरू हो जाएगी। पिछले साल भी इन्हीं दो खिलाड़ियों के बीच विश्व खिताब के लिए मुकाबला हुआ था जिसमें चैलेंजर कार्लसन डिफेंडिंग वर्ल्ड चैंपियन आनंद को 6.5-3.5 से हराकर वर्ल्ड चैंपियन बने थे। खिताब गंवाने के झटके से उबरते हुए आनंद ने इस साल मार्च में आयोजित कैंडिडेट्स टूर्नामेंट का खिताब जीतकर वर्ल्ड चैंपियनशिप में कार्लसन से भिड़ने का हक पाया था। इस बार चैलेंजर के तौर पर उतर रहे आनंद का इरादा कार्लसन के किले में सेंध लगाकर वापस बादशाहत हासिल करने का है।

सर्द मौसम में गर्म माहौल

इस बार वर्ल्ड चैंपियनशिप मुकाबले का गवाह बनेगा रूस का सोचि शहर जहां पर इस साल विंटर ओलिंपिक का आयोजन भी हो चुका है। विंटर ओलिंपिक खेलों के लिए बनाए गए मीडिया सेंटर में यह मैच खेला जाएगा। मुकाबले की पहली बाजी भारतीय समयानुसार शाम 5.30 बजे से खेली जाएगी। मुकाबला क्लासिकल फॉर्मेट में खेला जाएगा। सोचि में इन दिनों 7 से 15 डिग्री के बीच तापमान रह रही है। माहौल बाहर भले ही सर्द होगा लेकिन इसमें कोई दो राय नहीं कि बिसात पर पारा सातवें आसमान को छूएगा।

12 बाजियों की जंग

वर्ल्ड चैंपियनशिप में कुल 12 बाजियां होंगी। हर जीत पर खिलाड़ी को एक अंक मिलेगा। वहीं ड्रॉ बाजी में दोनों खिलाड़ियों को आधाआधा पॉइंट मिलेगा। जो खिलाड़ी सबसे पहले 6.5 पॉइंट्स हासिल कर लेगा वह वर्ल्ड चैंपियन बनेगा। 12 बाजियों के बाद यदि दोनों खिलाड़ियों के 6-6 पॉइंट्स रहे तो ऐसी सूरत में मुकाबला टाईब्रेकर में चला जाएगा।

पहली बाजी अहम

अगर कार्लसन पहली बाजी जीत लेते हैं, तो आनंद के लिए वापसी करना उतना आसान नहीं रहेगा वहीं दूसरी ओर अगर आनंद शुरुआती 4-5 बाजियों को ड्रॉ रखने में कामयाब हो गए, तो वे कभी भी कार्लसन की एकाग्रता को डिगा सकते हैं। ऐसा होना हालांकि जरूरी नहीं है क्योंकि 2013 वर्ल्ड चेस चैंपियनशिप में भी इन दो खिलाड़ियों के बीच पहली 4 बाजियां ड्रॉ रही थी। इसके बाद कार्लसन ने पांचवीं और छठी बाजी जीतकर 4-2 की बढ़त बना ली थी। सातवीं और आठवीं बाजी ड्रॉ रहने के बाद कार्लसन ने नौवीं बाजी जीतकर स्कोर को 6-3 कर दिया था। तीन बाजियां बाकी थीं और कार्लसन को चैंपियन बनने के लिए केवल आधे अंक की जरूरत थी जो उन्होंने दसवीं बाजी ड्रॉ खेल हासिल कर लिया था।

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