नीट एग्जाम के पहले ये पांच बातें आपके लिए जानना जरूरी

नीट एग्जाम के पहले ये पांच बातें आपके लिए जानना जरूरी

परीक्षा का आयोजन 7 मई 2017 को किया जाएगा। इस साल #नीट का आयोजन कुल 103 शहरों में किया जा रहा है। नीट का एडमिट कार्ड ऑनलाइन जारी किया जाएगा और स्टूडेंट्स को यही से इसे डाउनलोड करना होगा।

मेडिकल और डेंटल कोर्स में दाखिले के लिए आयोजित की जाने वाली प्रवेश परीक्षा नीट 2017 के एडमिट कार्ड अब 22 अप्रैल को जारी होंगे। आधिकारिक बयान के अनुसार, ‘सुप्रीम कोर्ट द्वारा 25 साल से ज्यादा उम्र वाले अभ्यर्थियों के आवेदन स्वीकार करने के आदेश के बाद अब एडमिट कार्ड 22.04.2017 को जारी किये जाएंगे।ÓÓ गौरतलब है कि बोर्ड ने इससे पहले 15 अप्रैल को प्रवेश पत्र जारी करने की घोषणा की थी।

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कितने शहरों में होगी परीक्षा

नीट का आयोजन मेडिकल और डेंटल कॉलेज में एमबीबीएस और बीडीएस कोर्सेस में प्रवेश के लिए किया जाता है। इस परीक्षा के द्वारा उन कॉलेजों में प्रवेश मिलता है, जो मेडिकल कांउसिल ऑफ इंडिया और डेटल कांउसिल ऑफ इंडिया के द्वारा संचालित किया जाता है। परीक्षा का आयोजन 7 मई 2017 को किया जाएगा। इस साल नीट का आयोजन कुल 103 शहरों में किया जा रहा है। नीट का एडमिट कार्ड ऑनलाइन जारी किया जाएगा और स्टूडेंट्स को यही से इसे डाउनलोड करना होगा।

नीट की महत्वपूर्ण तिथियां

नीट 2017 का एडमिट कार्ड – 22 अप्रैल 2017

एग्जाम की तारीख- 7 मई 2017

आंसर की जारी होने की तारीख- वेबसाइट पर तारीख जारी नहीं

नीट यूजी 2017 के परिणाम की घोषणा- 8 जून 2017

कितने छात्र होंगे शामिल

इस साल प्रवेश परीक्षा के लिए 11.35 लाख अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया है, जो पिछले साल के मुकाबले 41 प्रतिशत अधिक है। साल 2016 में 8.02 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन किया था।

इस साल नहीं होगी ऊर्दू में परीक्षा

अभी नीट परीक्षा 10 भाषाओं हिंदी, अंग्रेजी, गुजराती, मराठी, ओडिया, बांग्ला, असमी, तेलुगु, तमिल और कन्नड़ में आयोजित कराई जाती है। उच्चतम न्यायालय ने केन्द्र को निर्देश दिया कि वह अकादमिक सत्र 2018-19 से मेडिकल कोर्सेज में दाखिले के लिए संयुक्त परीक्षा नीट में उर्दू को एक भाषा के तौर पर शामिल करे। न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति एम एम शांतनागौदार की पीठ ने याचिकाकर्ता से कहा कि सरकार के लिए इस वर्ष से उर्दू को शामिल करना संभव नहीं होगा। याचिकाकर्ता ने सात मई को आयोजित होने वाली नीट परीक्षा 2017 के लिए उर्दू भाषा को एक माध्यम बनाने के लिए निर्देश देने की मांग की थी।

पीठ ने कहा, ”हम केन्द्र सरकार को निर्देश देते हैं कि वह अकादमिक सत्र 2018-19 से नीट परीक्षा में उर्दू को एक भाषा के तौर पर शामिल करे। जब याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए वकील ने इस पर जोर दिया कि उर्दूभाषा को इस वर्ष से ही नीट परीक्षा में शामिल किया जाना चाहिए तो पीठ ने कहा, ”सारी परेशानी यह है कि इस वर्ष यह संभव नहीं है। इसमें बहुत-सी दिक्कतें हैं। कृपया यह समझने की कोशिश करें कि हम उन्हें (केन्द्र) चमत्कार करने के लिए नहीं कह सकते। इसमें कई प्रक्रियाएं शामिल हैं।

केन्द्र की तरफ से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल रंजीत कुमार ने कहा कि वे 2018 अकादमिक सत्र से उर्दू को नीट परीक्षा का माध्यम बनाने के सुझाव का विरोध नहीं कर रहे। सॉलिसिटर जनरल ने 31 मार्च को उच्चतम न्यायालय को बताया था कि नीट परीक्षा को उर्दू भाषा में भी आयोजित कराने की मांग कर रही छात्रों की इकाई ने केन्द्र पर साम्प्रदायिक होने का आरोप लगाया है? केन्द्र ने न्यायालय को बताया था कि मौजूदा अकादमिक सत्र से नीट के लिए उर्दू भाषा को एक माध्यम के रूप में शामिल करना संभव नहीं है।

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