रूस ने तुरिनबोल की जांच के तरीके पर उठाए सवाल

रूस ने तुरिनबोल की जांच के तरीके पर उठाए सवाल

बीजिंग ओलम्पिक-2008 और #लंदन_ओलम्पिक_2012 में हिस्सा लेने वाले रूस के कई खिलाड़ियों के नमूने में पाए जाने वाले प्रतिबंधित पदार्थ-तुरिनबोल की जांच के तरीके पर रूस के खेल मंत्री #विताली_मुतको ने सवाल उठाए हैं।

समाचार एजेंसी तास के मुताबिक, ओलम्पिक खेलों में डोपिंग के दोषी पाए गए अधिकतर खिलाड़ियों के नमूनों में तुरिनबोल के अंश पाए गए हैं।

तुरिनबोल की जांच का तरीका मास्को की डोपिंग रोधी प्रयोगशाला के पूर्व मुखिया ग्रीगोरी रोडचेनकोलव ने इजात किया था। ग्रीगोरी ने 2015 में इस्तीफा दे दिया था और तब से वाडा के साथ सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।

मुतको ने गुरुवार को कहा, “डोपिंग के नियम उल्लंघन का पता अधिकतर उस तकनीक से चला जिसे रूस की प्रयोगशाला के पूर्व मखिया ने इजात किया था। मौजूदा समय में कई खिलाड़ियों ने इस तकनीक के खिलाफ मुकदमे दायर किए हैं, लेकिन कई विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कॉफी की भी जांच की गई तो उसमें भी तुरिनबोल पाया जाएगा।”

डोपिंग के खिलाफ मुहिम के तहत अंतर्राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति (आईओसी) ने 2008 और 2012 ओलम्पिक खेलों में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों की डोपिंग जांच के आदेश दिए थे।

दो दौर की जांच के बाद 98 ओलम्पिक खिलाड़ी डोपिंग के दोषी पाए गए जिसमें से 60 खिलाड़ी बीजिंग ओलम्पिक-2008 और 38 लंदन ओलम्पिक-2012 के थे। इनमें से कुल 25 खिलाड़ियों ने दोनों ओलम्पिक खेलों में हिस्सा लिया था।

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