मोदी के द्वारा एनआईएसईआर परिसर का उद्घाटन

मोदी के द्वारा एनआईएसईआर परिसर का उद्घाटन

modiप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां रविवार को कहा कि हर क्षेत्र में नवाचार की जरूरत है और देश के युवा वैज्ञानिकों को सौर ऊर्जा के दोहन की चुनौती से निपटना चाहिए। मोदी इस वक्त ओडिशा राज्य के दो दिवसीय दौरे पर हैं। मोदी यहां नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (एनआईएसईआर) के स्थायी परिसर के उद्घाटन के लिए पहुंचे। इस मौके पर उन्होंने कहा, “जिस पल नवाचार बंद हो जाते हैं, उसी क्षण सिस्टम दम तोड़ देते हैं। हमें नवाचार के लिए माहौल बनाना होगा। नवाचार किफायती व टिकाऊ होना चाहिए।”

उन्होंने ‘जीरो डिफेक्ट’ वाली तकनीक की वकालत करते हुए कहा कि मैन्युफैक्चरिग में ‘जीरो डिफेक्ट’ होना चाहिए, ताकि वैश्विक बाजार में उत्पाद रिजेक्ट न हों।

प्रधानमंत्री ने एलईडी बल्ब के रूप में एक किफायती व टिकाऊ तकनीक का उदाहरण रखा। उन्होंने कहा, “हम देशभर में 100 शहरों में एलईडी बल्ब का इस्तेमाल कर 20,000 मेगावाट ऊर्जा बचा सकते हैं।”

मोदी ने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा में नवाचार वक्त की मांग है। उन्होंने कहा कि देश के युवा वैज्ञानिकों को सौर ऊर्जा दोहन जैसी बड़ी चुनौती से निपटना चाहिए।

उन्होंने बताया कि पेरिस सीओपी21 जलवायु शिखर सम्मेलन में भारत, फ्रांस, अमेरिका और गेट्स फाउंडेशन ने मिलकर सौर ऊर्जा के क्षेत्र में अनुसंधान के लिए निवेश करने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा, “मुझे नहीं लगता कि अगर हमें सौर ऊर्जा संचयन में दक्षता प्राप्त हो जाए, तो हमें किसी अन्य ऊर्जा स्रोत पर निर्भर होने की जरूरत पड़ेगी।”

मोदी ने एनआईएसईआर परिसर के उद्घाटन के बाद मशहूर श्रीमंदिर में भगवान जगन्नाथ के दर्शन किए।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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