दिल्ली बिहार उत्सव : छठे दिन दिखे कला के विविध रूप

दिल्ली बिहार उत्सव : छठे दिन दिखे कला के विविध रूप

दिल्ली के आईएनए दिल्ली हाट में 15 दिवसीय बिहार उत्सव-2017 के छठे दिन बिहार की जूट की बनी गुड़िया आकर्षण का केंद्र बनी। साथ ही जूट के बने घरेलू सामान, मधुबनी पेंटिंग, पूसा की प्राकृतिक शहद और बिहारी व्यंजनों में लिट्टी चोखा का लोगों ने जमकर लुत्फ उठाया।

बिहार के 105वां स्थापना दिवस के अवसर पर दिल्ली में बिहार उत्सव 2017 का आयोजन बिहार सरकार के उद्योग विभाग की ओर से पटना के उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान द्वारा 16 से 31 मार्च तक यहां के आईएनए स्थित दिल्ली हाट में मनाया जा रहा है।

बिहार स्थापना दिवस का यह कार्यक्रम बिहार की संस्कृति, परंपरा और कला पर्यटन को दर्शाता है। इस मौके पर बुधवार को सांस्कृतिक संध्या का भी आयोजन किया जाएगा।

उत्सव में हेंडीक्राफ्ट एंड हैंडलूम के 50 स्टॉल लगाए गए हैं। इसके अलावा बिहारी व्यंजन के कई सारे स्टॉल यहां लगाए गए हैं। खाने के शौकीन लोग ‘मिस्टर लिट्टीवाला’ के यहां लिट्टी खा सकते हैं और ‘बिहार की रसोई’ नाम से मशहूर स्टॉल पर जाकर बिहार में बनने वाले विभिन्न प्रकार के सत्तू, चिप्स, चावल व आटा आदि खरीद सकते हैं।

अगर आपको प्राकृतिक शहद लेनी हो तो स्टॉल नंबर 7 पर जाकर पूसा की नेचुरल शहद ले सकते हैं।

बिहार उत्सव-2017 का विधिवत उद्घाटन 25 मार्च को किया जाएगा। हस्तकरधा एवं हस्तशिल्प के उत्कृष्ट सामानों की बिक्री एवं सह-प्रदर्शनी का आयोजन 31 मार्च तक होगा। कार्यक्रम को खास बनाने के लिए विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति 22 से 25 मार्च तक की जाएगी।

हर स्टॉल पर कुछ न कुछ ऐसा है, जो आपको अपनी ओर आकर्षित जरूर करेगा। इस बार भागलपुरी सिल्क, बसमन बीघा के चादर, मधुबनी पेंटिंग, सीकी के उत्पाद, लकड़ी की मूर्ति और जूट के बने सामान के आकर्षक स्टॉल लगाए गए हैं।

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