सौराठ सभा : जहां लगती है दूल्हों की हाट

सौराठ सभा : जहां लगती है दूल्हों की हाट

बिहार के मिथिलांचल क्षेत्र में ‘सौराठ सभा’ यानी दूल्हों का मेला, प्राचीन काल से लगता आया है। यह परंपरा आज भी कायम है। आधुनिक युग में इसकी महत्ता को लेकर बहस जरूर तेज हो गई है। सौराठ सभा मधुबनी जिले के सौराठ नामक स्थान पर 22 बीघा जमीन पर लगती है। इसे ‘सभागाछी’ के रूप […]

इस पेड़ के बिना अधूरी है विवाह की रस्में

इस पेड़ के बिना अधूरी है विवाह की रस्में

छत्तीसगढ़ में आदिकाल से ही वृक्षों की पूजा होती रही है। पीपल, बरगद के वृक्षों को तो सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है। वहीं #विवाह की रस्मों का भी एक विशेष वृक्ष #गूलर गवाह बनता है। गूलर के पेड़ की लकड़ी और पत्तियों से विवाह का मंडप बनता है। इसकी लकड़ी से बने पाटे […]

‘बरगद’ के चित्रों में झलका प्राकृतिक सौंदर्य

‘बरगद’ के चित्रों में झलका प्राकृतिक सौंदर्य

पर्यावरण संक्षरण के लिए दुनियाभर में शनिवार को #पृथ्वी_दिवस मनाया जाएगा। ऐसे में एक #चित्रकार ने अपनी कला के केंद्र में #बरगद_वृक्ष को रखकर सूर्योदय और सूर्यास्त के दौरान इसके सौंदर्य को उकेरा है। नई दिल्ली में शुरू हुई कला प्रदर्शनी में संरक्षण, कलातीत एवं सभ्यागत पुरातनता का प्रतीक माने जाने वाले बरगद के वृक्ष […]

हाजीपुर का ‘नवग्रह कुआं’ बना आस्था का केंद्र

हाजीपुर का ‘नवग्रह कुआं’ बना आस्था का केंद्र

आपने वैसे तो कई कुओं की पूजा होती देखी होगी, लेकिन बिहार के वैशाली जिला मुख्यालय #हाजीपुर में एक ऐसा कुआं भी है, जहां लोग #नौ_ग्रहों के प्रभाव से शांति के लिए पूजा करने आते हैं। मान्यता है कि इस कुआं में मात्र स्नान करने और इसका जलग्रहण करने से ही सभी ग्रहों के दोष […]

नव-संवत्सर : ऋतुओं के लेखा-जोखा की असाधारण पद्धति

नव-संवत्सर : ऋतुओं के लेखा-जोखा की असाधारण पद्धति

संवत्सर एक तरह से समय को कालखंड में विभाजित करने की पद्धति है, यानी बारह महीने का एक पूरा काल-चक्र। यह पद्धति सबसे पहले भारत में ही प्रारंभ की गई। वास्तव में यह विभिन्न ऋतुओं का वो हिसाब-किताब है जो सूर्य और पृथ्वी के अंर्तसंबंधों के कारण घटित होता है। संवत्सर असाधारण है। माना जाता […]

इन सभी नवरात्रों में चैत्र नवरात्र का है बहुत महत्व

इन सभी नवरात्रों में चैत्र नवरात्र का है बहुत महत्व

देवी भागवत पुराण के अनुसार पूरे वर्ष में चार #नवरात्र होते हैं। दो गुप्त, तीसरे शारदीय और चौथे #चैत्र_नवरात्र। अमूमन लोग #गुप्त_नवरात्र के बारे में कम ही जानते हैं। साल में दो बार होने वाले शारदीय और चैत्र नवरात्र के बारे में ज्यादातर लोगों की जानकारी होती है। चारों नवरात्र का मकसद और मान्यताएं अलग-अलग […]

मुसलमान क्यों मनाते हैं नौरोज

मुसलमान क्यों मनाते हैं नौरोज

मुसलमान नए साल के तौर पर #नौरोज इसलिए मनाते हैं कि इस्लामी कैलेंडर का पहला महीना तो वैसे मोहर्रम है, लेकिन इस महीने में मोहम्मद-ए-मस्तफा (स.व.स.) के नाती हजरत इमाम हुसैन (अ.स.) को कर्बला में परिवार व दोस्तों के साथ तीन दिन के प्यासे को शहीद कर दिया गया था। वह मोहर्रम के महीने की […]

आंगन से क्यों गायब हो रही नन्ही गौरैया

आंगन से क्यों गायब हो रही नन्ही गौरैया

विज्ञान और विकास के बढ़ते कदम ने हमारे सामने कई चुनौतियां भी खड़ी की हैं, जिससे निपटना हमारे लिए आसान नहीं है। विकास की महत्वाकांक्षी इच्छाओं ने हमारे सामने पर्यावरण की विषम स्थिति पैदा की है, जिसका असर इंसानी जीवन के अलावा पशु-पक्षियों पर साफ दिखता है। इंसान के बेहद करीब रहने वाली कई प्रजाति […]

कामदेव को होली के ही दिन मिला था पुनर्जन्म

कामदेव को होली के ही दिन मिला था पुनर्जन्म

रंगों का त्योहार होली हर साल फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। प्रेम और सद्भावना से जुड़े इस त्योहार में सभी धर्मो के लोग आपसी भेदभाव भुलाकर जश्न के रंग में रंग जाते हैं। होली को मनाए जाने को लेकर कई किंवदंतियां हैं। एक मान्यता के अनुसार चैत्र कृष्ण प्रतिपदा के दिन धरती […]

सीता मंदिर में मन्नत पूरी होने पर नचाई जाती हैं बेड़नियां

सीता मंदिर में मन्नत पूरी होने पर नचाई जाती हैं बेड़नियां

रंगपंचमी के मौके पर मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले के करीला में स्थित #सीता_मंदिर का नजारा ही जुदा होता है। यहां लाखों लोगों की मौजूदगी में मन्नत पूरी होने पर श्रद्धालु बेड़नियों का नाच कराते हैं। #रंगपंचमी शुक्रवार को है। करीला मंदिर समिति के अध्यक्ष महेंद्र यादव ने आईएएनएस को बताया है कि रंगपंचमी के […]

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