स्वीटनर से बढ़ जाता है मधुमेह का खतरा

स्वीटनर से बढ़ जाता है मधुमेह का खतरा

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मधुमेह के रोगी एवं मोटापा से जूझ रहे अथवा इससे कोसों दूर रहने के इरादे से अपने खान पान में स्वीटनर का उपयोग करने वाले लोगों को मायूस करने वाली खबर है कि यह चीनी से कहीं अधिक खतरनाक है। इससे मधुमेह और मोटापे की चपेट में आने का खतरा कई गुणा बढ़ जाता है।

इजरायल के वेइजमन इंस्टीटयूट ऑफ साइंस के वैज्ञानिकों टीम की रिपोर्ट ‘नेचर’ पत्रिका में बुधवार को प्रकाशित हुयी है। वैज्ञानिकों ने चूहों और इंसानों पर परीक्षण करके इस बात का निष्कर्ष निकाला है कि चीनी के विकल्प के रूप के इस्तेमाल किये जाने वाले स्वीटनर के उपयोग से मधुमेह और मोटापा का खतरा कई गुणा बढ़ जाता है।

टीम के महत्वपूर्ण समस्य डॉ. ग्रान ईलिनव के अनुसार, हमने परीक्षण में पाया कि मधुमेह के रोगियों और मोटापा से परेशान तथा स्वास्थ्य के प्रति जागरुक रहने वाले लोगों द्वारा धड़ल्ले से उपयोग किये जाने वाले स्वीटनर का प्रभाव बिल्कुल विपरीत है। हमने परीक्षण के दौरान पाया कि इससे खून में ग्लूकोज़ का स्तर बढ़ जाता है जबकि हम अपने खाद्य पदार्थों में इसका उपयोग इसलिये करते हैं कि ग्लूकोज़ का स्तर नियंत्रण में रहे।

उन्होंने कहा परीक्षण के दौरान पाया गया कि चीनीयुक्त अथवा सादे पानी पर रखे गये चूहों का ग्लूकोज का स्तर स्वीटनर मिलाये हुए पानी पर रखे गये चूहों की तुलना में कम था। इसके बाद इसी तरह का परीक्षण इंसानों पर भी किया गया जिसका नतीजा भी स्वीटनर उपयोग करने वालों के लिये निराशजनक रहा।

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