स्टडी के साथ स्किल

स्टडी के साथ स्किल

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हायर स्टडीज के साथ-साथ अगर आप जॉब मार्केट की रिक्वॉयरमेंट के अनुसार अपनी स्किल भी डेवलप करने पर ध्यान देते हैं, तो पढ़ाई पूरी करने के बाद आप नौकरी को नहीं, बल्कि नौकरी आपको ढूंढ़ेगी। कैसे बढ़ें इस राह पर आगे, बता रहे हैं अरुण श्रीवास्तव..

हरियाणा के महेंद्र कुमार जब बीटेक (मैकेनिकल) के तीसरे वर्ष में थे, तब सिर्फ क्लासरूम की पढ़ाई से संतुष्ट नहीं थे। वह ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग में रुचि रखते थे। वह कुछ नया और सार्थक करना चाहते थे, जिससे उन्हें अच्छी नौकरी पाने में मदद मिले। इस बारे में उन्होंने अपने दोस्तों और टीचर्स से भी सलाह-मशविरा किया। इसी दौरान उन्हें एक सीनियर काउंसलर से संपर्क करने का मौका मिला। उन्होंने महेंद्र को सलाह दी कि अगर वह पढ़ाई के साथ-साथ कुछ और करना चाहते हैं, तो उन्हें अपनी प्रोफेशनल स्किल को निखारने का प्रयास करना चाहिए। इस दिशा में उन्हें सबसे पहले अपने शहर में या आस-पास स्थित ऑटोमोबाइल कंपनियों के सर्विस सेंटर पर संपर्क करके इंजीनियरिंग के हुनर सीखने चाहिए, यह परवाह किए बिना कि इससे उनके हाथ या कपड़े काले हो जाएंगे। इस सलाह पर अमल करते हुए महेंद्र ने कंपनियों से संपर्क करने का सिलसिला शुरू कर दिया। उन्हें तब सुखद आश्चर्य हुआ, जब पहली कंपनी में ही संपर्क करने पर उनके पैशन को देखते हुए उन्हें तकनीकी काम सीखने के लिए रख लिया गया। चूंकि वह बेहद लगनशील और मेहनती थे, इसलिए एक ही महीने में उन्होंने बहुत-सी बारीकियां सीख लीं। हालांकि इसके बाद उन्होंने फिर काउंसलर से आगे की राह जाननी चाही, तो उन्होंने किसी और कंपनी के सर्विस सेंटर पर संपर्क कर दूसरे ब्रांड की गाड़ियों की तकनीक को जानने की सलाह दी। इस तरह से महेंद्र ने तीन-चार कंपनियों के सेंटर पर काम समझ और सीख लिया। इस दौरान इन तमाम जगहों पर इंजीनियर्स और सुपरवाइजर्स से उनकी अच्छी जान-पहचान हो गई। जब एक साल बाद उनका कोर्स पूरा हुआ, तो इनमें से लगभग सभी ने उन्हें अपने यहां जॉब ऑफर कर दिया।

स्किल बिना, सब सूना

आज के समय में जब हर तरफ अपडेटेड स्किल की मांग है, ऐसे में सिर्फ कोर्स पूरा कर लेना और डिग्री हासिल कर लेना ही मनपसंद जॉब पाने की गारंटी नहीं हो सकता। इसके लिए जरूरी है कि आप पढ़ाई के साथ-साथ अपने पसंदीदा क्षेत्र में एंट्री के लिए जरूरी स्किल को सीखते-अपडेट करते रहें। ऐसा न करने की स्थिति में आप करियर की रेस में पीछे छूट सकते हैं। इसलिए पहले से सचेत रहें।

डिमांड में स्किल

आज एमएनसी से लेकर हर छोटी-बड़ी कंपनी में विशेषज्ञता वाले लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है। इंडस्ट्री से जुड़े लोग बार-बार इस बात पर चिंता जता रहे हैं कि हमारे ग्रेजुएट्स में वह अपेक्षित स्किल नहीं है, जिसकी बदौलत उन्हें नौकरी दी जा सके। इसके बावजूद आइआइटी, आइआइएम और देश के कुछ टॉप संस्थानों को छोड़कर अधिकांश कॉलेजों, विश्वविद्यालयों व संस्थानों में स्किल डेवलपमेंट पर खास ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसके अलावा, इंडस्ट्री से इंटरैक्शन या पर्याप्त संख्या में इंडस्ट्री के एक्सप‌र्ट्स को भी कॉलेजों में बुलाने पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। सवाल यह है कि फिर स्टूडेंट इस समस्या से पार पाने के लिए क्या करें?

जहां चाह, वहां राह

आप में से कई लोग यह कह सकते हैं कि जहां स्टडी कर रहे हैं, वहां तो कॉलेज के अलावा, दूसरा कोई विकल्प ही नहीं है। कॉलेज में केवल किताबी पढ़ाई और एग्जाम पास करने पर ही जोर दिया जाता है। एक पुरानी कहावत है कि ‘जहां चाह, वहां राह’, यानी अगर आप ईमानदारी से कोशिश करेंगे, तो कोई न कोई रास्ता अवश्य निकल आएगा। अगर आप महानगर या किसी बड़े शहर में या उसके करीब नहीं रहते, तो भी प्रयास कर सकते हैं। अगर आप ढूंढ़ेंगे, तो आस-पास के कस्बे या शहर में कोई न कोई ऐसा केंद्र जरूर मिल जाएगा, जहां आप जरूरी प्रैक्टिकल ट्रेनिंग हासिल कर सकते हैं। अगर यह भी उपलब्ध न हो, तो आप छुट्टियों में नजदीक के किसी बड़े शहर में इसकी खोज कर सकते हैं। इससे पहले अपने जानकारों, इंटरनेट या सोशल साइट की मदद से अपने सर्च अभियान को आगे बढ़ा सकते हैं। कोई न कोई मंजिल तो मिलेगी ही।

एक क्लिक पर नॉलेज

अगर उपरोक्त में से कोई हल न निकल सके, तो आज के समय में सबसे बड़ा उपाय है इंटरनेट। आज जबकि टूजी से लेकर थ्रीजी तक की सुविधा मोबाइल फोन पर उपलब्ध है, ऐसे में आप बेकार की चैटिंग या सोशल साइट पर वक्त जाया करने की बजाय नेट का इस्तेमाल स्किल सीखने और उसे अपडेट करने में कर सकते हैं। इंटरनेट की दुनिया बहुत बड़ी है और इस पर आज के समय में हर तरह की जानकारी उपलब्ध है। इसका सही तरीके से उपयोग करेंगे, तो आपके पास जानकारी का खजाना इकट्ठा हो सकता है।

पॉजिटिव एटीट्यूड भी जरूरी

स्किल डेवलपमेंट की राह पर चलते समय इतना जरूर ध्यान रखें कि दूसरों से सीखना है, तो अपने स्वभाव को हर हाल में विनम्र रखना होगा। दूसरों से अच्छा व्यवहार करके ही आप उनसे हर तरह का सहयोग ले सकते हैं। पॉजिटिव एटीट्यूड और मधुर व्यवहार के साथ आपको कहीं भी एंट्री पाने में आसानी होगी।

सीखें भी, सिखाएं भी

जीवन में सीखने की प्रक्रिया कभी खत्म नहीं होती। आप कभी यह न सोचें कि आपने हर तरह का ज्ञान हासिल कर लिया है। आप पूर्ण ज्ञानी हो चुके हैं और अब सीखने के लिए कुछ नहीं बचा है। नॉलेज बढ़ने के साथ आप खुद को विनम्र रखें और जो लोग सीखना चाहते हैं, उनसे अपनी नॉलेज बांटते रहें। इससे आपके ज्ञान का प्रसार तो होगा ही, आपके साथ-साथ दूसरों की तरक्की के रास्ते भी खुलेंगे।

* सिर्फ किताबी पढ़ाई पर फोकस रहने की बजाय अपनी पसंद के क्षेत्र में जरूरी स्किल को निखारने पर भी ध्यान दें।

* अपने समय का उचित प्रबंधन करके जॉब मार्केट के मुताबिक जरूरी प्रैक्टिकल नॉलेज हासिल करें।

* अपनी स्किल को वक्त के साथ अपडेट भी करते रहें, ताकि आप हमेशा आगे रहें।

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