साइबर सिक्योरिटी एवं एल्गो टेªडिंग कैरियर के नये विकल्प

साइबर सिक्योरिटी एवं एल्गो टेªडिंग कैरियर के नये विकल्प

आज के आधुनिक एवं वैश्वीकरण के युग में सूचना क्रांति, आम लोगों की जिंदगी में अहम भूमिका निभा रही है। प्रबंधन एवं सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में साइबर सिक्योरिटी एवं एल्गो-टेªेडिंग एक नये अवसर के रूप में उभर कर आ रही है। साइबर फोर्ट, सूचना, सुरक्षा तथा विŸाीय प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में प्रशिक्षण देने वाली एक प्रशिक्षण संस्था है। साइबर फोर्ट संस्था का उद्घाटन नई दिल्ली में आयोजित विश्व-शिक्षा सम्मेलन 2013 के दौरान, दुनिया भर के जाने-माने शिक्षाविद्ों की उपस्थिति में किया गया। साइबर फोर्ट प्ैव् 9001रू2008ए प्ैव्27001रू2005ए प्।iadl uk , usadla, का एक मान्यता प्राप्त सदस्य है। साइबर फोर्ट के सूचना तथा विŸाीय प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उच्च गुणवŸाा वाले स्नातक/स्नातकोŸार और डिप्लोमा सर्टिफिकेट कोर्स प्रदान करने के लिये संस्था, महात्मा गांधी विश्वविद्यालय ;MGU तथा EC-COUNCIL (साइबर सुरक्षा के लिये दुनिया का सबसे बड़ा प्रमाणन निकाय) के साथ संबद्ध है।
सूचना एवं सुरक्षा के क्षेत्र में रोजगार की असीम संभावनाएँ हंै। इस क्षेत्र में 11 फीसदी प्रतिवर्ष रोजगार बढ़ने की उम्मीद है। अमेरिका में इस क्षेत्र के रोजगारों को प्रतिवर्ष 80 हजार यूएस डाॅलर का औसत वेतन दिया जाता है। भारत में इस क्षेत्र में प्रतिवर्ष 2 से 3 लाख पैकेज दिये जाने की उम्मीद है। आम तौर पर इस क्षेत्र में कुशल कर्मचारियों की अधिक माँग की वजह से 2 साल के भीतर वेतन दुगूना हो जाने का अनुमान है। एक सर्वे के मुताबिक भारत वर्ष में 2015 तक कम से कम 5 लाख साइबर सुरक्षा कर्मचारियों की जरूरत होगी। पर वर्तमान में भारत में मात्र 556 साइबर सुरक्षा के एक्सपर्ट हैं जो कुल माँग का मात्र 0.5 प्रतिशत है। हाल-फिलहाल में प्रधानमंत्री द्वारा इस क्षेत्र में 1 हजार करोड़ निवेश करने का प्रस्ताव दिया गया है।
कंपनी के प्रेसिडेंट अमित कुमार ने बताया कि ज्ञमेचमतेालष्े ने एक सूची तैयार की जिसमें सबसे ज्यादा साइबर अटैक होने की संभावनाओं में भारत को नौवें स्थान पर रखा गया है। जबकि भारत में साइबर एक्सपर्टस की संख्या न्यूनतम है। एक सरकारी अनुमान के आधार पर विगत तीन महीनों में 1000 सरकारी वेबसाइट को हैक किया गया। सरकार द्वारा वेबसाइट्स के हैक होने पर च्तवमिेेपवदंसे को बुलवाकर उसे ठीक करवाते हैं। सरकार को साइबर सिक्योरिटी कोर्स को बढ़ावा देना चाहिए। हाल ही में किये गए एक अध्ययन के अनुसार 5.39 मिलियन लोकल डंसूंतम भारतीय कम्प्यूटर में पाया गया। जिस तरह बच्चों को बिमारी से बचने के लिये वैक्सीन दिया जाता है, उसी तरह साइबर अटैक से बचने के लिये साइबर सिक्योरिटी कोर्स का ज्ञान, वैक्सीन की तरह हर कम्प्यूटर चलाने वाले लोगों को होना चाहिए। साइबर फोर्ट अगले विŸाीय वर्ष में लगभग 1000 च्तवमिेेपवदंसे को पूरे भारतवर्ष में साइबर सिक्योरिटी पर प्रशिक्षण देने का कार्य कर रही है।
सूचना एवं सुरक्षा के क्षेत्र में रोजगार की असीम संभावनाओं को देखते हुए साइबर फोर्ट संस्था, अक्तूबर 2013 से सुरक्षा से संबंधित नये कोर्सों का शुुभारंभ करने जा रही है जो इस प्रकार हैः-
1. साइबर फोर्ट में बच्चों को आॅनलाइन एजुकेशन देने के लिये wiziq अमेरिका के साथ मिलकर साइबर सुरक्षा तथा वित्तीय तकनीक के बारे मंे जानकारी दी जाएगी
2. साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में संस्था, एमबीए, बीबीए, बीसीए, डिप्लोमा कोर्स तथा सार्टिफिकेट कोर्स आरंभ करने जा रही है।
इसके अतिरिक्त संस्था एल्गो-टेªडिंग करने जा रही है। यह एक कम्प्यूटर-चलित टेªडिंग प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से तीव्र वेग से शेयरों की खरीद-फरोख्त करते हैं। भारत में BSE (बाॅम्बे स्टाॅक एक्सचेंज) एवं छैम् (नेशनल स्टाॅक एक्सचेंज) में एल्गो-टेªडिंग के द्वारा 16 से 17 फीसदी की टेªडिंग होती है, जो 2015 तक 60-70 फीसदी होने की संभावना है। इस कारण एल्गो- टेªडिंग विशेषज्ञों की माँग कई गुणा बढ़ जाएगी। इसके अलावा मुद्रिका डाॅट काॅम के साथ 6 महीने की एल्गो- टेªडिंग की डिप्लोमा कराने की सुविधा संस्था द्वारा दी जा रही है। डबज्ञपदेमल ने अपने अध्ययन में बताया कि भारतवर्ष में 2020 में निजि क्षेत्र में 1 मिलियन से अधिक जाॅब की संभावनाएँ हैं। बिहार, झारखंड एवं बंगाल के तकनीकी शिक्षा को बढ़ाने के उद्देश्य से साइबर फोर्ट ने एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। इन सारे कोर्सों के माध्यम से रोजगार के नवीनतम अवसरों को प्राप्त करने का एक सराहनीय प्रयास है। ऐसी जानकारी साइबर फोर्ट के प्रेसिडेंट अमित कुमार ने दी।

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