राजगीर में बनेगा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा : सुषमा

राजगीर में बनेगा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा : सुषमा

susma

राजगीर (नालंदा): विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने शुक्रवार को यहां नालंदा अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय के शैक्षणिक सत्र का औपचारिक उद्घाटन किया. इस मौके पर उन्होंने नालंदा विवि की पुनस्र्थापना को पूर्वी एशियाई देशों के पुनर्जागरण की शुरुआत बताया. साथ ही उन्होंने राजगीर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनाने की घोषणा की. विदेश मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार नालंदा विवि के विकास के लिए प्रतिबद्ध है. विवि के भवन निर्माण के लिए केंद्र सरकार ने 2727 करोड़ रुपये उपलब्ध कराये हैं. यह राशि अगले 10 वर्षोमें खर्च की जायेगी. विवि के भवन का डिजाइन बहुत ही सुंदर बना  है. फिलहाल यह दो स्कूल हिस्टोरिकल स्टडीज और इकोलॉजी एंड इन्वायरमेंटल स्टडीज की शुरुआत हुई है. यहां सात स्कूल चालू होंगे, जो धीरे-धीरे होगा.

राजगीर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनाने और बुद्ध, जैन सहित अन्य सर्किटों के विकास की मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी मांग पर सहमति प्रकट करते हुए विदेश मंत्री श्रीमती स्वराज ने कहा कि यह एक अच्छा प्रस्ताव है. केंद्र सरकार इस पर अमल करेगी. नालंदा यूनिवर्सिटी बन जाने पर यहां देशी-विदेशी पर्यटकों के आने का सिलसिला बढ़ जायेगा. हवाई अड्डा बनने से यहां आनेवाले पर्यटकों को सुविधा होगी. अभी यहां आने के लिए हवाई मार्ग से पटना आना पड़ता है. फिर वहां से सड़क से राजगीर आना पड़ता है. नालंदा में अंतरराष्ट्रीय स्तर का हवाई अड्डा होने पर बिहार व नालंदा को अंतरराष्ट्रीय जगत से जोड़ने की शुरुआत होगी.

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज सहित विभिन्न देशों के आये प्रतिनिधि का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि  825 वर्ष पूर्व के प्राचीन नालंदा यूनिवर्सिटी अब मूर्त रूप लेने लगा है. उन्होंने कहा कि राजगीर में हवाई अड्डा निर्माण के लिए 1500 एकड़ जमीन की व्यवस्था कर ली गयी है. उन्होंने कहा कि नालंदा यूनिवर्सिटी के साथ-साथ तक्षशिला, विक्रमशिला विश्वविद्यालय के विकास का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने इस कार्य में केंद्र सरकार से सहयोग की अपील की.

समारोह को नालंदा विवि की कुलपति डॉ गोपा सबरवाल, विदेश मंत्रलय में इस्ट जोन के सचिव अनिल कुमार वधवा आदि ने भी संबोधित किया. डॉ गोपा सबरवाल ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और बिहार के मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी को शॉल भेंट की, जबकि राजगीर के विधायक एसएन आर्य ने विदेश मंत्री को शॉल और मोमेंटो दिया. इसके पूर्व विदेश मंत्री हेलीकॉप्टर से पटना से दोपहर 12 बजे राजगीर के लाल किला मैदान में पहुंची. उनके साथ पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी और ग्रामीण कार्य एवं संसदीय कार्य मंत्री श्रवण कुमार भी थे. हेलीकॉप्टर से उतरने के बाद वह यूनिवर्सिटी के निर्माण स्थल को देखने पिलखी गांव पहुंचीं. वहां पर उन्होंने पीपल व बोधि वृक्ष का रोपण किया. मालूम हो कि एक सितंबर को दो विषयों-हिस्टोरिकल स्टडीज और इकोलॉजी एंड इन्वायरमेंटल स्टडीज की पढ़ाई शुरू हुई थी.

विरोध में एक वोट भी नहीं पड़ा
विदेश मंत्री ने कहा कि 2007 में बिहार विधानसभा ने नालंदा यूनिवर्सिटी को बनाने का प्रस्ताव पारित किया था. इसके बाद देश भर का ध्यान इस ओर गया. विदेश मंत्रलय ने इस प्रस्ताव को अपना लिया और इसे विश्व स्तर का यूनिवर्सिटी बनाने के लिए संसद में एक बिल पेश किया गया. उन्होंने कहा कि आज लोगों को यह जान कर आश्चर्य होगा कि संसद में पेश इस बिल के विरोध में एक भी वोट नहीं पड़ा.

 

 

You must be logged in to post a comment Login