यूपी, बि‍हार और झारखंड में बढ़ेगा पावर कट

यूपी, बि‍हार और झारखंड में बढ़ेगा पावर कट
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नई दि‍ल्‍ली। देश में बिजली संकट लगातार बढ़ता ही जा रहा है। दूसरी ओर पावर प्लांट की इकाइयां ठप होने से बिजली उत्पादन गिरता जा रहा है। ऐसे में बिजली कटौती की मार जनता को झेलनी पड़ रही है। यूपी, बि‍हार और झारखंड समेत कई राज्‍यों में बि‍जली का उत्‍पादन गि‍रता जा रहा है। पि‍छले साल के मुकाबले (1 अप्रैल 2014 से 31 मार्च 2015) तक ज्‍यादा बि‍जली कटौती की संभावना है। केंद्रीय वि‍द्युत प्राधि‍करण (सीईए) ने रि‍पोर्ट में कहा है कि‍ इस साल देश में बि‍जली की कमी 5 फीसदी कम है जबकि‍ पि‍छले साल बि‍जली की मांग और आपूर्ति‍ में सि‍र्फ 4.5 फीसदी का फर्क था।
राज्‍यों में बि‍जली उत्‍पादन में गिरावट
  • सीईए की रि‍पोर्ट में कहा गया है कि‍ यूपी, बिहार और झारखंड में 2014-15 में इस साल मांग और आपूर्ति‍ में 14.8 फीसदी का अंतर रहेगा। पि‍छले साल यह अंतर 14 फीसदी था।
  • बि‍हार में बि‍जली की स्‍थि‍ति‍ और भी खराब रहने की संभावना है। बि‍हार में इस साल 15.3 फीसदी बि‍जली की कमी रह सकती है।
  • रि‍पोर्ट के मुताबि‍क, झारखंड में 11.1 फीसदी की कमी करने की उम्‍मीद है। पि‍छले साल यह कमी मात्र 4.1 फीसदी ही थी।
यूपी में बंद हो चुकी 2 यूनि‍ट
  • राज्य विद्युत उत्पादन निगम की एक और इकाई में उत्पादन ठप हो गया। अनपरा की 500 मेगावॉट की एक यूनिट का ट्रांसफार्मर फट गया। जिसकी वजह से उत्पादन पूरी तरह से ठप हो गया।
  • अचानक 500 मेगावाट उत्पादन घट जाने की वजह से पावर कॉरपोरेशन को भारी कटौती करनी पड़ रही है।
  • पांच से छ घंटे से ज्यादा की कटौती करनी पड़ रही है। गौरतलब है कि पिछले महीने ही अनपरा की 500 मेगावाट की यूनिट भी ट्रांसफार्मर फट जाने की वजह से पिछले एक महीने से बंद चल रही है। अब 500 मेगावाट की एक और यूनिट ठप हो गई है।
  • पावर कॉरपोरेशन के अधिकारियों का कहना है कि इस यूनिट के दोबारा चलने में कम से कम एक महीने का समय लगेगा।
खत्‍म हो रहा है कोयला
  • बिजली मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, 30 जुलाई 2014 तक 46 ताप बिजली संयंत्रों में सात दिनों से कम का कोयला भंडार था जिनमें से 23 संयंत्रों में 4 दिनों के कम अवधि की जरूरत पूरा करने का ही स्टाक था।
  • कोयला की कमी वाले संयंत्रों में इंदिरा गांधी सुपर थर्मल पावर प्लांट, हरियाणा, राजपुरा ताप बिजली संयंत्र और रोपड बिजली संयंत्र, सुरतगढ ताप बिजली संयंत्र आदि प्रमुख हैं।
  • गोयल ने कहा कि बिजली क्षेत्र को कोयले की आपूर्ति की निगरानी के लिए सरकार ने एक उप समूह गठित किया है जिसमें बिजली और कोयला मंत्रालयों के प्रतिनिधि शामिल हैं।

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